अलवर | राजस्थान के अलवर, नीमराणा और भिवाड़ी के 37 औद्योगिक क्षेत्रों में सुविधाओं के विस्तार की बड़ी तैयारी शुरू हो गई है। उद्योगों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए यहाँ ई-बसें और नए कॉरिडोर बनाए जाएंगे।
अलवर-भिवाड़ी में औद्योगिक क्रांति: अलवर-भिवाड़ी में चलेंगी ई-बसें, बनेंगे औद्योगिक कॉरिडोर
अलवर, नीमराणा और भिवाड़ी के 37 औद्योगिक जोन में ई-बसें और कॉरिडोर बनाने की बड़ी योजना।
HIGHLIGHTS
- अलवर, नीमराणा और भिवाड़ी के 37 औद्योगिक क्षेत्रों में ई-बसों का संचालन शुरू होगा।
- नीमराणा से काठ्वास तक 200 फीट चौड़ा नया ट्रांसपोर्टेशन कॉरिडोर बनाया जाएगा।
- भिवाड़ी में 50 ई-बसें चलेंगी और उद्योगों के लिए एसटीपी से पानी की आपूर्ति होगी।
- औद्योगिक क्षेत्रों में सफाई के लिए रोड स्वीपिंग मशीनें और ऑटो टिपर लगाए जाएंगे।
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औद्योगिक बुनियादी ढांचे का विस्तार
हाल ही में केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र यादव और मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास के बीच हुई बैठक में इन महत्वपूर्ण सुविधाओं पर सहमति बनी है।
अलवर के मत्स्य औद्योगिक क्षेत्र (MIA) में वर्तमान में 11 औद्योगिक जोन हैं, जहाँ लगभग 1150 उद्योग सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं।
यहाँ सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए विशेष ऑटो टिपर और रोड स्वीपिंग मशीनें लगाई जाएंगी, जो 65 किमी लंबी सड़कों को साफ रखेंगी।
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ये ऑटो टिपर शहर में चलने वाले सामान्य टिपरों से अलग होंगे और औद्योगिक कचरे के प्रबंधन में भी मदद करेंगे।
नीमराणा और भिवाड़ी के लिए विशेष कॉरिडोर
नीमराणा में 13 औद्योगिक जोन हैं, जहाँ उद्यमियों ने नीमराणा से काठ्वास तक 200 फीट चौड़े कॉरिडोर की मांग की है।
इस कॉरिडोर के बनने से माल का परिवहन सुगम होगा और भिवाड़ी से नीमराणा की कनेक्टिविटी भी काफी बेहतर हो जाएगी।
ऊँची औद्योगिक इमारतों में आग बुझाने के लिए 20 करोड़ रुपये की लागत से एक आधुनिक हाइड्रोलिक फायर टेंडर मशीन खरीदी जाएगी।
आगजनी की घटनाओं के दौरान एनडीआरएफ की टीम जयपुर से बुलानी पड़ती है, इसलिए अब यहाँ एसडीआरएफ प्लाटून की तैनाती होगी।
"इन सुविधाओं के जरिए उद्योगों को नए पंख लग सकेंगे और पानी की समस्या दूर करने के लिए नई टंकियों की सख्त जरूरत है।" - मनोज गुप्ता, अध्यक्ष, मत्स्य उद्योग संघ
भिवाड़ी में ई-बस और कनेक्टिविटी
भिवाड़ी के 13 औद्योगिक जोन में करीब 7 हजार उद्योग कार्यरत हैं, जिन्हें 50 नई ई-बसों के संचालन का सीधा लाभ मिलेगा।
ये बसें श्रमिकों और आम जनता के लिए औद्योगिक क्षेत्रों से शहर तक परिवहन को बेहद सुगम और सस्ता बनाएंगी।
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे से भिवाड़ी की सीधी कनेक्टिविटी के लिए एक नए बायपास के निर्माण की योजना पर भी काम चल रहा है।
क्षेत्र में एसटीपी के माध्यम से उपचारित पानी का उपयोग उद्योगों में किया जाएगा, जिससे भूजल पर निर्भरता और पानी की किल्लत दूर होगी।
विकास और रोजगार पर प्रभाव
इन योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन से न केवल औद्योगिक उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि क्षेत्र के हजारों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
आधारभूत सुविधाओं में सुधार से राजस्थान का यह औद्योगिक बेल्ट आने वाले समय में देश के प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में उभरेगा।
सरकार के इन प्रयासों से अलवर, नीमराणा और भिवाड़ी के औद्योगिक परिदृश्य में एक बड़े और सकारात्मक बदलाव की उम्मीद जताई जा रही है।
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