गणपत सिंह हत्याकांड: देवल ने CM को भेजा ज्ञापन: गणपत सिंह हत्याकांड: पूर्व विधायक देवल ने CM को ज्ञापन भेजकर की खुलासे की मांग

जालोर (Jalore) के मांडोली (Mandoli) निवासी गणपत सिंह (Ganpat Singh) हत्याकांड के खुलासे की मांग को लेकर रानीवाड़ा (Raniwara) के पूर्व विधायक नारायणसिंह देवल (Narayan Singh Dewal) ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा (Chief Minister Bhajanlal Sharma) और पुलिस महानिदेशक राजीव शर्मा (Director General of Police Rajiv Sharma) को ज्ञापन भेजा है। परिवार 15 माह से न्याय की प्रतीक्षा में भूख हड़ताल पर है।

पूर्व विधायक नारायणसिंह देवल

जालोर: जालोर (Jalore) के मांडोली (Mandoli) निवासी गणपत सिंह (Ganpat Singh) हत्याकांड के खुलासे की मांग को लेकर रानीवाड़ा (Raniwara) के पूर्व विधायक नारायणसिंह देवल (Narayan Singh Dewal) ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा (Chief Minister Bhajanlal Sharma) और पुलिस महानिदेशक राजीव शर्मा (Director General of Police Rajiv Sharma) को ज्ञापन भेजा है। परिवार 15 माह से न्याय की प्रतीक्षा में भूख हड़ताल पर है।

जालोर जिले में मांडोली निवासी गणपत सिंह हत्याकांड को लेकर जनता का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। इस जघन्य अपराध को हुए पंद्रह महीने से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन अब तक न तो अपराधियों की गिरफ्तारी हुई है और न ही पुलिस इस मामले का खुलासा कर पाई है। न्याय की आस में पीड़ित परिवार ने अब भूख हड़ताल का सहारा लिया है, जिससे क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है। स्थानीय लोगों में पुलिस प्रशासन के प्रति गहरा असंतोष देखा जा रहा है, क्योंकि बार-बार आश्वासन मिलने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

पूर्व विधायक देवल ने मुख्यमंत्री को भेजा विस्तृत ज्ञापन

इसी बीच, रानीवाड़ा के पूर्व विधायक और भाजपा के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष नारायणसिंह देवल ने इस मामले में तत्काल और प्रभावी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और पुलिस महानिदेशक राजीव शर्मा को एक विस्तृत ज्ञापन भेजा है, जिसमें मामले की गंभीरता और जनभावनाओं का उल्लेख किया गया है। देवल ने ज्ञापन के माध्यम से दोषियों की तुरंत गिरफ्तारी और हत्याकांड के शीघ्र खुलासे के लिए कड़े निर्देश जारी करने की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक अपराधियों को पकड़ा नहीं जाता, तब तक जनता का विश्वास बहाल नहीं होगा और कानून व्यवस्था पर सवाल उठते रहेंगे।

देवल ने बताया कि वे कुछ निजी कार्यों के चलते पिछले कई दिनों से जालोर से बाहर थे, लेकिन इस संवेदनशील मामले पर उनकी पूरी नजर बनी हुई है। उन्होंने आश्वस्त किया कि जैसे ही वे जालोर लौटेंगे, वे सीधे धरना स्थल पर पहुंचकर पीड़ित परिवार से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात करेंगे और उन्हें हर संभव सहायता का भरोसा दिलाएंगे। उन्होंने इस गंभीर प्रकरण को लेकर जालोर पुलिस अधीक्षक से भी दूरभाष पर बातचीत कर अपनी गहरी चिंता व्यक्त की और मामले में तेजी लाने, साथ ही दोषियों को जल्द से जल्द पकड़ने का आग्रह किया। देवल ने कहा कि पुलिस को इस मामले को प्राथमिकता के आधार पर देखना चाहिए।

न्याय के लिए भूख हड़ताल पर विवश परिवार

नारायणसिंह देवल ने अपने ज्ञापन (क्रमांक RNW/JPR/1457 दिनांक 19.11.2025) में इस बात पर जोर दिया है कि गणपत सिंह पुत्र रण सिंह राजपूत की हत्या को 15 महीने से भी ज्यादा समय हो गया है। 28 अगस्त 2024 को हुए इस निर्मम और नृशंस हत्याकांड के बाद से परिवार न्याय के लिए दर-दर भटक रहा है, लेकिन उन्हें सिर्फ निराशा ही हाथ लगी है। पुलिस की निष्क्रियता और मामले को सुलझाने में हो रही देरी से थक हार कर, स्वर्गीय गणपत सिंह की पत्नी, उनकी 80 वर्षीय वृद्ध माताजी, और उनके दोनों छोटे बच्चे सहित परिवार के अन्य सदस्य 17 नवंबर 2025 से जालोर जिला कलेक्टर कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। यह स्थिति प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

आज उनकी भूख हड़ताल का तीसरा दिन है और वृद्ध मां, पत्नी और दो छोटे बच्चों की सेहत तेजी से बिगड़ रही है। उनकी गिरती हुई तबीयत को देखकर आमजन में भारी आक्रोश फैल रहा है और लोग सड़कों पर उतरने को तैयार हैं। इस हृदय विदारक दृश्य ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। देवल ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई और अपराधियों को गिरफ्तार नहीं किया गया, तो स्थिति कभी भी गंभीर रूप ले सकती है और प्रशासन के लिए इसे संभालना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने कहा कि जनता का धैर्य अब जवाब दे रहा है।

जनआक्रोश को नजरअंदाज करना खतरनाक

ज्ञापन में नारायणसिंह देवल ने पूर्व में हुए विरोध प्रदर्शनों और प्रशासन द्वारा दिए गए आश्वासनों का भी विस्तार से उल्लेख किया है, जो अब तक पूरे नहीं हुए हैं। यह दर्शाता है कि पुलिस और प्रशासन ने जनता की भावनाओं को गंभीरता से नहीं लिया।

  • 9 सितंबर 2025 को रामसीन थाने के बाहर सर्वसमाज ने एक विशाल धरना दिया था। उस समय पुलिस अधिकारियों द्वारा 10 दिन में मामले का खुलासा करने का स्पष्ट आश्वासन दिया गया था, लेकिन यह वादा आज तक अधूरा है। इस झूठे आश्वासन ने जनता के विश्वास को तोड़ा है।

  • 15 अक्टूबर 2025 को एक बार फिर जिला मुख्यालय पर सर्वसमाज ने बड़ा प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन कई दिनों तक अनिश्चितकालीन धरने के रूप में चला, जिससे प्रशासनिक तंत्र हिल गया था। इस धरने को सरकारी मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग के ठोस आश्वासन पर समाप्त किया गया था कि मामले का जल्द खुलासा होगा।

इन दो बड़े आश्वासनों के बावजूद, मामले का अब तक कोई खुलासा नहीं हुआ है, जिससे जिले की जनता में गहरा रोष व्याप्त है। देवल ने कहा कि दोषियों की गिरफ्तारी में हो रही लगातार देरी से जनता का धैर्य टूट रहा है, और यह जनाक्रोश कभी भी एक बड़ा और अनियंत्रित रूप ले सकता है। उन्होंने प्रशासन से इस गंभीर स्थिति को गंभीरता से लेने और तत्काल कदम उठाने का आग्रह किया है, ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे।

मुख्यमंत्री से त्वरित और न्यायसंगत कार्रवाई की मांग

पूर्व विधायक नारायणसिंह देवल ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से निम्नलिखित बिंदुओं पर शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करने का पुरजोर अनुरोध किया है:

  • शीघ्र अपराधियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए और उन्हें कानून के कटघरे में खड़ा किया जाए, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।

  • प्रकरण का जल्द से जल्द खुलासा कर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया जाए, ताकि उन्हें मानसिक शांति मिल सके और वे अपने सामान्य जीवन में लौट सकें।

  • दोषियों पर कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसे जघन्य अपराधों को अंजाम देने वालों को एक कड़ा संदेश मिले और समाज में कानून का राज स्थापित हो सके।

देवल ने उम्मीद जताई है कि इन त्वरित और न्यायसंगत कदमों से आमजन का सरकार और पुलिस प्रशासन पर विश्वास बहाल हो सकेगा। उन्होंने कहा कि न्याय में देरी, न्याय से इनकार के समान है और इस मामले में अब और देरी बर्दाश्त नहीं की जा सकती। यह मामला अब केवल एक परिवार का नहीं, बल्कि पूरे जिले की जनता की भावनाओं और कानून व्यवस्था की साख से जुड़ा हुआ है। प्रशासन को इस पर तत्काल ध्यान देना चाहिए।