जयपुर: दरगाह निर्माण पर भाजपा-कांग्रेस विधायकों में तकरार: जयपुर के चांदपोल में दरगाह निर्माण पर बवाल, बालमुकुंद आचार्य ने लगाया लैंड जिहाद का आरोप, अमीन कागजी ने दिखाए दस्तावेज

जयपुर के चांदपोल में दरगाह की छत निर्माण को लेकर विधायक बालमुकुंद आचार्य और अमीन कागजी के बीच तीखा विवाद हुआ, जिसके बाद पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।

जयपुर | राजस्थान की राजधानी जयपुर के ऐतिहासिक परकोटा क्षेत्र में स्थित चांदपोल बाजार में रविवार को उस समय भारी हंगामा खड़ा हो गया, जब एक दरगाह की छत के निर्माण कार्य को लेकर दो राजनीतिक धड़े आमने-सामने आ गए। हवामहल विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक बालमुकुंद आचार्य अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे और निर्माण कार्य को रुकवा दिया, जिसके बाद सांप्रदायिक सौहार्द और भूमि अतिक्रमण के दावों को लेकर तीखी बहस छिड़ गई।

बालमुकुंद आचार्य के 'लैंड जिहाद' के आरोप
विधायक बालमुकुंद आचार्य ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य को 'लैंड जिहाद' का हिस्सा बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी सब्जी मंडी के भीतर मात्र 4 बाई 4 के एक छोटे से पुराने अतिक्रमण को अवैध रूप से 400 गज के बड़े परिसर में बदलने का प्रयास किया जा रहा है। आचार्य ने कहा, 'परकोटे की प्राचीन और ऐतिहासिक दीवार को तोड़कर, उसके पत्थर निकालकर वहां सरिया घुसाया जा रहा है। यह जयपुर की विरासत को नुकसान पहुंचाने की साजिश है। किसी भी जनप्रतिनिधि को यह अधिकार नहीं है कि वह सरकारी जमीन पर बिना किसी रजिस्ट्री के मकबरे या मस्जिद का विस्तार करे।' उन्होंने प्रशासन से मांग की कि इस अवैध निर्माण को तुरंत ध्वस्त किया जाए और परकोटे की दीवार की मरम्मत की जाए।

कांग्रेस विधायकों का पलटवार और कानूनी दस्तावेज
इस हंगामे की सूचना मिलते ही किशनपोल विधायक अमीन कागजी और आदर्शनगर विधायक रफीक खान भी मौके पर पहुंच गए। अमीन कागजी ने निर्माण कार्य को पूरी तरह वैध बताते हुए जयपुर नगर निगम द्वारा जारी निर्माण मंजूरी के आदेश की प्रतियां दिखाईं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस कार्य के लिए विधायक निधि से 20 लाख रुपये की राशि आवंटित की गई है और इसके पास बाकायदा वर्क ऑर्डर और वित्तीय स्वीकृति मौजूद है। कागजी ने भाजपा विधायक पर हमला बोलते हुए कहा कि वे जानबूझकर शहर की गंगा-जमनी तहजीब को बिगाड़ने और सांप्रदायिक तनाव पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि विकास कार्यों में अड़चन डाली गई तो वे अदालत की शरण लेंगे।

स्थानीय निवासियों और व्यापारियों की राय
विवाद के बीच स्थानीय लोगों और सब्जी मंडी में दुकान लगाने वाले हिंदू व्यापारियों ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। कई व्यापारियों का कहना है कि यह मजार लगभग 70 से 100 साल पुरानी है और वे दशकों से इसे यहां देख रहे हैं। स्थानीय निवासियों के अनुसार, मानसून के दौरान छत से पानी टपकने के कारण जायरीन को परेशानी होती थी, इसलिए छत का निर्माण कार्य शुरू किया गया था। उनका कहना है कि इस स्थान से स्थानीय लोगों की गहरी आस्था जुड़ी है और इसे राजनीतिक रंग देना गलत है।

पुलिस कमिश्नरेट तक पहुंचा मामला
मौके पर स्थिति को बिगड़ते देख पुलिस के आला अधिकारियों ने हस्तक्षेप किया और दोनों पक्षों को शांत कराया। हालांकि, विवाद यहीं खत्म नहीं हुआ। विधायक अमीन कागजी और रफीक खान देर शाम जयपुर पुलिस कमिश्नरेट पहुंचे और बालमुकुंद आचार्य के खिलाफ शहर का माहौल खराब करने की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है और इलाके में एहतियातन अतिरिक्त जाब्ता तैनात किया गया है।