जेल में हुआ प्यार, खूंखार कातिलों ने रचाई शादी: जेल में हुआ 'खूनी' इश्क: 5 मर्डर करने वाले प्रेमी संग टिंडर किलर प्रिया सेठ ने रचाई शादी, मिली 15 दिन की पैरोल

5 मर्डर के दोषी हनुमान और टिंडर किलर प्रिया सेठ को जेल में प्यार हुआ और अब दोनों ने पैरोल पर शादी कर ली है।

जयपुर | राजस्थान की जेलों से एक ऐसी प्रेम कहानी सामने आई है जिसे सुनकर हर कोई दंग है। यह कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट जैसी लग सकती है, लेकिन इसके किरदार असल जिंदगी के खूंखार कातिल हैं। राजस्थान के चर्चित दुष्यंत शर्मा हत्याकांड की मुख्य आरोपी प्रिया सेठ उर्फ नेहा सेठ ने आखिरकार शादी रचा ली है। प्रिया ने किसी और से नहीं, बल्कि जेल में ही मिले अपने प्रेमी हनुमान प्रसाद से निकाह किया है, जो खुद पांच लोगों की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा है।

जेल की सलाखों के पीछे पनपा प्यार

कहते हैं कि प्यार की कोई सीमा नहीं होती और यह कहीं भी हो सकता है। प्रिया सेठ और हनुमान प्रसाद की मुलाकात जयपुर की सांगानेर खुली जेल में हुई थी। करीब 6 महीने पहले दोनों की नजरें मिलीं और देखते ही देखते दोस्ती प्यार में बदल गई। दोनों ही हत्या के मामलों में आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं, लेकिन जेल के भीतर ही उन्होंने साथ जीने-मरने की कसमें खा लीं।

हाईकोर्ट से मिली 15 दिन की 'इमरजेंसी पैरोल'

अपने प्यार को मुकाम तक पहुंचाने के लिए प्रिया सेठ ने राजस्थान हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। उसने अपनी शादी के लिए कोर्ट से पैरोल की गुहार लगाई। अदालत ने इस अनोखे मामले पर विचार करते हुए मानवीय आधार पर प्रिया सेठ और हनुमान प्रसाद दोनों को ही 15-15 दिन की इमरजेंसी पैरोल मंजूर कर दी। पैरोल मिलते ही दोनों जेल से बाहर आए और 23 जनवरी को अलवर में पूरे रीति-रिवाज के साथ शादी के बंधन में बंध गए।

कौन है प्रिया सेठ? टिंडर के जरिए बिछाया था मौत का जाल

प्रिया सेठ का नाम साल 2018 में पूरे देश में गूंजा था। वह राजस्थान की एक ऐसी अपराधी है जिसने डेटिंग ऐप 'टिंडर' का इस्तेमाल शिकार फंसाने के लिए किया। प्रिया ने जयपुर के झोटवाड़ा निवासी दुष्यंत सिंह को अपने जाल में फंसाया। उसे लगा कि दुष्यंत एक अमीर परिवार से है। प्रिया ने अपने प्रेमी दीक्षांत कामरा और एक अन्य दोस्त के साथ मिलकर दुष्यंत के अपहरण की साजिश रची।

2 मई 2018 को उन्होंने दुष्यंत को एक फ्लैट पर बुलाया और उसके पिता से 10 लाख रुपये की फिरौती मांगी। पिता ने डर के मारे 3 लाख रुपये प्रिया के खाते में डाल भी दिए, लेकिन पकड़े जाने के डर से प्रिया और उसके साथियों ने दुष्यंत की बेरहमी से हत्या कर दी। सबूत मिटाने के लिए उन्होंने शव को एक सूटकेस में बंद किया और आमेर की पहाड़ियों में फेंक दिया। पुलिस ने जब प्रिया को गिरफ्तार किया, तो उसकी ठगी और अपराध की कई और परतें भी खुली थीं।

हनुमान प्रसाद: जिसने अपनी प्रेमिका के लिए उजाड़ दिया था परिवार

वहीं, प्रिया का दूल्हा बना हनुमान प्रसाद भी कोई कम खूंखार नहीं है। हनुमान अलवर के एक चर्चित हत्याकांड का दोषी है। हनुमान का प्रेम प्रसंग संतोष नाम की एक महिला से था, जो तीन बच्चों की मां थी। संतोष अपने पति बनवारी लाल और बच्चों को रास्ते से हटाना चाहती थी। 2 अक्टूबर 2017 की रात को हनुमान ने संतोष के साथ मिलकर उसके पति और चार मासूम बच्चों की गला रेतकर हत्या कर दी थी। इस सामूहिक हत्याकांड ने पूरे राजस्थान को हिलाकर रख दिया था।

शादी के बाद फिर सलाखों के पीछे

प्रिया और हनुमान की यह शादी अपराध जगत में चर्चा का विषय बनी हुई है। हालांकि, यह खुशियां सिर्फ 15 दिनों के लिए हैं। पैरोल की अवधि समाप्त होते ही दोनों को वापस जेल की उन्हीं कालकोठरियों में लौटना होगा, जहां वे अपनी उम्रकैद की सजा पूरी कर रहे हैं। जेल प्रशासन की निगरानी में हुई इस शादी ने यह साबित कर दिया है कि अपराधी चाहे कितने भी बड़े क्यों न हों, मानवीय भावनाएं और रिश्तों की चाहत जेल की ऊंची दीवारों को भी पार कर जाती है।