राजस्थान में मैं या फिर: बागेश्वर बाबा की शरण में सतीश पूनिया, चुनावों से पहले क्या लगाई अर्जी

- वसुंधरा राजे सालासर तो पूनिया बागेश्वर बाबा के पास। - विधानसभा चुनावों से पहले सियासी दांवपेच शुरू। - राजस्थान में इसी साल होने हैं विधानसभा चुनाव।

Satish Poonia and Dhirendra Shastri

जयपुर |  राजस्थान में इस साल होने जा रहे विधानसभा चुनावों का घमासान शुरू हो चुका है। सभी पार्टियों और नेता चुनावों की तैयारियों में जुट गए हैं। 

जहां एक और प्रदेश की पूर्व सीएम और भाजपा नेता वसुंधरा राजे ने सालासर धाम से अपने जन्मदिन के अवसर पर चुनावी बिगुल बजा दिया है।


वहीं दूसरी ओर, बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया बागेश्वर बाबा की शरण में पहुंच चुके हैं। पूनिया ने बागेश्वर धाम पहुंच पंडित धीरेंद्र शास्त्री के पास अर्जी लगाई है।

गौरतलब है कि, राजस्थान में जिस तरह से कांग्रेस में सीएम गहलोत और पायलट के बीच वर्चस्व की लड़ाई बार-बार सामने आ रही है उसी तरह से भाजपा में भी आगामी चुनावों में सीएम चेहरे को लेकर उठा पठक देखी जा रही है। 

सोशल मीडिया पर वायरल हो रही सतीश पूनिया के बागेश्वर धाम पहुंचने की तस्वीर ने अब राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। 

सतीश पूनिया बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र शास्त्री के सामने हाथ जोड़ कर बैठे दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में सोशल मीडिया यूजर्स के लिए ये  समझना मुश्किल नहीं है कि, आखिर पूनिया बाबा से क्या पूछ रहे होंगे! इसी बात को लेकर सोशल मीडिया पर भी सियासी माहौल  गरमाया हुआ है। 

जाट समुदाय भी कर रहा जाट सीएम की मांग 
आपको बता दें कि, राजस्थान में पिछले दिनों जाट समुदाय ने भी होली से पहले जाट महाकुंभ का आयोजन कर अपना शक्ति प्रदर्शन किया है। 

इस जाट महाकुंभ में जाटों ने अब की बार जाट सीएम की मांग की है। ऐसे में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनियां भी जाट समुदाय से आते हैं और उन्होंने भी जाट महाकुंभ में शिरकत की थी। जिसके चलते सतीश पूनिया का भाजपा की ओर से क्रेज और बढ़ जाता है। 

गौरतलब है कि राजस्थान में जाट वोटर 12 से 14 फीसदी हैं, जो किसी की भी सरकार बनाने में निर्णाकय भूमिका निभाते हैं। ऐसे में भाजपा की ओर से सतीश पूनिया की भूमिका भी महत्पूर्ण मानी जा रही है।