Highlights
- विधायक बालमुकुंदाचार्य ने अपनी बोलेरो के काले शीशे हटवाकर सफेद करवाए।
- डोटासरा के तंज पर पलटवार करते हुए कांग्रेस के पुराने घोटालों को याद दिलाया।
- बिड़ला ऑडिटोरियम की घटना का जिक्र कर तबादला उद्योग पर साधा निशाना।
- कांग्रेस को चार लोगों की पार्टी बताते हुए सूपड़ा साफ होने का दावा किया।
जयपुर | राजस्थान की सियासत में इन दिनों शीशे पर संग्राम छिड़ा हुआ है। हवामहल से बीजेपी विधायक बालमुकुंदाचार्य ने पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा के तंज का जवाब दिया है।
गाड़ी का शीशा और बदला हुआ अंदाज
विधायक ने अपनी पुरानी बोलेरो के काले शीशे हटवाकर उन्हें सफेद करवा लिया है। उन्होंने साफ कहा कि शीशा काला हो सकता है लेकिन उनकी नीयत हमेशा साफ रहती है।
बालमुकुंदाचार्य ने डोटासरा को चेतावनी दी कि वे उनके नाम के सहारे खुद को चमकाना बंद करें। विधायक के इस बदले हुए तेवर से प्रदेश की राजनीति में हलचल मच गई है।
पुराने जख्मों पर छिड़का नमक
विधायक ने कांग्रेस राज के दौरान हुए कथित काले कारनामों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि डोटासरा को काले शीशे नहीं बल्कि अपना पुराना कार्यकाल याद करना चाहिए।
उन्होंने बिड़ला ऑडिटोरियम की उस प्रसिद्ध घटना का हवाला दिया जहां शिक्षकों ने तबादलों के लिए पैसे की बात कही थी। विधायक ने कहा कि स्वाभिमानी व्यक्ति ऐसी स्थिति में तुरंत इस्तीफा दे देता।
परिवारवाद और माफिया पर हमला
बालमुकुंदाचार्य ने डोटासरा पर माफिया का साथ देने और रिश्तेदारों को नौकरी लगवाने के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कांग्रेस को मम्मी बेटा और जीजी जीजाजी की सीमित पार्टी करार दिया।
विधायक ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश में कमल खिला रहे हैं जबकि डोटासरा कांग्रेस का सूपड़ा साफ कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि इस पार्टी का अंत अब पूरी तरह निश्चित है।
घोटालों पर तीखा प्रहार
हवामहल विधायक ने दावा किया कि राजस्थान में पिछले दो सालों में एक भी नया घोटाला सामने नहीं आया है। उन्होंने कांग्रेस के शासनकाल को सिर्फ घोटालों और भ्रष्टाचार के लिए याद किए जाने वाला दौर बताया।
अंत में उन्होंने डोटासरा को आगाह किया कि जनता उनके हर काम को अच्छी तरह जानती है। बीजेपी विधायक ने स्पष्ट किया कि वे विपक्ष के किसी भी आरोप का मजबूती से जवाब देंगे और जनता के सामने सच लाएंगे।
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