पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान में एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बलोच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने अक्टूबर के मध्य में किए गए कई हमलों को लेकर आंकड़े जारी किए हैं।
बलूचिस्तान में BLA का खूनी खेल: बलूचिस्तान में BLA का दावा: 11 दिनों में 34 बड़े हमले
बलोच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने 9 से 20 अक्टूबर के बीच पाकिस्तान के बलूचिस्तान में 34 सैन्य अभियानों का दावा किया है। संगठन ने 23 सुरक्षाकर्मियों की मौत की बात कही है, जबकि पाकिस्तान ने इन घटनाओं को भारत से जोड़ने का प्रयास किया है।
HIGHLIGHTS
- बलोच लिबरेशन आर्मी ने 9 से 20 अक्टूबर के बीच 34 सैन्य अभियानों का दावा किया है।
- संगठन के अनुसार इन हमलों में 14 पाकिस्तानी सैनिक और 9 अन्य सुरक्षाकर्मी मारे गए हैं।
- तुर्बत, हरनाई, चगाई और मस्तुंग जैसे इलाकों में सैन्य काफिलों और चौकियों को निशाना बनाया गया।
- पाकिस्तानी सेना ने इन हमलों के पीछे भारत का हाथ होने का आरोप लगाया है।
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11 दिनों में 34 ऑपरेशन का दावा
बलोच लिबरेशन आर्मी ने दावा किया है कि उसने 9 से 20 अक्टूबर के बीच पाकिस्तान में 34 अभियान चलाए। संगठन के मुताबिक, इन कार्रवाइयों में पाकिस्तानी सेना के 14 जवान मारे गए।
इसके अलावा मिलिट्री इंटेलिजेंस और कथित 'डेथ स्क्वॉड' से जुड़े नौ सदस्य भी मारे गए। BLA ने एक सैन्यकर्मी को पकड़ने और मुख्य मार्गों पर जांच अभियान चलाने का भी दावा किया है।
हमलों का स्वरूप और इलाके
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BLA की ओर से जारी घटनाक्रम के अनुसार, 9 अक्टूबर को तुर्बत के नसीराबाद में हमला किया गया। 13 अक्टूबर को हरनाई के शहरग इलाके में सड़क किनारे विस्फोटक से सेना के वाहन को निशाना बनाया गया।
संगठन ने इस हमले में तीन सैनिकों की मौत और चार अन्य के घायल होने की बात कही है। चगाई, मस्तुंग, खुजदार और बुलेदा जैसे इलाकों में भी हमलों की जानकारी दी गई है।
बलूचिस्तान की चुनौतियां
बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा सूबा है। यहाँ गैस और खनिज जैसे संसाधन प्रचुर मात्रा में हैं। स्थानीय लोगों में राजनीति में हिस्सेदारी और संसाधनों के बंटवारे को लेकर बरसों से नाराजगी है।
इसी नाराजगी के चलते कुछ बलूच राष्ट्रवादी संगठन बंदूक उठा लेते हैं। पाकिस्तानी सरकार का कहना है कि ये संगठन विकास कार्यों में रोड़े अटकाते हैं।
भारत पर लगाए गए आरोप
ताजा सुरक्षा अभियानों में भी पाकिस्तान की तरफ से भारत से जुड़े होने के आरोप लगे हैं। पाकिस्तानी सेना की मीडिया विंग ISPR ने आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई की बात कही है।
बयान में बलूच संगठन के लिए ‘फितना-अल-हिंदुस्तान’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल हुआ है। भारत ने इन आरोपों को पहले भी नकारे हैं।
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