नई दिल्ली | सुरक्षित और गारंटीड रिटर्न के लिए बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट (TD) लोकप्रिय विकल्प हैं। लेकिन जब दोनों में से किसी एक को चुनने की बात आती है, तो निवेशक अक्सर उलझन में पड़ जाते हैं। आइए जानते हैं कि जून 2026 में ब्याज दर, सुरक्षा और टैक्स लाभ के मामले में कौन बेहतर है।
FD पर बंपर रिटर्न: बैंक FD बनाम पोस्ट ऑफिस TD: जानें कहां मिल रहा ज्यादा रिटर्न
जून 2026 में, पोस्ट ऑफिस की योजनाएं बैंक FD से बेहतर रिटर्न दे रही हैं। जानें सुरक्षा और टैक्स के नियम।
HIGHLIGHTS
- 1, 3 और 5 साल की अवधि में पोस्ट ऑफिस TD बैंक FD से ज्यादा ब्याज दे रहा है।
- 5 साल की पोस्ट ऑफिस TD पर 7.5% ब्याज, जबकि NSC पर 7.7% और SCSS पर 8.2% मिलता है।
- पोस्ट ऑफिस योजनाओं में सरकारी सॉवरेन गारंटी मिलती है, जो बैंक की 5 लाख की बीमा सीमा से बेहतर है।
- 5 साल की टैक्स-सेविंग FD और पोस्ट ऑफिस TD दोनों पर 80C के तहत टैक्स छूट का लाभ मिलता है।
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बैंक FD बनाम पोस्ट ऑफिस TD: ब्याज दरों में अंतर
निवेश की अवधि के आधार पर दोनों योजनाओं की ब्याज दरों में काफी अंतर देखने को मिलता है। वर्तमान में, पोस्ट ऑफिस की योजनाएं ज्यादातर अवधियों के लिए बैंकों से बेहतर रिटर्न दे रही हैं।
1 और 3 साल के निवेश पर तुलना
एक साल के निवेश पर पोस्ट ऑफिस टीडी 6.9% ब्याज दे रहा है। वहीं, ज्यादातर बड़े सरकारी और निजी बैंक 6% से 6.75% के बीच ब्याज ऑफर कर रहे हैं।
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इसी तरह, तीन साल की अवधि के लिए पोस्ट ऑफिस 7.1% का आकर्षक ब्याज दे रहा है, जबकि बैंक इसी अवधि के लिए 6% से 6.75% तक ही सीमित हैं।
5 साल के निवेश में पोस्ट ऑफिस आगे
लंबी अवधि के निवेश में यह अंतर और भी बढ़ जाता है। पांच साल की पोस्ट ऑफिस टीडी पर 7.5% का शानदार ब्याज मिल रहा है।
इसके मुकाबले, ज्यादातर बड़े बैंक 5 साल की एफडी पर केवल 6% से 6.5% तक ही ब्याज दे रहे हैं।
इसके अलावा, पोस्ट ऑफिस की अन्य योजनाएं जैसे राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (NSC) 7.7% और सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) 8.2% का और भी बेहतर रिटर्न दे रही हैं।
सुरक्षा और टैक्स बेनिफिट: कौन है बेहतर?
सुरक्षा के लिहाज से पोस्ट ऑफिस का पलड़ा भारी है। इसकी सभी योजनाओं पर भारत सरकार की सॉवरेन गारंटी होती है, जिसका मतलब है कि आपका मूलधन और ब्याज पूरी तरह सुरक्षित है।
बैंक डिपॉजिट पर डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (DICGC) के तहत केवल 5 लाख रुपये तक की राशि ही बीमित होती है।
टैक्स के मामले में, दोनों योजनाओं से मिले ब्याज पर आपके इनकम टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्स लगता है।
हालांकि, पुरानी टैक्स व्यवस्था के तहत 5 साल की पोस्ट ऑफिस टीडी और बैंक एफडी, दोनों पर आयकर की धारा 80C के तहत 1.5 लाख रुपये तक की छूट का लाभ मिलता है।
निष्कर्ष के तौर पर, जो निवेशक अधिक रिटर्न और पूरी सुरक्षा चाहते हैं, उनके लिए पोस्ट ऑफिस की योजनाएं वर्तमान में एक बेहतर विकल्प हैं। खासकर लंबी अवधि के लिए, पोस्ट ऑफिस की स्कीमें बैंकों की तुलना में स्पष्ट रूप से अधिक फायदेमंद हैं।
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