नई दिल्ली | दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन एक बार फिर भारी दबाव में आ गई है। शुक्रवार को इसकी कीमत 60,000 डॉलर के महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे फिसल गई, जिससे क्रिप्टो बाजार में निवेशकों के बीच बेचैनी का माहौल है।
बिटकॉइन में भारी गिरावट!: बिटकॉइन धड़ाम! $60,000 के नीचे फिसला, निवेशक बेचैन
क्रिप्टो बाजार में बड़ी बिकवाली, बिटकॉइन की कीमत अक्टूबर 2024 के बाद पहली बार $60,000 के अहम स्तर से नीचे।
HIGHLIGHTS
- बिटकॉइन की कीमत $60,000 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे गिर गई।
- यह अक्टूबर 2024 के बाद पहली बार इस स्तर से नीचे आया है।
- निवेशक AI, डिफेंस और एनर्जी जैसे दूसरे सेक्टर्स में पैसा लगा रहे हैं।
- विशेषज्ञों की नजर अब $60,000 से $62,000 के स्तर पर टिकी है।
संबंधित खबरें
बिटकॉइन में क्यों आई इतनी बड़ी गिरावट?
अमेरिकी कारोबारी सत्र के दौरान बिटकॉइन लगभग 7% टूटकर 59,101 डॉलर पर पहुंच गया। यह अक्टूबर 2024 के बाद पहली बार है जब दुनिया की सबसे लोकप्रिय डिजिटल करेंसी इस स्तर से नीचे कारोबार कर रही है।
पिछले साल अक्टूबर में बिटकॉइन ने 1.26 लाख डॉलर से भी ऊपर का अपना सर्वकालिक उच्च स्तर छुआ था। उस शिखर से इसकी कीमत अब आधे से भी ज्यादा कम हो चुकी है, जो निवेशकों के लिए एक बड़ा झटका है।
निवेशकों का बदला फोकस
संबंधित खबरें
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इस गिरावट का मुख्य कारण निवेशकों के पैसे का दूसरे क्षेत्रों में जाना है। हाल के महीनों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिफेंस, एनर्जी और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे सेक्टर्स ने निवेशकों को तेजी से आकर्षित किया है।
WazirX के संस्थापक निश्चल शेट्टी के अनुसार, "कई बड़े संस्थागत निवेशक बिटकॉइन में अच्छा मुनाफा कमाने के बाद अब दूसरी जगहों पर पैसा लगा रहे हैं। जब बाजार में किसी नए सेक्टर को लेकर उत्साह बढ़ता है तो निवेश का प्रवाह भी उसी दिशा में मुड़ जाता है।"
इसके अलावा, सोने की कीमतों में तेजी और AI कंपनियों के शेयरों में बढ़ता आकर्षण भी एक बड़ी वजह है। निवेशक अब क्रिप्टो के बजाय इन विकल्पों को ज्यादा सुरक्षित मान रहे हैं।
Mudrex के लीड क्वांट एनालिस्ट अक्षत सिद्धांत का कहना है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व द्वारा भविष्य में ब्याज दरों में कटौती को लेकर अनिश्चितता भी बाजार को प्रभावित कर रही है।
अब आगे क्या? इन स्तरों पर रहेगी नजर
हालांकि, विशेषज्ञ इसे किसी असामान्य स्थिति के तौर पर नहीं देख रहे हैं। पहले भी मुनाफावसूली के कारण बिटकॉइन में ऐसी गिरावट देखी गई है, लेकिन बाद में निवेशकों का भरोसा वापस लौटा है।
आने वाले कुछ दिन बिटकॉइन के भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण होंगे। बाजार की नजरें अब 60,000 से 62,000 डॉलर के स्तर पर टिकी हुई हैं।
अगर बिटकॉइन इस दायरे के ऊपर अपनी स्थिति मजबूत करने में कामयाब रहता है, तो बाजार में फिर से सकारात्मक माहौल बन सकता है और कीमतों में सुधार की उम्मीद की जा सकती है।
लेकिन अगर यह स्तर टूटता है, तो बिकवाली का दबाव और बढ़ सकता है, जिससे कीमतों में और गिरावट देखने को मिल सकती है। निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
*Edit with Google AI Studio