thinQ360
thinQ360
🏠 टॉप 🔥 राजनीति 📍 राज्य 📰 लाइफ स्टाइल 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 📰 जालोर 👤 शख्सियत 💻 तकनीक ✍️ Blog ⭐ सफलता की कहानी 🚨 क्राइम 📰 मनचाही ▶️ YouTube
राजस्थान

अलवर: बीजेपी पार्षद पर जानलेवा हमला: अलवर में बीजेपी पार्षद पर जानलेवा हमला: कार से टक्कर मारकर बाइक से गिराया, फिर लाठी-सरियों से तोड़े हाथ-पैर, हालत गंभीर

ललित पथमेड़ा

अलवर के थानागाजी में बीजेपी पार्षद कपिल मीणा पर जानलेवा हमला हुआ है। हमलावरों ने पहले उनकी बाइक को कार से टक्कर मारी और फिर लाठी-सरियों से उनके हाथ-पैर तोड़ दिए।

HIGHLIGHTS

  • थानागाजी वार्ड 1 के पार्षद कपिल मीणा पर बदमाशों ने दिनदहाड़े किया हमला।
  • बाइक को कार से टक्कर मारकर गिराया, फिर लाठी-सरियों से बेरहमी से पीटा।
  • पार्षद के हाथ और पैर में कई गंभीर फ्रैक्चर, शाहपुरा के अस्पताल में भर्ती।
  • पुलिस ने 6 नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर तलाश तेज कर दी है।
bjp councilor kapil meena attacked alwar rajasthan crime news

अलवर | राजस्थान के अलवर जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने पूरे प्रदेश की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहाँ एक जन प्रतिनिधि को दिनदहाड़े निशाना बनाया गया है। थानागाजी नगर पालिका के वार्ड नंबर 1 से बीजेपी पार्षद कपिल मीणा आज अस्पताल के बिस्तर पर अपनी चोटों से जूझ रहे हैं। उनके साथ जो हुआ, वह किसी खौफनाक फिल्मी सीन से कम नहीं था। घटना सोमवार दोपहर करीब 12 बजे की है, जब सूरज सिर पर था और सड़कों पर सामान्य आवाजाही थी। कपिल मीणा अपने एक परिचित की जमीन दिखाने के लिए निकले थे, लेकिन उन्हें अंदाज़ा नहीं था कि रास्ते में हमलावर उनका इंतज़ार कर रहे हैं।

कैसे शुरू हुआ पूरा घटनाक्रम?

कपिल मीणा (33) पुत्र राजेंद्र मीणा, थानागाजी के वार्ड 1 से भाजपा के सक्रिय पार्षद हैं। सोमवार सुबह करीब 11 बजे उनके पास एक फोन आया। फोन करने वाला द्वारापुर निवासी धारा मीणा था। धारा मीणा ने पार्षद से कहा कि कुछ लोग जमीन देखने के लिए आए हैं। उसने पार्षद को नवल सिंह गढ़ी के पास वाली वह जमीन दिखाने के लिए बुलाया, जिसे उनके परिचित कृष्ण बलाई बेचना चाहते थे। पार्षद कपिल मीणा ने तुरंत जमीन के मालिक कृष्ण बलाई को फोन किया और उन्हें साथ चलने को कहा। दोनों एक ही बाइक पर सवार होकर नारायणपुर रोड की तरफ निकल पड़े। उन्हें लगा कि यह एक सामान्य डील होगी।

रास्ते में बिछाया गया था मौत का जाल

जैसे ही पार्षद कपिल मीणा और कृष्ण बलाई नारायणपुर रोड पर एक भट्टे के पास पहुंचे, पीछे से एक सफेद रंग की अल्टो कार काफी तेज़ रफ्तार में आई। हमलावरों ने जानबूझकर पार्षद की बाइक को पीछे से जोरदार टक्कर मारी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कपिल और कृष्ण दोनों बाइक समेत सड़क से नीचे नाले के पास जा गिरे। इससे पहले कि वे संभल पाते, कार से पांच-छह नकाबपोश बदमाश बाहर निकले। उनके हाथों में लाठियां, सरिए और धारदार हथियार थे। उन्होंने बिना कुछ कहे पार्षद पर हमला बोल दिया।

हवा में फायरिंग और बेरहमी से पिटाई

चश्मदीदों और पार्षद के साथी कृष्ण बलाई के अनुसार, हमलावरों ने दहशत फैलाने के लिए हवा में फायरिंग भी की। इसके बाद उन्होंने पार्षद कपिल मीणा को घेर लिया। बदमाशों ने पार्षद के हाथ और पैरों को निशाना बनाकर लाठी-सरियों से वार करना शुरू किया। वे तब तक मारते रहे जब तक कि पार्षद अधमरा होकर जमीन पर नहीं गिर गए। कृष्ण बलाई ने हिम्मत दिखाई और शोर मचाना शुरू किया। उन्होंने आसपास के खेतों में काम कर रहे लोगों को मदद के लिए पुकारा। शोर सुनकर स्थानीय ग्रामीण और राहगीर मौके की तरफ दौड़े।

ग्रामीणों को आते देख भाग निकले हमलावर

जैसे ही हमलावरों ने देखा कि गांव वालों की एक पिकअप गाड़ी और कुछ लोग उनकी तरफ आ रहे हैं, वे अपनी कार में सवार होकर मौके से फरार हो गए। घटना के बाद वहां चीख-पुकार मच गई। पार्षद कपिल मीणा दर्द से कराह रहे थे। उनके शरीर से काफी खून बह रहा था। ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और एम्बुलेंस का इंतज़ार किया। हालत नाजुक देखते हुए परिजनों और समर्थकों ने उन्हें तुरंत शाहपुरा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। वहां डॉक्टरों की टीम ने उनका प्राथमिक उपचार शुरू किया, लेकिन चोटें बहुत गहरी थीं।

अस्पताल में भर्ती: डॉक्टरों ने बताई चोटों की गंभीरता

शाहपुरा के अस्पताल में भर्ती पार्षद कपिल मीणा की हालत स्थिर तो है, लेकिन वे बहुत दर्द में हैं। डॉक्टरों के अनुसार, उनके बाएं पैर में गंभीर चोट आई है और वहां करीब 7 टांके लगाने पड़े हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि उनके बाएं हाथ की उंगलियों और पैर की हड्डियों में मल्टीपल फ्रैक्चर हुए हैं। डॉक्टरों ने उनके हाथ का ऑपरेशन भी किया है ताकि हड्डियों को जोड़ा जा सके। पार्षद की पीठ, गर्दन और जांघों पर भी लाठियों के नीले निशान साफ देखे जा सकते हैं। उनके एक पैर में गहरा घाव है, जिसे ठीक होने में काफी समय लग सकता है।

कौन हैं हमलावर? क्या थी रंजिश?

पार्षद कपिल मीणा ने पुलिस को दिए अपने बयान में हमलावरों की पहचान की है। उन्होंने बताया कि कार में बादल कुमार प्रजापत, राहुल मीणा और धारा मीणा समेत 6 लोग सवार थे। हैरानी की बात यह है कि पार्षद का कहना है कि उनकी इन लोगों से कोई पुरानी रंजिश नहीं थी। उन्हें समझ नहीं आ रहा कि आखिर उन पर इतना जानलेवा हमला क्यों किया गया। थानागाजी पुलिस ने पार्षद और उनके चाचा महेंद्र मीणा की शिकायत पर धारा मीणा, बादल प्रजापत और राहुल मीणा सहित अन्य के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस आरोपियों की धरपकड़ के लिए दबिश दे रही है।

राजनीतिक गलियारों में हलचल

कपिल मीणा को बीजेपी के पूर्व मंत्री हेम सिंह और डॉ. रोहिताश्व शर्मा का बेहद करीबी माना जाता है। जैसे ही हमले की खबर फैली, बीजेपी कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश देखने को मिला। स्थानीय बीजेपी नेताओं ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। उनका कहना है कि अगर एक पार्षद ही सुरक्षित नहीं है, तो आम जनता का क्या होगा? उन्होंने पुलिस को चेतावनी दी है कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए। सोशल मीडिया पर भी इस घटना को लेकर काफी चर्चा हो रही है। लोग राजस्थान की कानून व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं और मांग कर रहे हैं कि अपराधियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई हो।

थानागाजी में सुरक्षा को लेकर चिंता

इस घटना ने थानागाजी इलाके में सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। दिनदहाड़े एक जनप्रतिनिधि पर हमला होना यह दर्शाता है कि अपराधियों के मन में पुलिस का कोई खौफ नहीं रह गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में अवैध गतिविधियों और आपसी रंजिश के मामले बढ़ रहे हैं। पुलिस गश्त कम होने के कारण बदमाश बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। पुलिस प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि आरोपियों को जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल्स के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।

निष्कर्ष: न्याय का इंतज़ार

फिलहाल, पार्षद कपिल मीणा अस्पताल में अपनी रिकवरी पर ध्यान दे रहे हैं, लेकिन उनके मन में उस खौफनाक मंजर की यादें ताज़ा हैं। वे और उनका परिवार अब केवल न्याय की गुहार लगा रहे हैं। यह मामला केवल एक मारपीट का नहीं है, बल्कि यह एक लोकतांत्रिक व्यवस्था में चुने हुए प्रतिनिधि की सुरक्षा का भी है। प्रशासन को इस पर कड़ा रुख अख्तियार करना होगा। क्या पुलिस इन हमलावरों को जल्द पकड़ पाएगी? क्या इस हमले के पीछे कोई बड़ा राजनीतिक या जमीन से जुड़ा षड्यंत्र है? ये ऐसे सवाल हैं जिनका जवाब आने वाले समय में ही मिल पाएगा।

शेयर करें:

ताज़ा खबरें