सीकर | राजस्थान के सीकर जिले से बेहद भी भावुक करने वाला मामला सामने आया है।
Sikar Suicide: बेटी की विदाई से 7 दिन पहले पिता ने मौत को लगाया गले, लिखा- मेरी लाश देखकर ही मेरे बीवी बच्चों पर रहम कर देना
बीवी बच्चों की उदासी मायूसी अब देखी नहीं जाती। मौत के सिवाय कुछ भी नजर नहीं आ रहा। बस मेरे भाइयों और उनके परिवार से इतना ही कहना चाहता हूं कि तुमसे परेशान होकर जहर और फांसी खाकर आत्महत्या कर रहा हूं। मेरी लाश देखकर ही मेरे बीवी बच्चों पर रहम करना।
HIGHLIGHTS
- बीवी बच्चों की उदासी मायूसी अब देखी नहीं जाती। मौत के सिवाय कुछ भी नजर नहीं आ रहा। बस मेरे भाइयों और उनके परिवार से इतना ही कहना चाहता हूं कि तुमसे परेशान होकर जहर और फांसी खाकर आत्महत्या कर रहा हूं। मेरी लाश देखकर ही मेरे बीवी बच्चों पर रहम करना।
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अपनी बेटी की विदाई से 7 दिन पहले ही एक पिता ने परेशान होकर मौत को गले लगा लिया है। बिजनेसमैन पिता ने दुकान के पंखे पर लटकर अपनी जान दे दी है।
पुलिस के अनुसार, ये घटना सीकर के कोतवाली थाना इलाके की है। आत्महत्या करने वाले बिजनेसमैन का नाम सलीम अहमद रंगरेज है और उसकी उम्र 55 साल बताई गई है।
रविवार सुबह सलीम अहमद फंदे पर झूलता मिला। परिजन सुबह दुकान पहुंचे तो घटना का पता चला।
मृतक के बेटे मोहसीन ने अपने दो चाचा पर पिता को आत्महत्या करने के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने मृतक के बेटे की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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मौत से पहले लिखा सुसाइड नोट
पुलिस को मौके से सुसाइड नोट मिला है। जिसमें मृतक ने आत्महत्या की वहज अपने भाईयों को बताया।
मृतक ने दुकान की टाइल्स और दो पन्नों पर सुसाइड नोट लिखा है। साथ ही वीडियो के जरिए अपने समाज के वॉट्सऐप ग्रुप पर भी अपनी आप बीती शेयर की है।
मृतक ने सुसाइड नोट के मुताबिक, उसने विदेश काम कर जो कुछ भी कमाया वह उसके भाइयों ने हड़प लिया।
जिससे वह परेशान हो गया और आत्महत्या कर ली। उसने लिखा कि मेरी जिंदगी इसी बहाने खत्म होनी लिखी होगी सो हो गई।
उसने परिजनों को लिखा कि अब दुख मत करना, तुम सब अपना ख्याल रखना।
साऊदी में काम कर कमाया था खूब पैसा
वह कई सालों तक साऊदी के जेदा में नौकरी कर रहा था और साल 2017 में ही भारत वापस लौटा था।
इसके बाद यहां आकर उसने जूतों का बिजनेस शुरू कर दिया था।
मृतक ने सुसाइड नोट में लिखा कि मेरे भाइयों और उनके परिवार की वजह से मेरा जीवन तहस-नहस होकर बिखर गया। 24 साल सऊदी अरब में काम कर जो पैसे कमाया वो भाइयों को भेज दिया।
जब साऊदी से वापस वतन लौटा तो सभी भाई एक होकर मुझसे मारपीट करने लगे। दहशत से मेरा बेटा उसकी पत्नी और चार बच्चे 2 साल पहले घर छोड़कर चले गए और हम मुकदमों में उलझ गए।
बीवी बच्चों की उदासी मायूसी अब देखी नहीं जाती। मौत के सिवाय कुछ भी नजर नहीं आ रहा।
बस मेरे भाइयों और उनके परिवार से इतना ही कहना चाहता हूं कि तुमसे परेशान होकर जहर और फांसी खाकर आत्महत्या कर रहा हूं। मेरी लाश देखकर ही मेरे बीवी बच्चों पर रहम करना।
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