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भारत

सोने के पीछे पागल हुए दुनिया के देश: सेंट्रल बैंकों में मची सोना खरीदने की होड़: पोलैंड और उज्बेकिस्तान ने सबको चौंकाया, चीन भी रेस में आगे

बलजीत सिंह शेखावत

दुनिया भर के केंद्रीय बैंक 23 महीनों से लगातार सोना खरीद रहे हैं। पोलैंड और उज्बेकिस्तान जैसे देशों ने भारी मात्रा में सोना जमा कर सबको हैरान कर दिया है।

HIGHLIGHTS

  • केंद्रीय बैंकों ने 23वें महीने भी सोने की खरीदारी जारी रखी है।
  • फरवरी 2026 में वैश्विक स्तर पर कुल 19 टन सोना खरीदा गया।
  • पोलैंड ने अकेले 20 टन सोना खरीदकर अपना भंडार 570 टन पहुंचाया।
  • चीन लगातार 16 महीनों से अपनी सोने की तिजोरी भर रहा है।
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नई दिल्ली | वैश्विक अर्थव्यवस्था में मची उथल-पुथल के बीच दुनिया भर के केंद्रीय बैंक अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए सोने पर भारी दांव लगा रहे हैं।

द कोबेसी लेटर की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों द्वारा सोना खरीदने का यह सिलसिला पिछले 23 महीनों से लगातार जारी है।

फरवरी 2026 में ही वैश्विक स्तर पर 19 टन सोने की खरीदारी की गई है। इससे पहले जनवरी में भी 6 टन सोने की खरीदारी हुई थी।

पोलैंड और उज्बेकिस्तान की बड़ी छलांग

सोने की इस वैश्विक दौड़ में पोलैंड के केंद्रीय बैंक ने सबको पीछे छोड़ दिया है। पोलैंड ने अकेले ही 20 टन सोना अपनी तिजोरी में जमा किया है।

अब पोलैंड के पास कुल 570 टन सोने का भंडार है। यह उनके कुल विदेशी मुद्रा भंडार का लगभग 31 प्रतिशत हिस्सा बन चुका है।

उज्बेकिस्तान भी इस मामले में पीछे नहीं है। वहां के सेंट्रल बैंक ने 8 टन सोना खरीदा है, जिससे उनका कुल भंडार 407 टन हो गया है।

यह उनके विदेशी मुद्रा भंडार का 88 फीसदी है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि छोटे देश भी अपनी अर्थव्यवस्था को सुरक्षित करने में जुटे हैं।

चीन का सोने के प्रति अटूट प्रेम

चीन, जो दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, लगातार 16 महीनों से सोने की भारी खरीदारी करने में लगा हुआ है।

फरवरी के महीने में चीन ने 1 टन अतिरिक्त सोना खरीदा। इसके साथ ही चीन का कुल सोने का भंडार बढ़कर 2,308 टन के स्तर पर पहुंच गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक युद्ध के हालातों और आर्थिक अनिश्चितता के कारण देश अपनी मुद्राओं के बजाय सोने को सुरक्षित मान रहे हैं।

क्यों बढ़ रही है सोने की होड़?

भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिकी डॉलर की अस्थिरता ने विभिन्न देशों को अपनी संपत्तियों में विविधता लाने के लिए पूरी तरह मजबूर कर दिया है।

सोना हमेशा से ही संकट के समय में सबसे भरोसेमंद और सुरक्षित निवेश माना जाता रहा है। यही कारण है कि बैंक भंडार बढ़ा रहे हैं।

साल 2026 की शुरुआत से अब तक कुल 25 टन सोना बैंकों की तिजोरियों में सुरक्षित किया जा चुका है, जो भविष्य की सुरक्षा का संकेत है।

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