जयपुर। राजस्थान में कथित खाद-बीज घोटाले और 2.43 करोड़ रुपये के रिश्वत प्रकरण को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) द्वारा राजस्थान राज्य बीज निगम के अशासकीय निदेशक जुगल किशोर सहित अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद विपक्षी कांग्रेस सरकार पर लगातार हमलावर है। अब कांग्रेस ने मामले से जुड़ी एफआईआर की प्रति सोशल मीडिया पर साझा करते हुए कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा के इस्तीफे की मांग उठाई है।
राजस्थान में खाद-बीज घोटाले पर सियासत तेज: कांग्रेस ने FIR सार्वजनिक कर कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा से मांगा इस्तीफा
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कांग्रेस का आरोप है कि एफआईआर में दर्ज कथित बातचीत और जांच से जुड़े तथ्यों में "डॉक्टर साहब" और "मंत्री जी" जैसे संदर्भ सामने आए हैं, जिनसे उच्च स्तर पर संरक्षण की आशंका व्यक्त की जा रही है। पार्टी ने कहा कि मामले की निष्पक्ष और व्यापक जांच आवश्यक है।
कांग्रेस का हमला, नैतिक जिम्मेदारी का सवाल
राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा कि इतने बड़े रिश्वत प्रकरण के सामने आने के बाद कृषि मंत्री की राजनीतिक और नैतिक जवाबदेही तय होनी चाहिए। कांग्रेस ने दावा किया कि एफआईआर में दर्ज कुछ कथित संवाद गंभीर सवाल खड़े करते हैं और सरकार को इन पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
पार्टी ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और राज्य सरकार से मांग की कि पूरे मामले की पारदर्शी जांच कराई जाए तथा संबंधित तथ्यों को सार्वजनिक किया जाए।
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'सतीश' और 'मंत्री जी' के उल्लेख पर उठे सवाल
कांग्रेस ने एफआईआर में दर्ज 'सतीश' नाम के व्यक्ति का उल्लेख करते हुए सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है। विपक्ष का कहना है कि यदि जांच में सामने आया 'सतीश' किसी मंत्री कार्यालय से जुड़ा व्यक्ति है तो इस संबंध में स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए।
पार्टी ने सवाल उठाया कि करोड़ों रुपये के कथित लेन-देन और फाइलों की कथित सेटिंग से जुड़े आरोपों में शामिल लोगों की भूमिका क्या थी और क्या इन गतिविधियों की जानकारी उच्च स्तर तक थी।
पूर्व आरोपों का भी किया जिक्र
कांग्रेस ने एक अन्य बयान में दावा किया कि पहले भी कुछ मामलों में मंत्री के नाम का इस्तेमाल कर कथित वसूली के आरोप सामने आए थे। पार्टी ने कहा कि अब ACB की जांच में कुछ नामों के सामने आने से मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।
सरकार और मंत्री पक्ष की प्रतिक्रिया का इंतजार
हालांकि कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपों और सोशल मीडिया पर साझा किए गए दावों पर सरकार तथा कृषि मंत्री की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। जांच एजेंसियां मामले की पड़ताल कर रही हैं और अभी तक किसी भी राजनीतिक व्यक्ति की भूमिका को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किया गया है।