जयपुर/कोलकाता | पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी के काफिले पर हुए हमले को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस घटना पर बीजेपी सरकार पर तीखा हमला बोला है और इसे "बदले की सबसे कुरूप राजनीति" करार दिया है।
ममता पर हमला, गहलोत का वार: ममता के काफिले पर हमला, गहलोत ने बीजेपी को घेरा
पश्चिम बंगाल में पूर्व सीएम ममता बनर्जी के काफिले पर हमले के बाद, कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने बीजेपी पर 'बदले की राजनीति' का आरोप लगाया और इसे लोकतंत्र पर हमला बताया।
HIGHLIGHTS
- पश्चिम बंगाल के हालीशहर में पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के काफिले पर हमला हुआ।
- कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने इस घटना को "बदले की सबसे कुरूप राजनीति" बताया।
- गहलोत ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
- बीजेपी की पश्चिम बंगाल इकाई ने हमले में अपनी किसी भी भूमिका से इनकार किया है।
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क्या हुआ था हालीशहर में?
यह घटना रविवार को उत्तर 24 परगना जिले के हालीशहर में हुई। ममता बनर्जी तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता बिरजू केओट के परिवार से मिलने जा रही थीं, जिनकी कथित तौर पर पुलिस हिरासत में मौत हो गई थी।
इस यात्रा के दौरान, प्रदर्शनकारियों की एक भीड़ ने उनके काफिले को घेर लिया।
प्रदर्शनकारियों ने उनकी गाड़ी पर पत्थर, ईंट, कीचड़, जूते-चप्पल और पानी की बोतलें फेंकीं। भीड़ "चोर भगाओ" और "डकैत रानी" जैसे नारे लगा रही थी।
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ममता बनर्जी ने जताई जान को खतरे की आशंका
घटना के बाद ममता बनर्जी ने कहा कि यह हमला इतना गंभीर था कि अगर गाड़ी के शीशे खुले होते तो उनकी जान को खतरा हो सकता था।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब पुलिस की मौजूदगी में हुआ और प्रशासन ने हमले को रोकने के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
The BJP’s rule has given rise to a climate of lawlessness and fear. The attack today on the convoy of former Chief Minister @MamataOfficial in North 24 Parganas, West Bengal, is a glaring example of the ugliest form of politics of revenge. While she was on her way to meet the…
अशोक गहलोत का बीजेपी पर तीखा हमला
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस घटना की कड़ी निंदा की। उन्होंने लिखा कि बीजेपी शासन ने राज्य में अराजकता और भय का माहौल पैदा कर दिया है।
गहलोत ने सवाल उठाया, "अगर पुलिस की मौजूदगी में भी एक पूर्व मुख्यमंत्री सुरक्षित नहीं है, तो राज्य में विपक्ष के आम कार्यकर्ताओं की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।"
उन्होंने इसे सिर्फ एक नेता पर हमला नहीं, बल्कि लोकतंत्र में विपक्ष की आवाज को डराने और दबाने की कोशिश बताया।
राहुल गांधी का किया जिक्र
गहलोत ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी का जिक्र करते हुए कहा कि वे हमेशा हिंसा के खिलाफ खड़े रहे हैं और प्रेम व सद्भाव की बात करते हैं, लेकिन बीजेपी यह समझने को तैयार नहीं है।
अमित शाह से की कार्रवाई की मांग
उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मांग की कि वे तुरंत इस घटना का संज्ञान लें, पूर्व मुख्यमंत्री की सुरक्षा सुनिश्चित करें और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करवाएं।
बीजेपी ने दी सफाई
इस मामले पर बीजेपी की ओर से भी प्रतिक्रिया आई है। बीजेपी की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष समीक भट्टाचार्य ने हमले की निंदा की है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि इस घटना में पार्टी की कोई भूमिका नहीं है और बीजेपी इस तरह की हरकतों का समर्थन नहीं करती। उन्होंने कहा कि दोषियों को सजा मिलनी चाहिए।
हमले के राजनीतिक मायने
इस घटना और उस पर हो रही राजनीति के कई गहरे मायने निकाले जा रहे हैं।
1. INDIA गठबंधन की एकजुटता
कांग्रेस नेता का TMC प्रमुख के पक्ष में बोलना विपक्षी गठबंधन में एकजुटता का संदेश देने की एक कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
2. बंगाल की बदली सियासी तस्वीर
TMC के सत्ता से बाहर होने और बीजेपी के सत्ता में आने के बाद अब भूमिकाएं बदल गई हैं। जो आरोप पहले बीजेपी लगाती थी, अब वही आरोप TMC, बीजेपी सरकार पर लगा रही है।
3. केंद्र पर दबाव की रणनीति
गहलोत द्वारा सीधे गृह मंत्री से कार्रवाई की मांग करना केंद्र सरकार को कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर घेरने की एक रणनीति है।
4. आगामी चुनावों पर असर
यह घटना आने वाले स्थानीय निकाय चुनावों में "कानून-व्यवस्था" और "बदले की राजनीति" को एक बड़ा चुनावी मुद्दा बना सकती है।
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