भिवानी |
CWG 2026: CWG 2026: प्रीति पवार फाइनल में, भारत का सिल्वर पक्का
भारतीय मुक्केबाज प्रीति पवार ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के महिला 54 किग्रा वर्ग के सेमीफाइनल में जाम्बिया की कैथरीन म्वापे को 5-0 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया। इस जीत से उन्होंने भारत के लिए कम से कम सिल्वर मेडल पक्का कर लिया है।
HIGHLIGHTS
- प्रीति पवार ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के 54 किग्रा वर्ग के फाइनल में प्रवेश किया।
- सेमीफाइनल में जाम्बिया की कैथरीन म्वापे को 5-0 से एकतरफा हराया।
- इस जीत के साथ भारत के लिए कम से कम सिल्वर मेडल पक्का हो गया है।
- गोल्ड मेडल के लिए अब उनका मुकाबला कनाडा की स्कारलेट डेलगाडो से होगा।
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भारतीय मुक्केबाज प्रीति पवार ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए महिला 54 किग्रा वर्ग के फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। उन्होंने सेमीफाइनल मुकाबले में जाम्बिया की कैथरीन म्वापे के खिलाफ 5-0 से एकतरफा जीत दर्ज की।
प्रीति का दमदार प्रदर्शन, सिल्वर मेडल पक्का
इस शानदार जीत के साथ प्रीति ने भारत के लिए कम से कम सिल्वर मेडल पक्का कर लिया है।
अब वह गोल्ड मेडल मुकाबले में कनाडा की स्कारलेट डेलगाडो से भिड़ेंगी।
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पूरे मुकाबले के दौरान म्वापे एक भी प्रभावी पंच लगाने के लिए संघर्ष करती रहीं, जबकि प्रीति के संयोजित और सटीक पंचों का उनके पास कोई जवाब नहीं था।
मुकाबले में एकतरफा रहा दबदबा
पहले दो राउंड में ही जाम्बिया की मुक्केबाज को तीन बार ‘एट काउंट’ का सामना करना पड़ा, जो भारतीय मुक्केबाज के एकतरफा वर्चस्व का स्पष्ट प्रमाण था।
दूसरे राउंड में प्रीति के बेहतरीन प्रदर्शन से प्रभावित होकर सभी पांच निर्णायकों ने उन्हें 10-8 का स्कोर दिया।
अंतिम राउंड में म्वापे वापसी की कोशिश करने के बजाय प्रीति के आक्रामक हमलों से बचती हुई नजर आईं। प्रीति ने लगातार सटीक पंचों के दम पर मुकाबले पर पूरा कंट्रोल बनाए रखा।
कौन हैं प्रीति पवार?
हरियाणा के भिवानी की रहने वाली 22 वर्षीय प्रीति एशियन गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल भी जीत चुकी हैं। मेडल पक्का करने के बाद प्रीति ने अपनी खुशी जाहिर की और इस उपलब्धि का श्रेय साईं, बीएफआई और इंडियन आर्मी को दिया।
बहुत अच्छा लग रहा है कि मैंने इंडिया के लिए सिल्वर सिक्योर कर लिया है। वे कल फाइनल बाउट में अपना बेस्ट देंगी। इंडिया के लिए गोल्ड मेडल जीतेंगी। इसमें बहुत बड़ा हाथ साईं, बीएफआई व इंडियन आर्मी का रहा है। सभी ने सहयोग किया है। आर्मी ने उन्हें चुना, यह सौभाग्य की बात है। वे अपना बेस्ट देंगी और गोल्ड मेडल जीतकर पूरे देश व सभी सैनिकों को गौरवान्वित करेंगी।
कोच के साथ बनाती हैं रणनीति
प्रीति पवार ने कहा, ‘‘मैं किसी भी प्रतिद्वंद्वी को हल्के में नहीं लेती। अपने कोच के साथ हर मुकाबले की पूरी तैयारी करती हूं और खुशी है कि उन योजनाओं को अमल में ला पा रही हूं।’’
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