भीनमाल। अगाध श्रद्धा, कठिन तपस्या और अटूट भक्ति की अनूठी मिसाल पेश करते हुए भक्त माली सुरेश सोलंकी ने तमिलनाडु के चेन्नई से राजस्थान के ऐतिहासिक नगर भीनमाल तक की 2200 किलोमीटर की पदयात्रा सफलतापूर्वक पूरी कर ली है। लगातार 60 दिनों की इस चुनौतीपूर्ण और कठिन यात्रा के बाद भीनमाल पहुंचने पर स्थानीय भीनमाल सुपर मार्केट के तत्वावधान में उनका अभूतपूर्व और भव्य स्वागत किया गया। 
भीनमाल: चेन्नई से 2200 किमी की पैदल यात्रा कर पहुंचे भक्त माली सुरेश सोलंकी का भीनमाल में भव्य नागरिक अभिनंदन
चेन्नई से 2200 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर भीनमाल पहुंचे भक्त माली सुरेश सोलंकी का भव्य स्वागत किया गया। यह यात्रा 60 दिनों में पूरी हुई।
HIGHLIGHTS
- चेन्नई से भीनमाल तक 2200 किलोमीटर की पदयात्रा।
- भक्त माली सुरेश सोलंकी ने 60 दिनों में पूरी की यात्रा।
- धार्मिक भावना और जनकल्याण की मनोकामना से की पदयात्रा।
- भीनमाल में सुपर मार्केट के तत्वावधान में भव्य नागरिक अभिनंदन।
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सुरेश सोलंकी ने यह पैदल यात्रा विशुद्ध धार्मिक भावना और जनकल्याण की मनोकामना के साथ पूरी की। इस दौरान वे रोजाना औसतन 35 से 40 किलोमीटर का सफर तय करते हुए राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत के विभिन्न राज्यों व विषम मौसम परिस्थितियों से होकर गुजरे। 60वें दिन भीनमाल की सीमा में प्रवेश करते ही ढोल-नगाड़ों और पुष्पवर्षा के साथ शहरवासियों ने उनका आत्मीय अभिनंदन किया।
स्वागत समारोह के दौरान भीनमाल सुपर मार्केट के प्रतिनिधियों और प्रबुद्ध नागरिकों ने भक्त माली सुरेश सोलंकी को साफा पहनाकर, मालाएं अर्पित कर तथा स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। वक्ताओं ने उनकी इस कठिन साधना की सराहना करते हुए इसे युवाओं के लिए प्रेरणादायक और सनातन संस्कृति की अटूट आस्था का प्रतीक बताया। इस अवसर पर शहर के अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से मदनलाल कुमावत, गणपत सुंदेशा, चिराग कुमावत, शेर सिंह, कपिल अग्रवाल और जाकिर खान सहित भारी संख्या में स्थानीय व्यापारी, सामाजिक कार्यकर्ता और क्षेत्रवासी उपस्थित रहे। समारोह के अंत में सोलंकी ने सभी शहरवासियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह यात्रा केवल उनकी नहीं, बल्कि उन सभी लोगों की प्रार्थनाओं का परिणाम है जो रास्ते भर उन्हें संबल प्रदान करते रहे।
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