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राजस्थान

जयपुर एयरपोर्ट पर विमान के 8 चक्कर: जयपुर एयरपोर्ट: खराब मौसम के कारण हवा में फंसी रही फ्लाइट

मानवेन्द्र जैतावत

आबूधाबी से आई एतिहाद एयरवेज की फ्लाइट ने जयपुर में खराब मौसम के बीच 8 चक्कर लगाए।

HIGHLIGHTS

  • एतिहाद एयरवेज की फ्लाइट ने जयपुर के ऊपर 45 मिनट तक हवा में चक्कर लगाए।
  • आबूधाबी से आई इस फ्लाइट में खराब मौसम के कारण लैंडिंग में देरी हुई।
  • जयपुर में 65 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली आंधी के कारण दृश्यता कम हुई।
  • मौसम साफ होने के बाद विमान की सुरक्षित लैंडिंग हुई और यात्रियों ने राहत ली।
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जयपुर | जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सोमवार शाम को उस वक्त भारी तनाव का माहौल बन गया, जब आबूधाबी से आई एतिहाद एयरवेज की फ्लाइट लैंडिंग नहीं कर पाई। खराब मौसम और धूल भरी आंधी के कारण विमान करीब 45 मिनट तक आसमान में ही मंडराता रहा और उसने कुल आठ चक्कर लगाए, जिससे यात्री सहम गए।

खराब मौसम और लैंडिंग की बड़ी चुनौती

एयरपोर्ट प्रबंधन के अनुसार, एतिहाद एयरवेज की यह फ्लाइट निर्धारित समय शाम 7:35 बजे जयपुर पहुंची थी, लेकिन तेज आंधी के कारण उसे तुरंत अनुमति नहीं मिली। शहर में अचानक आए भीषण अंधड़ और धूल के गुबार के कारण एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) ने लैंडिंग को असुरक्षित माना और विमान को होल्ड पर रखा। विमान हवा में ही चक्कर काटता रहा और इस दौरान पायलट ने सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए एयरपोर्ट के ऊपर ही बार-बार चक्कर लगाए। फ्लाइट में मौजूद यात्रियों के अनुसार, विमान के बार-बार घूमने और हवा के तेज दबाव से केबिन के अंदर काफी घबराहट और चिंता का माहौल बना रहा। करीब 45 मिनट के लंबे और डरावने इंतजार के बाद जब मौसम की स्थिति में थोड़ा सुधार हुआ, तब जाकर एटीसी ने विमान को सुरक्षित लैंड कराया। जैसे ही विमान रनवे पर सुरक्षित उतरा, यात्रियों ने राहत की लंबी सांस ली और चालक दल की सूझबूझ की सराहना करते हुए ईश्वर का शुक्रिया अदा किया।

जयपुर में मौसम का मिजाज और आंधी की रफ्तार

राजधानी जयपुर में सोमवार को मौसम ने कई अलग-अलग रंग दिखाए, जहां दोपहर में भीषण लू चली तो शाम होते ही धूल भरी आंधी ने सब बदल दिया। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, शाम के समय हवा की रफ्तार 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई थी, जिससे दृश्यता का स्तर काफी नीचे गिर गया। धूल के घने गुबार के कारण रनवे पर विजिबिलिटी कम होना विमानों के उतरने के लिए सबसे बड़ी बाधा बनी, जिससे कई अन्य उड़ानें भी प्रभावित हुईं। मौसम केंद्र के प्रवक्ता ने जानकारी दी कि,

"एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से आगामी चार दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी और बारिश की संभावना है।"

इस भीषण आंधी और अंधड़ के बाद शहर के तापमान में अचानक 11 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों को झुलसाने वाली गर्मी से राहत मिली।

यात्रियों की आपबीती और सुरक्षा मानकों का पालन

फ्लाइट में सवार यात्रियों ने अपना अनुभव बताते हुए कहा कि हवा में विमान के हिचकोले खाने और बार-बार मुड़ने से उन्हें अनहोनी का डर सताने लगा था। विमानन सुरक्षा मानकों के अनुसार, जब तक रनवे पूरी तरह सुरक्षित और दृश्यता अनुकूल नहीं होती, तब तक लैंडिंग की अनुमति देना जोखिम भरा कार्य होता है। एयरपोर्ट के वरिष्ठ अधिकारियों ने पुष्टि की कि पायलट ने ऐसी आपातकालीन स्थिति में धैर्य का परिचय दिया और निर्धारित सुरक्षा प्रक्रियाओं का पूरी तरह पालन किया। जयपुर एयरपोर्ट पर हुई यह घटना दर्शाती है कि खराब मौसम के दौरान विमानन संचालन कितना चुनौतीपूर्ण हो सकता है, लेकिन सही तकनीक से सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है। पायलट की सूझबूझ और एटीसी के निरंतर मार्गदर्शन की वजह से एक संभावित दुर्घटना टल गई और फ्लाइट में सवार सभी यात्री पूरी तरह सुरक्षित अपने घर पहुंच सके।

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