नई दिल्ली | अगर आप रचनात्मक हैं और कपड़ों के नए ट्रेंड्स को समझने का हुनर रखते हैं, तो फैशन डिजाइनिंग आपके लिए सपनों का करियर साबित हो सकता है। यह क्षेत्र न केवल ग्लैमर से भरा है, बल्कि आर्थिक रूप से भी बेहद समृद्ध है।
फैशन डिजाइनिंग करियर गाइड: 12वीं के बाद फैशन डिजाइनिंग में बनाएं करियर, ये हैं टॉप कॉलेज
फैशन की दुनिया में नाम और पैसा कमाने के लिए 12वीं के बाद करें ये कोर्स, जानें बेस्ट यूनिवर्सिटीज।
HIGHLIGHTS
- फैशन डिजाइनिंग में 12वीं के बाद बैचलर ऑफ डिजाइन (B.Des) और B.Sc जैसे कोर्स उपलब्ध हैं।
- NIFT और NID जैसे संस्थान प्रवेश परीक्षा के आधार पर दाखिला देते हैं।
- टेक्सटाइल इंडस्ट्री भारत में रोजगार देने वाला दूसरा सबसे बड़ा सेक्टर बन चुका है।
- कोर्स के बाद सब्यसाची और बिबा जैसे बड़े ब्रांड्स में नौकरी के शानदार अवसर मिलते हैं।
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भारत में टेक्सटाइल इंडस्ट्री बहुत तेजी से बढ़ रही है। कृषि के बाद यह देश का दूसरा सबसे बड़ा रोजगार देने वाला क्षेत्र है। इसलिए 12वीं पास करने वाले छात्रों के पास इस क्षेत्र में करियर बनाने का यह सुनहरा मौका है।
फैशन डिजाइनिंग में प्रमुख कोर्स और योग्यता
फैशन इंडस्ट्री की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यहां किसी भी स्ट्रीम के छात्र आ सकते हैं। चाहे आपने 12वीं साइंस, कॉमर्स या आर्ट्स से की हो, आप इस रचनात्मक दुनिया का हिस्सा बन सकते हैं।
12वीं के बाद छात्र बैचलर ऑफ डिजाइन (B.Des) या बैचलर ऑफ साइंस (B.Sc) इन फैशन डिजाइनिंग कर सकते हैं। ये कोर्स आमतौर पर तीन से चार साल की अवधि के होते हैं और इनमें थ्योरी के साथ प्रैक्टिकल पर जोर दिया जाता है।
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उच्च शिक्षा और स्पेशलाइजेशन
ग्रेजुएशन के बाद आप मास्टर्स ऑफ डिजाइन (M.Des) भी कर सकते हैं। इसके अलावा, इंडस्ट्री की बारीकियों को समझने के लिए कई शॉर्ट-टर्म सर्टिफिकेट कोर्स भी उपलब्ध हैं, जो किसी खास विषय में विशेषज्ञता हासिल करने में मदद करते हैं।
देश के टॉप फैशन डिजाइनिंग संस्थान
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (NIFT) भारत का सबसे प्रतिष्ठित संस्थान है। वर्तमान में इसके देशभर में 20 कैंपस हैं। यहां यूजी और पीजी कोर्स में प्रवेश के लिए आपको एक कठिन प्रवेश परीक्षा पास करनी होती है।
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन (NID) भी एक बेहतरीन विकल्प है। यहां से डिजाइनिंग के कोर्स करने के बाद छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलती है। इसके लिए अलग से डिजाइन एप्टीट्यूड टेस्ट (DAT) देना होता है।
सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल स्कूल ऑफ टेक्सटाइल्स एंड मैनेजमेंट में दाखिले के लिए कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET) अनिवार्य है। इसके अलावा एमिटी यूनिवर्सिटी और इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन डिजाइन (IIAD) भी काफी लोकप्रिय हैं।
करियर के विकल्प और सैलरी
कोर्स पूरा करने के बाद आप फैशन स्टाइलिस्ट, टेक्सटाइल डिजाइनर या कॉस्ट्यूम डिजाइनर बन सकते हैं। मर्चेंडाइजर और फैशन बायर के रूप में भी बड़े ब्रांड्स के साथ काम करने का मौका मिलता है।
"फैशन केवल कपड़ों के बारे में नहीं है, यह अपनी रचनात्मकता को दुनिया के सामने पेश करने का एक शक्तिशाली माध्यम है।"
सब्यसाची, फैबइंडिया, बिबा और बाटा जैसे बड़े नाम फ्रेशर्स को अच्छे पैकेज पर हायर करते हैं। इसके अलावा, आप अपना खुद का बुटीक या फैशन लेबल भी शुरू कर सकते हैं, जो आपको एक सफल उद्यमी बना सकता है।
निष्कर्ष: सफलता का मंत्र
फैशन डिजाइनिंग में सफलता पाने के लिए निरंतर अभ्यास और बाजार के रुझानों की समझ जरूरी है। किसी भी कॉलेज में प्रवेश लेने से पहले उसकी फीस, फैकल्टी और प्लेसमेंट रिकॉर्ड की जांच आधिकारिक वेबसाइट पर जरूर करें।
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