नई दिल्ली/जयपुर। भारतीय खेल जगत से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। देश के महान निशानेबाज, कई बार के कॉमनवेल्थ और एशियाई खेल स्वर्ण पदक विजेता तथा भारतीय शूटिंग टीम के वरिष्ठ कोच जसपाल राणा का निधन हो गया। बताया जा रहा है कि जर्मनी के म्यूनिख में आयोजित ISSF वर्ल्ड कप से भारतीय दल के साथ नई दिल्ली लौटते समय विमान में उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई।
भारतीय शूटिंग जगत को बड़ा झटका: दिग्गज निशानेबाज और कोच जसपाल राणा का निधन, खेल जगत में शोक की लहर
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प्राप्त जानकारी के अनुसार, फ्लाइट के दौरान उन्हें गंभीर हृदयाघात (हार्ट अटैक) आया। दिल्ली एयरपोर्ट पर विमान उतरने के तुरंत बाद उन्हें साकेत स्थित मैक्स अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों के तमाम प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। 49 वर्ष की आयु में उनका इस तरह अचानक निधन भारतीय खेल जगत के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।
भारतीय शूटिंग के ‘द्रोणाचार्य’ थे जसपाल राणा
जसपाल राणा केवल एक महान निशानेबाज ही नहीं, बल्कि देश के सबसे सफल शूटिंग कोचों में भी गिने जाते थे। वर्तमान में वे भारतीय शूटिंग टीम के हाई-परफॉर्मेंस पिस्टल कोच के रूप में कार्यरत थे। ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर सहित कई अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को विश्व मंच पर सफलता दिलाने में उनकी अहम भूमिका रही।
उनकी तकनीकी समझ, अनुशासन और खिलाड़ियों को मानसिक रूप से मजबूत बनाने की क्षमता ने उन्हें भारतीय शूटिंग का सबसे सम्मानित कोच बना दिया था।
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राजस्थान के निशानेबाजों के लिए थे मार्गदर्शक
हालांकि जसपाल राणा का पैतृक संबंध उत्तराखंड और दिल्ली से रहा, लेकिन राजस्थान के युवा निशानेबाजों के साथ उनका विशेष जुड़ाव था। भारतीय जूनियर नेशनल टीम के कोच के रूप में उन्होंने वर्षों तक राजस्थान के कई प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दिया।
राष्ट्रीय शिविरों और प्रतियोगिताओं के दौरान उन्होंने राज्य के अनेक पिस्टल शूटरों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की तकनीक और मानसिक तैयारी के गुर सिखाए। उनके निधन की खबर के बाद राजस्थान के कई वर्तमान और पूर्व निशानेबाजों ने उन्हें अपना गुरु और प्रेरणास्रोत बताते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।
कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ से थे करीबी संबंध
जसपाल राणा और ओलंपिक रजत पदक विजेता कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ के बीच वर्षों पुराना आत्मीय और सम्मानजनक संबंध था। दोनों दिग्गजों ने भारतीय निशानेबाजी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने और खेल के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए लंबे समय तक साथ काम किया।
नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) के विभिन्न अभियानों में भी दोनों की सक्रिय भूमिका रही। राणा के निधन की खबर से राठौड़ सहित देशभर के खेल प्रशासकों, खिलाड़ियों और कोचों में शोक की लहर दौड़ गई है।
खेल जगत ने दी श्रद्धांजलि
जसपाल राणा के निधन पर देशभर के खिलाड़ियों, कोचों और खेल संगठनों ने गहरा दुख व्यक्त किया है। खेल जगत का मानना है कि भारतीय निशानेबाजी ने केवल एक महान खिलाड़ी ही नहीं, बल्कि एक ऐसे गुरु को खो दिया है, जिन्होंने आने वाली पीढ़ियों के लिए सफलता की नई राह तैयार की।