गणपत सिंह हत्याकांड: जालौर में महापड़ाव: गणपत सिंह हत्याकांड: न्याय के लिए 13 मार्च को जालौर में 'महापड़ाव', 80 वर्षीय माँ 9 दिन से भूख हड़ताल पर

गणपत सिंह हत्याकांड: न्याय के लिए 13 मार्च को जालौर में 'महापड़ाव', 80 वर्षीय माँ 9 दिन से भूख हड़ताल पर
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Highlights

  • 13 मार्च 2026 को जालौर जिला मुख्यालय पर होगा विशाल महापड़ाव।
  • पीड़ित की 80 वर्षीय माँ पिछले 9 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं।
  • प्रशासन की कथित अनदेखी के खिलाफ सर्वसमाज (36 कौम) में भारी आक्रोश।
  • आयोजकों ने न्याय व्यवस्था को कायम रखने के लिए जन-समर्थन की अपील की।

जालौर | राजस्थान के जालौर जिले में चर्चित गणपत सिंह हत्याकांड ने अब एक बड़े जन-आंदोलन का रूप ले लिया है। पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और पुलिस प्रशासन की कथित सुस्ती के खिलाफ आगामी 13 मार्च 2026, शुक्रवार को जालौर जिला मुख्यालय पर एक विशाल 'महापड़ाव' का आयोजन किया जाएगा। इस घटना को लेकर न केवल पीड़ित परिवार बल्कि स्थानीय सर्वसमाज (36 कौम) में भी गहरा आक्रोश व्याप्त है।

बुजुर्ग माँ का संघर्ष और बिगड़ती सेहत

इस पूरे मामले में सबसे हृदयविदारक पहलू गणपत सिंह की 80 वर्षीय वृद्ध माता का संघर्ष है। अपने बेटे के हत्यारों को सजा दिलाने और न्याय की गुहार लगाते हुए वे पिछले 9 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठी हैं। लगातार अन्न-जल त्यागने के कारण उनकी शारीरिक स्थिति अत्यंत चिंताजनक हो गई है। डॉक्टरों और परिजनों के अनुसार, उनकी तबीयत दिन-प्रतिदिन गिरती जा रही है, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला है।

13 मार्च को 'महापड़ाव' की तैयारी

न्याय की इस लड़ाई को निर्णायक स्तर पर ले जाने के लिए 36 कौम के प्रतिनिधियों और पीड़ित परिवार ने एकजुट होकर महापड़ाव की घोषणा की है। इस आंदोलन की मुख्य रूपरेखा तैयार कर ली गई है। आयोजकों ने स्पष्ट किया है कि यह केवल एक परिवार की निजी लड़ाई नहीं है, बल्कि समाज में कानून का डर और न्याय व्यवस्था को कायम रखने की एक बड़ी मांग है।

  • दिनांक: 13 मार्च 2026, शुक्रवार
  • समय: सुबह 11:00 बजे से
  • स्थान: जिला मुख्यालय, जालौर
  • मुख्य उद्देश्य: दोषियों की गिरफ्तारी और त्वरित न्याय सुनिश्चित करना।

सर्वसमाज से एकजुटता की अपील

आयोजकों ने युवाओं, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों से बड़ी संख्या में पहुंचने की अपील की है। उनका कहना है कि प्रशासन तक पीड़ित परिवार की आवाज मजबूती से पहुंचाने के लिए जनशक्ति का प्रदर्शन आवश्यक है। प्रशासन को चेतावनी दी गई है कि यदि समय रहते उचित कार्रवाई नहीं हुई और बुजुर्ग माँ के स्वास्थ्य को कोई नुकसान पहुँचा, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तक न्याय नहीं मिलता, यह संघर्ष जारी रहेगा।

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