जालोर | जालोर पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए सरकारी पावर हाउस से ट्रांसफार्मर चोरी करने वाले एक शातिर अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। सांचोर और रानीवाड़ा पुलिस की संयुक्त टीम ने सरगना सहित 9 पेशेवर चोरों को गिरफ्तार कर लिया है।
ट्रांसफार्मर चोर गिरोह का पर्दाफाश: जालोर: 11 चोरियों का खुलासा, ट्रांसफार्मर चोर गिरोह गिरफ्तार
सांचोर और रानीवाड़ा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में सरगना सहित 9 चोर गिरफ्तार। गिरोह ने जालोर, सिरोही, बाड़मेर, पाली में 11 वारदातें कबूलीं।
HIGHLIGHTS
- जालोर पुलिस ने सरकारी पावर हाउस से ट्रांसफार्मर चुराने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया।
- सरगना मोहम्मद नदीम हुसैन सहित कुल 09 शातिर चोरों को गिरफ्तार किया गया।
- आरोपियों ने जालोर, सिरोही, बाड़मेर, पाली और उदयपुर में 11 अन्य वारदातें कबूलीं।
- पुलिस ने 15 किलोमीटर तक पैदल पीछा कर चोरों को दबोचा, वारदात में प्रयुक्त अर्टिगा कार जब्त।
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क्या है पूरा मामला?
यह मामला 5 जून 2026 की रात का है, जब सांकड़ स्थित डिस्कॉम स्टोर में चोरों ने सेंध लगाई।
सहायक अभियंता पुनीत दर्जी ने पुलिस को सूचना दी कि चोरों ने स्टोर की दीवार तोड़कर अंदर रखे 9 सरकारी ट्रांसफार्मर को क्षतिग्रस्त कर दिया।
चोर ट्रांसफार्मर के अंदर से कीमती कॉपर, कोयल, नट-बोल्ट और लगभग 70 किलोग्राम जली हुई कॉपर वाइंडिंग चुरा ले गए।
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वारदात को अंजाम देने के बाद सभी चोर एक सफेद रंग की अर्टिगा कार में माल लादकर फरार हो गए।
फिल्मी अंदाज में 15 KM पैदल पीछा
सूचना मिलते ही सांकड़ चौकी और रानीवाड़ा थाने की पुलिस तुरंत हरकत में आ गई। पूरे इलाके में विशेष नाकाबंदी कर दी गई।
रानीवाड़ा पुलिस ने दिखाई मुस्तैदी
नाकाबंदी के दौरान रानीवाड़ा पुलिस ने एक संदिग्ध अर्टिगा कार को रुकने का इशारा किया, लेकिन ड्राइवर ने कार भगा दी।
पुलिस टीम ने करीब 10 किलोमीटर तक पीछा कर लाछीवाड़ में कार समेत दो आरोपी पतुलाल और शानू को दबोच लिया।
सांकड़ पुलिस की खेतों में दौड़
पकड़े गए आरोपियों ने बताया कि उनके 6 साथी पास के खेतों और झाड़ियों में छिपे हैं।
इस पर सांकड़ चौकी प्रभारी सुरेन्द्र सिंह अपनी टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे और तलाशी अभियान शुरू किया।
पुलिस ने करीब 15 किलोमीटर तक पैदल पीछा करते हुए खेतों और झाड़ियों में छिपे बाकी 6 आरोपियों को भी पकड़ लिया।
कबाड़ी की आड़ में चला रहा था सिंडिकेट
गिरफ्तार चोरों से पूछताछ के बाद इस पूरे सिंडिकेट के मास्टरमाइंड का नाम सामने आया।
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मोहम्मद नदीम हुसैन पुत्र हनीफ हुसैन (जाति भिश्ती), उम्र 27 साल, निवासी भैंसरोड स्टैंड के पास, चित्तौड़गढ़ (मुख्य सरगना व कबाड़ गोदाम संचालक - चित्तौड़गढ़ पुलिस के सहयोग से गिरफ्तार)।
पतुलाल (फत्तुलाल) पुत्र लालुराम जाति जोगी उम्र 48 साल, निवासी वागपुरा, जिला उदयपुर (रेकी व लोकेशन एक्सपर्ट)।
विजयसिंह पुत्र शंकरसिंह जाति राजपूत उम्र 19 साल, निवासी ऐल्वेज स्कूल के पास, जिला चित्तौड़गढ़।
अल्ताफ खां पुत्र शेख इनायत जाति शेख मुसलमान उम्र 32 साल, निवासी सतखंडा, थाना सम्बुपुरा, जिला चित्तौड़गढ़।
अनिल साठीया पुत्र भंवरलाल साठीया, उम्र 30 साल, निवासी मोरमगरी आईटीआई कॉलेज के पीछे, हाल चन्द्रलोक टॉकीज के सामने, चित्तौड़गढ़ कोतवाली।
विकास पुत्र भैरव जाति भील उम्र 24 साल, निवासी ईश्वर नगर, रतलाम, थाना दीनदयाल नगर (मध्य प्रदेश)।
सद्दाम हुसैन पुत्र बाबुशाह जाति शाह मुसलमान उम्र 28 साल, निवासी कच्ची बस्ती, बज्जू जेल के पास, थाना सदर चित्तौड़गढ़।
शानू जोन (शानू खान पठान) पुत्र रज्जाक खां, उम्र 41 साल, निवासी गांधीनगर मौलतगरी, जिला चित्तौड़गढ़।
शैरू पुत्र भैरवलाल जाति बागरिया उम्र 25 साल, निवासी दरगाह के पीछे, वार्ड नंबर 01, कपासन, जिला चित्तौड़गढ़।
गिरोह का सरगना मोहम्मद नदीम हुसैन है, जो चित्तौड़गढ़ में कबाड़ का गोदाम चलाता है।
जालोर पुलिस ने चित्तौड़गढ़ पुलिस के विशेष सहयोग से घेराबंदी कर नदीम हुसैन को भी गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस अधीक्षक शैलेन्द्र सिंह इन्दोलिया ने बताया, "यह एक संगठित गिरोह है जो कबाड़ के काम की आड़ में चोरी की वारदातों को अंजाम देता था। सरगना ही चोरी के लिए वाहन, औजार और वित्तीय मदद मुहैया कराता था।"
कैसे काम करता था यह गिरोह?
पूछताछ में सामने आया कि मुख्य आरोपी मोहम्मद नदीम हुसैन चित्तौड़गढ़ में कबाड़ का गोदाम संचालित करता है, जिसकी आड़ में उसने एक संगठित सिंडिकेट बना रखा है। यह गिरोह अलग-अलग टीमों में राजस्थान व सीमावर्ती राज्यों में सरकारी पावर हाउसों (GSS) की रेकी करता है।
लोकेशन फाइनल होने पर नदीम गिरोह को वाहन, औजार और एडवांस रकम उपलब्ध कराता था। चोरी के बाद माल को ठिकाने लगाने और आरोपियों को वित्तीय व कानूनी मदद (जमानत आदि) देने का काम भी नदीम द्वारा किया जाता था। गिरोह के सदस्यों के मध्य लेनदेन के लिए आनलाईन माध्यमों का उपयोग किया जाता था।
एक नहीं, 11 और चोरियों का खुलासा
पुलिस रिमांड के दौरान आरोपियों ने पिछले एक साल में की गई 11 अन्य वारदातों को भी कबूल किया है।
इस गिरोह ने जालोर के आहोर, सायला और रानीवाड़ा में पहले भी चोरियां की थीं।
इसके अलावा सिरोही के रेवदर, बाड़मेर के रामजी का गोल और उदयपुर के गोगुंदा में भी इन्होंने ट्रांसफार्मर और कीमती सामान चुराया था।
1. क्षेत्र रानीवाड़ा: आज से करीब 12 माह पूर्व ट्रांसफार्मर से कापर व माल चोरी की वारदात।
2. क्षेत्र रानीवाड़ा (पुनः): आज से करीब 06 माह पूर्व पुनः इसी क्षेत्र में चोरी की वारदात।
3. क्षेत्र रेवदर (सिरोही): आज से करीब 01 वर्ष पूर्व विद्युत सामग्री व ट्रांसफार्मर चोरी।
4. क्षेत्र सांकड़: वर्तमान वारदात से पूर्व, करीब 06 माह पहले भी इसी क्षेत्र से माल पार किया था।
5. क्षेत्र आहोर (जालोर): आज से करीब 08 माह पूर्व ट्रांसफार्मर चोरी की वारदात।
6. क्षेत्र नाणा (पाली): आज से करीब 7-8 माह पूर्व पावर हाउस/स्टोर में सेंधमारी।
7. क्षेत्र सायला: आज से करीब 01 माह पूर्व ट्रांसफार्मर तोड़कर कापर चोरी की वारदात।
8. क्षेत्र गोगुंदा (उदयपुर): करीब 01 वर्ष पूर्व GSS/स्टोर से कीमती तांबा व सामान चोरी।
9. अन्य क्षेत्र: करीब 4-5 माह पूर्व एक अन्य स्थान पर वारदात करना स्वीकार किया।
10. क्षेत्र सुमेरपुर (पाली): करीब 08 माह पूर्व सुमेरपुर इलाके से 375 KV का एक बिजली टावर काटकर चोरी करना कबूल किया।
11. क्षेत्र रामजी का गोल (बाड़मेर): आज से करीब 08 माह पूर्व ट्रांसफार्मर व तांबा चोरी की वारदात को अंजाम दिया।
पाली से चुराया 375 KV का बिजली टावर
पूछताछ में सबसे चौंकाने वाला खुलासा पाली जिले में हुई वारदात का है।
करीब 8 महीने पहले इस गिरोह ने सुमेरपुर इलाके से 375 KV का एक पूरा बिजली का टावर ही काटकर चोरी कर लिया था।
पुलिस की जांच जारी
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल हुई अर्टिगा कार और ऑनलाइन लेनदेन से जुड़े डिजिटल सबूत जब्त किए हैं।
फिलहाल चोरी गया माल बरामद नहीं हुआ है, जिसकी बरामदगी के लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही है।
पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और चोरी का माल खरीदने वाले कबाड़ियों की तलाश में जुट गई है।
जालोर पुलिस की इस त्वरित और प्रभावी कार्रवाई ने न केवल एक बड़े चोरी के मामले का खुलासा किया है, बल्कि एक संगठित अंतरराज्यीय गिरोह को ध्वस्त कर संपत्ति संबंधी अपराधों पर एक बड़ी लगाम कसी है। आगे की जांच में और भी कई खुलासे होने की उम्मीद है।
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