नई दिल्ली | भारतीय सराफा बाजार में आज सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त हलचल देखी गई। मंगलवार को सोने की कीमतों में ₹2,291 की बड़ी बढ़त दर्ज की गई।
सोने-चांदी की कीमतों में भारी उछाल: सोने-चांदी के दाम में भारी उछाल: सोना ₹1.48 लाख के पार, चांदी ₹2.34 लाख पहुंची; जानें कीमतों में अचानक आई तेजी की बड़ी वजह
भारतीय सराफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखी गई है। सरकार द्वारा ज्वेलरी आयात पर पाबंदी लगाने के फैसले के बाद सोने के दाम ₹1.48 लाख और चांदी ₹2.34 लाख के पार पहुंच गई है।
HIGHLIGHTS
- सोने की कीमत ₹2,291 बढ़कर ₹1.48 लाख प्रति 10 ग्राम के पार पहुंची।
- चांदी में ₹6,230 की भारी बढ़त, अब ₹2.34 लाख प्रति किलो हुआ भाव।
- सरकार ने गहनों के आयात को 'फ्री' से हटाकर 'रिस्ट्रिक्टेड' कैटेगरी में डाला।
- इस साल अब तक सोने की कीमतों में ₹15,704 का बड़ा इजाफा दर्ज किया गया।
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इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, अब 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत बढ़कर ₹1.48 लाख (लगभग ₹1.49 लाख) पर पहुंच गई है।
इससे पहले 3 अप्रैल को सोने की कीमत ₹1.47 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर पर थी। सिर्फ सोना ही नहीं, बल्कि चांदी की चमक भी आज काफी बढ़ गई है।
चांदी की कीमतों में ₹6,230 की रिकॉर्ड तेजी
चांदी के खरीदारों के लिए आज का दिन महंगा साबित हुआ। एक किलो चांदी की कीमत में ₹6,230 का उछाल आया है, जिससे यह ₹2.34 लाख प्रति किलो पर पहुंच गई है।
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पिछले शुक्रवार को चांदी का भाव ₹2.28 लाख प्रति किलो के आसपास था। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक और घरेलू कारणों से कीमतों में यह बदलाव आया है।
आयात नियमों में बदलाव का बड़ा असर
कीमतों में इस अचानक उछाल की मुख्य वजह केंद्र सरकार का एक बड़ा फैसला माना जा रहा है। सरकार ने कीमती धातुओं के आयात नियमों को सख्त कर दिया है।
अब सोने, चांदी और प्लैटिनम के गहनों को 'फ्री' कैटेगरी से हटाकर 'रिस्ट्रिक्टेड' कैटेगरी में डाल दिया गया है। इससे बाजार में ज्वेलरी की सप्लाई पर असर पड़ा है।
विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) के नए नियमों के अनुसार, अब किसी भी देश से गहने मंगाने के लिए सरकार से विशेष लाइसेंस या परमिशन लेना अनिवार्य होगा।
क्यों लिया गया आयात पर पाबंदी का फैसला?
सरकार ने यह कदम फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए उठाया है। कुछ कारोबारी नियमों का फायदा उठाकर बिना शुल्क के भारी मात्रा में ज्वेलरी ला रहे थे।
इस पाबंदी के कारण घरेलू बाजार में सप्लाई कम होने की आशंका बढ़ गई है। यही कारण है कि आज सराफा बाजार में सोने और चांदी के रेट आसमान छू रहे हैं।
इस साल का सफर: उतार-चढ़ाव की पूरी कहानी
साल 2026 में अब तक सोने-चांदी की कीमतों में काफी अस्थिरता रही है। इस साल सोना अब तक ₹15,704 और चांदी ₹3,623 तक महंगी हो चुकी है।
31 दिसंबर 2025 को सोना ₹1.33 लाख पर था, जो अब ₹1.48 लाख पर है। वहीं चांदी ₹2.30 लाख से बढ़कर ₹2.34 लाख प्रति किलो पर आ गई है।
29 जनवरी को सोने ने ₹1.76 लाख का अपना ऑलटाइम हाई भी बनाया था। हालांकि, मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण बीच में कीमतों में गिरावट भी देखी गई थी।
अलग-अलग शहरों में क्यों बदलते हैं रेट?
अक्सर लोग पूछते हैं कि हर शहर में सोने का भाव अलग क्यों होता है? इसके चार मुख्य कारण हैं। पहला कारण ट्रांसपोर्टेशन और सुरक्षा का खर्च है।
दूसरा कारण खरीदारी की मात्रा है। दक्षिण भारत में सोने की खपत 40% तक है, जिससे वहां के ज्वेलर्स को थोक खरीद पर कुछ फायदे मिलते हैं।
तीसरा कारण लोकल ज्वेलरी एसोसिएशन है, जो स्थानीय मांग के आधार पर रेट तय करते हैं। चौथा कारण ज्वेलर्स के पास मौजूद पुराना स्टॉक और उनकी खरीद मूल्य है।
खरीदते समय बरतें ये सावधानियां
सोना खरीदते समय हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क जरूर चेक करें। यह अल्फान्यूमेरिक कोड शुद्धता की गारंटी देता है।
इसके अलावा, खरीदारी से पहले IBJA की वेबसाइट पर जाकर उस दिन का सही रेट क्रॉस चेक करें। 24, 22 और 18 कैरेट के दाम हमेशा अलग होते हैं।
चांदी की शुद्धता जांचने के घरेलू तरीके
असली चांदी की पहचान के लिए आप मैग्नेट टेस्ट कर सकते हैं। असली चांदी चुंबक से नहीं चिपकती। इसके अलावा आइस टेस्ट भी काफी प्रभावी है।
चांदी के टुकड़े पर बर्फ रखने से वह बहुत तेजी से पिघलती है। साथ ही, असली चांदी को सफेद कपड़े से रगड़ने पर काला निशान पड़ता है, जो उसकी शुद्धता का संकेत है।
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