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भारत

सोना-चांदी की कीमतों में भारी उछाल: सोना ₹3,666 और चांदी ₹6,166 महंगी: सरकार ने जेवर मंगाने पर लगाया कड़ा नियम, अब लाइसेंस लेना होगा अनिवार्य

जोगेन्द्र सिंह शेखावत

इस हफ्ते सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखी गई है। सरकार ने विदेश से गहने मंगवाने के नियमों को सख्त कर दिया है, जिससे आने वाले समय में घरेलू बाजार में गहनों की कीमतें और बढ़ सकती हैं।

HIGHLIGHTS

  • सोने की कीमत इस हफ्ते ₹3,666 बढ़कर ₹1.47 लाख प्रति 10 ग्राम के पार पहुंच गई है।
  • चांदी के दाम में ₹6,166 की बड़ी उछाल आई, अब 1 किलो चांदी ₹2.28 लाख की हुई।
  • सरकार ने गहनों के आयात को 'फ्री' से 'रिस्ट्रिक्टेड' कैटेगरी में डाला, अब लाइसेंस अनिवार्य होगा।
  • नए नियम से पुराने कॉन्ट्रैक्ट या एडवांस पेमेंट वाले शिपमेंट को भी कोई राहत नहीं मिलेगी।
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नई दिल्ली | अगर आप इस हफ्ते सोना या चांदी खरीदने की योजना बना रहे थे, तो आपको अपनी जेब थोड़ी ज्यादा ढीली करनी पड़ सकती है। सर्राफा बाजार में इस सप्ताह कीमतों ने एक लंबी छलांग लगाई है।

10 ग्राम सोने के दाम में ₹3,666 की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके साथ ही अब सोने की कीमत ₹1.47 लाख के स्तर पर पहुंच गई है। पिछले हफ्ते यह ₹1.43 लाख पर था।

चांदी की बात करें तो इसमें भी बड़ी तेजी आई है। 1 किलो चांदी की कीमत ₹6,166 बढ़कर ₹2.28 लाख हो गई है। पिछले हफ्ते यह ₹2.22 लाख प्रति किलो के भाव पर बिक रही थी।

सरकार का बड़ा फैसला: अब लाइसेंस बिना नहीं आएंगे गहने

कीमतों में इस बढ़ोतरी के बीच केंद्र सरकार ने एक बड़ा नीतिगत बदलाव किया है। सरकार ने सोने, चांदी और प्लैटिनम के गहनों के आयात को 'फ्री' कैटेगरी से हटा दिया है।

अब इन कीमती धातुओं के गहनों को 'रिस्ट्रिक्टेड' यानी प्रतिबंधित श्रेणी में डाल दिया गया है। इसका मतलब है कि अब विदेश से जेवर मंगाने के लिए सरकार से विशेष लाइसेंस लेना होगा।

विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) ने स्पष्ट किया है कि यह नियम तत्काल प्रभाव से लागू होगा। सरकार का मुख्य उद्देश्य फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) के गलत इस्तेमाल को रोकना है।

पुराने सौदों पर भी कोई राहत नहीं

DGFT के नए नोटिफिकेशन ने कारोबारियों की चिंता बढ़ा दी है। आमतौर पर नियमों में बदलाव के समय कुछ समय की छूट या ट्रांजिशनल अरेंजमेंट दिया जाता है, लेकिन इस बार राहत नहीं मिलेगी।

अगर किसी कारोबारी ने पहले से एडवांस पेमेंट कर दी है या बैंक से लेटर ऑफ क्रेडिट (LC) जारी हो चुका है, तो भी उन्हें नया लाइसेंस लेना ही होगा। यह नियम उन खेप पर भी लागू होगा जो अभी रास्ते में हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस सख्ती से बाजार में सप्लाई कम हो सकती है। सप्लाई घटने का सीधा असर कीमतों पर पड़ेगा, जिससे ग्राहकों को ज्यादा प्रीमियम चुकाना पड़ सकता है।

विदेशी गहने महंगे, लेकिन स्थानीय कारीगरों को फायदा

अब तक थाईलैंड जैसे देशों से कम टैक्स पर सस्ते गहने भारत आते थे। लाइसेंस अनिवार्य होने से इन विकल्पों पर लगाम लगेगी, जिससे स्थानीय बाजार में गहने महंगे हो सकते हैं।

निवेश के लिए गहने खरीदने वालों को अब घरेलू कीमतों और सप्लाई पर निर्भर रहना होगा। दुकानदार सप्लाई कम होने का हवाला देकर मेकिंग चार्ज में भी बढ़ोतरी कर सकते हैं।

हालांकि, इस सिक्के का एक दूसरा पहलू भी है। विदेशी गहनों की आवक कम होने से भारत के स्थानीय कारीगरों को ज्यादा काम मिलेगा। इससे 'मेक इन इंडिया' को बढ़ावा मिलेगा।

ग्राहकों के लिए अच्छी बात यह है कि देश में बने गहनों पर 'हॉलमार्किंग' के कड़े नियम लागू होते हैं। इससे उन्हें शुद्धता की पूरी गारंटी मिलेगी, जो विदेशी गहनों में संदिग्ध रहती थी।

2026 में सोने-चांदी का अब तक का सफर

इस साल सोने-चांदी की कीमतों में जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखा गया है। 2026 में अब तक सोना ₹13,413 और चांदी ₹2,607 महंगी हो चुकी है।

31 दिसंबर 2025 को सोना ₹1.33 लाख पर था, जो अब ₹1.47 लाख के करीब है। चांदी भी ₹2.30 लाख से गिरकर ₹2.28 लाख पर आई है।

इसी साल 29 जनवरी को सोने ने ₹1.76 लाख का हाई छुआ था। फरवरी में ईरान और इजरायल के बीच तनाव बढ़ने के बाद कीमतों में गिरावट शुरू हुई थी, लेकिन अब फिर तेजी है।

शहरों में क्यों अलग होते हैं सोने के भाव?

अक्सर लोग पूछते हैं कि दिल्ली और मुंबई या चेन्नई में सोने के भाव अलग क्यों होते हैं? इसके पीछे मुख्य रूप से चार बड़े कारण काम करते हैं।

पहला कारण ट्रांसपोर्टेशन और सिक्योरिटी है। सोने को एक शहर से दूसरे शहर सुरक्षित पहुंचाने में काफी खर्च आता है, जो कीमतों में जुड़ जाता है।

दूसरा कारण स्थानीय ज्वेलर्स एसोसिएशन है। हर शहर की एसोसिएशन स्थानीय मांग और सप्लाई के आधार पर हर सुबह सोने के रेट तय करती है।

खरीदारी से पहले इन बातों का रखें ध्यान

सोना खरीदते समय हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क जरूर देखें। यह एक अल्फान्यूमेरिक कोड होता है जो गहनों की शुद्धता की पहचान है।

खरीदारी के दिन इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) की वेबसाइट पर जाकर भाव क्रॉस चेक करें। 24, 22 और 18 कैरेट के रेट अलग-अलग होते हैं।

असली चांदी पहचानने के आसान तरीके

चांदी की शुद्धता जांचने के लिए आप 'मैग्नेट टेस्ट' कर सकते हैं। असली चांदी चुंबक से नहीं चिपकती। अगर वह चिपक रही है, तो समझ लें कि उसमें मिलावट है।

इसके अलावा 'आइस टेस्ट' भी कारगर है। चांदी पर बर्फ का टुकड़ा रखें, अगर वह बहुत तेजी से पिघलता है, तो चांदी असली है। चांदी ऊष्मा की बेहतरीन सुचालक होती है।

सफेद कपड़े से चांदी को रगड़ने पर अगर हल्का काला निशान आता है, तो वह असली चांदी है। असली चांदी में तांबे जैसी गंध भी नहीं आती है, जो कि नकली चांदी में मिल सकती है।

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