हनुमानगढ़ | हनुमानगढ़ नगर परिषद के सभापति चुनाव से ठीक पहले निर्दलीय विधायक गणेशराज बंसल की गिरफ्तारी ने जिले की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। सीआईडी-सीबी और पुलिस की स्पेशल क्राइम ब्रांच की टीम ने वर्ष 2003 में कथित रूप से फर्जी भूमि पट्टे जारी करने से जुड़े मामले में उन्हें हिरासत में लेने के बाद गिरफ्तार किया है।
विधायक गणेशराज बंसल गिरफ्तार: सभापति चुनाव से पहले हनुमानगढ़ विधायक गणेशराज बंसल गिरफ्तार, 23 साल पुराने पट्टा मामले में कार्रवाई
हनुमानगढ़ नगर परिषद सभापति चुनाव से पहले निर्दलीय विधायक गणेशराज बंसल को वर्ष 2003 के कथित फर्जी भूमि पट्टा मामले में गिरफ्तार किया गया है। नगर परिषद के 60 वार्डों में 34 निर्दलीय पार्षद निर्वाचित हुए हैं। समर्थकों ने गिरफ्तारी के समय पर सवाल उठाते हुए प्रदर्शन किया, जबकि कार्रवाई दर्ज आपराधिक मामलों से जुड़ी बताई गई है।
HIGHLIGHTS
- निर्दलीय विधायक गणेशराज बंसल को वर्ष 2003 के कथित फर्जी पट्टा मामले में गिरफ्तार किया गया।CID-CB और स्पेशल क्राइम ब्रांच की टीम ने उन्हें बीकानेर क्षेत्र से हिरासत में लिया था।हनुमानगढ़ नगर परिषद के 60 वार्डों में 34 निर्दलीय पार्षद निर्वाचित हुए हैं।बंसल समर्थित खेमे ने मंजू रणवां को सभापति पद का उम्मीदवार बनाया है।समर्थकों ने गिरफ्तारी के समय पर सवाल उठाते हुए पुलिस थाने का घेराव किया।
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यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब हनुमानगढ़ नगर परिषद में बड़ी संख्या में निर्दलीय पार्षद निर्वाचित हुए हैं और बंसल समर्थित खेमे को बहुमत की स्थिति में बताया जा रहा है। गिरफ्तारी के विरोध में विधायक के समर्थकों और स्थानीय व्यापारियों ने प्रदर्शन करते हुए कार्रवाई के समय पर सवाल उठाए हैं।
बीकानेर क्षेत्र से हिरासत में लिया
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, शनिवार 19 सितंबर की देर रात सीआईडी-सीबी और पुलिस की स्पेशल क्राइम ब्रांच की टीम ने विधायक गणेशराज बंसल को बीकानेर क्षेत्र से हिरासत में लिया। इसके बाद उन्हें हनुमानगढ़ के पल्लू थाने ले जाया गया, जहां उनसे पूछताछ की गई। रविवार सुबह उनकी गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई।
कार्रवाई वर्ष 2003 में जारी किए गए कथित फर्जी भूमि पट्टों से जुड़े आपराधिक मामलों के संबंध में की गई है। बताया गया है कि जांच एजेंसी ने विधायक को मामले में अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस भी दिया था।
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विधायक और उनकी पत्नी के खिलाफ दो मामले
रिपोर्टों के अनुसार, विधायक गणेशराज बंसल और उनकी पत्नी संतोष बंसल सहित अन्य लोगों के खिलाफ हनुमानगढ़ जंक्शन पुलिस थाने में दो अलग-अलग मामले दर्ज हैं। इनमें जमीन और पट्टों से जुड़ी कथित अनियमितताओं तथा धोखाधड़ी के आरोप लगाए गए हैं।
ये आरोप अभी न्यायिक परीक्षण और जांच के दायरे में हैं। मामले में दोष अथवा निर्दोषता का अंतिम निर्धारण सक्षम न्यायालय की प्रक्रिया के बाद ही होगा।
23 साल पुराने मामले में हाल ही में दर्ज हुई प्राथमिकी
जिस कथित घटनाक्रम को लेकर कार्रवाई हुई है, वह वर्ष 2003 से संबंधित बताया गया है। हालांकि उपलब्ध जानकारी के अनुसार इस प्रकरण में प्राथमिकी हाल में दर्ज की गई, जिसके बाद जांच एजेंसी ने कार्रवाई शुरू की।
गिरफ्तारी के बाद सीआईडी-सीबी और बीकानेर रेंज के पुलिस अधिकारियों से मामले की विस्तृत जानकारी लेने का प्रयास किया गया, लेकिन शुरुआती स्तर पर अधिकारियों की ओर से आरोपों और कार्रवाई के संबंध में विस्तार से आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई।
नगर परिषद में 34 निर्दलीय पार्षद
हनुमानगढ़ नगर परिषद में कुल 60 वार्ड हैं। चुनाव परिणाम में 34 निर्दलीय प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की है। भाजपा के 15, कांग्रेस के 10 और माकपा का एक पार्षद निर्वाचित हुआ है।
नगर परिषद में बहुमत का आंकड़ा 31 है। ऐसे में 34 निर्दलीय पार्षद सभापति चुनाव में निर्णायक स्थिति में हैं। इन निर्दलीय पार्षदों में बंसल समर्थित समूह की संख्या को लेकर अलग-अलग रिपोर्टों में 32 से 34 तक का उल्लेख किया गया है।
समर्थकों का दावा है कि सभी 34 निर्दलीय पार्षद बंसल खेमे के साथ हैं। हालांकि व्यक्तिगत पार्षदों की राजनीतिक प्रतिबद्धता और मतदान का वास्तविक रुख चुनाव के दौरान ही स्पष्ट होगा।
मंजू रणवां को बनाया सभापति उम्मीदवार
बंसल समर्थित निर्दलीय खेमे ने मंजू रणवां को नगर परिषद सभापति पद का उम्मीदवार बनाया है। निर्दलीय पार्षदों की संख्या को देखते हुए इस खेमे की स्थिति मजबूत मानी जा रही है।
सभापति चुनाव से ठीक पहले विधायक की गिरफ्तारी के कारण स्थानीय राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि गिरफ्तारी के बाद भी बंसल समर्थित पार्षद एकजुट रहते हैं या मतदान में कोई नया समीकरण सामने आता है।
समर्थकों ने भारत माता चौक पर किया प्रदर्शन
विधायक गणेशराज बंसल की गिरफ्तारी की खबर सामने आने के बाद उनके समर्थकों में नाराजगी दिखाई दी। रविवार को बड़ी संख्या में समर्थक हनुमानगढ़ के भारत माता चौक पर एकत्र हुए और गिरफ्तारी के विरोध में प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन में निर्दलीय पार्षदों के समर्थकों के साथ स्थानीय व्यापारियों ने भी हिस्सा लिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने जंक्शन पुलिस थाने का घेराव किया और कार्रवाई के समय को लेकर सवाल उठाए।
चुनाव प्रभावित करने का लगाया आरोप
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सभापति चुनाव से ठीक पहले विधायक के खिलाफ की गई कार्रवाई का उद्देश्य उनके समर्थक पार्षदों पर दबाव बनाना और चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करना है।
यह प्रदर्शनकारियों और विधायक समर्थकों का आरोप है। गिरफ्तारी के पीछे किसी राजनीतिक उद्देश्य का स्वतंत्र प्रमाण सामने नहीं आया है। पुलिस सूत्रों ने कार्रवाई को दर्ज आपराधिक मामलों और उनकी जांच से संबंधित बताया है।
अधिकारियों के आश्वासन के बाद समाप्त हुआ घेराव
प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की। उपखंड अधिकारी रवि कुमार और पुलिस उपाधीक्षक मीनाक्षी सहारण ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की।
अधिकारियों ने सभापति और उपसभापति पद के चुनाव निष्पक्ष तरीके से कराने तथा किसी पार्षद को अनावश्यक रूप से परेशान नहीं किए जाने का आश्वासन दिया। बातचीत और आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारियों ने पुलिस थाने का घेराव समाप्त कर दिया।
सभापति चुनाव पर टिकी निगाहें
हनुमानगढ़ नगर परिषद में सभापति पद के लिए 21 सितंबर को मतदान प्रस्तावित है। इससे ठीक पहले विधायक गणेशराज बंसल की गिरफ्तारी ने पुलिस कार्रवाई और स्थानीय राजनीतिक समीकरणों को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
एक तरफ जांच एजेंसी के सामने वर्ष 2003 के कथित फर्जी पट्टा मामले की जांच है, वहीं दूसरी तरफ नगर परिषद में बहुमत रखने वाले निर्दलीय पार्षदों का राजनीतिक रुख महत्वपूर्ण है।
अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि बंसल समर्थित बताए जा रहे निर्दलीय पार्षद सभापति चुनाव में एकजुट रहते हैं या मतदान के दौरान भाजपा, कांग्रेस और निर्दलीय खेमों के बीच कोई नया समीकरण बनता है।