जयपुर | राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने मवडी स्थित ब्रह्मर्षि खेतेश्वर वेद विज्ञान गुरुकुल के वार्षिकोत्सव 'धरोहर 2026' में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि वेद भारतीय संस्कृति की आत्मा हैं और इन्होंने सदैव हमारी सभ्यता का संरक्षण किया है।
वेद भारतीय संस्कृति की आत्मा: राज्यपाल: वेद भारतीय संस्कृति की आत्मा हैं: राज्यपाल हरिभाऊ बागडे
राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने गुरुकुल के वार्षिक उत्सव में वेदों के महत्व पर प्रकाश डाला।
HIGHLIGHTS
- राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने वेदों को भारतीय संस्कृति की आत्मा और सभ्यता का संरक्षक बताया।
- उन्होंने कहा कि वैदिक परंपराएं मानव जीवन को अनुशासन, नैतिकता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण देती हैं।
- मवडी के ब्रह्मर्षि खेतेश्वर वेद विज्ञान गुरुकुल में 'धरोहर 2026' का आयोजन किया गया।
- राज्यपाल ने नई पीढ़ी से अपनी सांस्कृतिक जड़ों और संस्कारों से जुड़ने का आह्वान किया।
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वेदों में समाया है ज्ञान का अथाह सागर
राज्यपाल ने ऋषि कुमारों को संबोधित करते हुए कहा कि हमारे वेदों में ज्ञान का अथाह भंडार समाया हुआ है। इसी ज्ञान और दर्शन के बल पर भारत ने पूरे विश्व में सम्मान प्राप्त किया है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि सनातन संस्कृति और वैदिक ज्ञान केवल आध्यात्मिक उन्नति का माध्यम नहीं हैं। बल्कि, ये मानव जीवन के समग्र विकास का ठोस आधार भी प्रदान करते हैं।
सीखने की जिज्ञासा और अनुशासन
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राज्यपाल बागडे के अनुसार, सीखने की जिज्ञासा कभी समाप्त नहीं होनी चाहिए। मनुष्य जितना अधिक ज्ञान अर्जित करता है, उसे उतना ही अनुभव होता है कि अभी बहुत कुछ जानना बाकी है।
उन्होंने शिक्षा को वह दीपक बताया जो अंधकार में भी सही मार्ग दिखाती है। उनके अनुसार, हमारी वैदिक परंपराएं मानव जीवन को अनुशासन, नैतिकता और एक आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण प्रदान करती हैं।
इतिहास में कई बार हमारे वेदों और संस्कृति को नष्ट करने के प्रयास किए गए, लेकिन भारतीय संस्कृति की जड़ें इतनी मजबूत हैं कि वह हर चुनौती के बाद और सशक्त होकर उभरी है।
कार्यक्रम की शुरुआत 'वन्दे मातरम्' के सामूहिक गायन और दीपोत्सव के साथ हुई। राज्यपाल ने नई पीढ़ी से अपनी सांस्कृतिक धरोहर से जुड़कर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने की विशेष अपील की।
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