thinQ360
🏠 टॉप 🔥 राजनीति 📍 राज्य 📰 लाइफ स्टाइल 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 📰 जालोर 👤 शख्सियत 💻 तकनीक ✍️ Blog ⭐ सफलता की कहानी 🚨 क्राइम 📰 मनचाही ▶️ YouTube
राज्य

आदर्श क्रेडिट सोसायटी घोटाला: लोकसभा में गूंजा आदर्श क्रेडिट सोसायटी मामला

गणपत सिंह मांडोली

सिरोही-जालोर सांसद लुम्बाराम चौधरी ने लोकसभा में आदर्श क्रेडिट सोसायटी का मामला उठाया। उन्होंने सरकार से लाखों निवेशकों की गाढ़ी कमाई जल्द वापस दिलाने के लिए प्रभावी कदम उठाने का आग्रह किया।

+Follow us
thinQ360 को गूगल पर फेवरेट बनाएँ

HIGHLIGHTS

  • सिरोही-जालोर सांसद लुम्बाराम चौधरी ने लोकसभा में आदर्श क्रेडिट सोसायटी का मामला उठाया।
  • सोसायटी पर निवेशकों के करोड़ों रुपये नहीं लौटाने और वित्तीय अनियमितताओं का आरोप है।
  • अकेले राजस्थान में 10 लाख निवेशकों के करीब 8 हजार करोड़ रुपये फंसे हुए हैं।
  • सरकार से परिसमापन प्रक्रिया में तेजी लाकर निवेशकों का पैसा लौटाने की मांग की गई है।
adarsh credit co operative society issue raised in lok sabha

सिरोही | सिरोही-जालोर के सांसद लुम्बाराम चौधरी ने मंगलवार को लोकसभा में नियम 377 के तहत आदर्श क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी का बहुचर्चित मामला उठाया। उन्होंने इस मामले में लाखों निवेशकों को राहत दिलाने की पुरजोर मांग की और केंद्र सरकार से प्रभावी कदम उठाने का आग्रह किया।

लोकसभा में गूंजा निवेशकों का दर्द

सांसद लुम्बाराम चौधरी ने सदन में कहा कि आदर्श क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी ने देशभर में लाखों लोगों के साथ धोखा किया है। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि सोसायटी में अपनी गाढ़ी कमाई जमा करने वाले निवेशकों का पैसा जल्द से जल्द वापस दिलाया जाए।

आकर्षक योजनाओं की आड़ में बड़ा धोखा

सांसद ने बताया कि आदर्श क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी ने राजस्थान सहित देशभर के गरीब और मध्यमवर्गीय लोगों को निशाना बनाया। सोसायटी ने आकर्षक योजनाओं का लालच देकर लोगों से करोड़ों रुपये जमा करवाए।

लेकिन जब निवेश की अवधि पूरी हो गई, तो सोसायटी ने निवेशकों को उनका पैसा लौटाने से साफ इनकार कर दिया। इस वजह से लाखों परिवार आज गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।

कौन हैं पीड़ित निवेशक?

उन्होंने बताया कि केवल राजस्थान में ही सोसायटी की 309 शाखाएं थीं, जिनके माध्यम से करीब 10 लाख निवेशकों ने लगभग 8 हजार करोड़ रुपये का भारी-भरकम निवेश किया था।

इन निवेशकों में समाज के सबसे कमजोर तबके के लोग शामिल हैं, जैसे दैनिक मजदूर, नरेगा श्रमिक, रिक्शा चालक, ठेला-फेरी लगाने वाले, छोटे किसान, छोटे व्यापारी और अपनी जीवन भर की पूंजी लगाने वाले सेवानिवृत्त कर्मचारी।

वित्तीय अनियमितताओं और संपत्तियों पर सवाल

सांसद चौधरी ने आरोप लगाया कि सोसायटी ने निवेशकों से जुटाई गई राशि को अपनी ही शेल कंपनियों में निवेश कर दिया। इस प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं की गईं और विभिन्न कानूनी प्रावधानों का खुला उल्लंघन किया गया।

इन गड़बड़ियों के चलते, सोसायटी की संपत्तियों को कुर्क कर लिया गया है, उसके बैंक खाते फ्रीज कर दिए गए हैं और परिसमापन की प्रक्रिया के लिए एक लिक्विडेटर भी नियुक्त किया जा चुका है।

सिरोही-जालोर में भी हजारों पीड़ित

सांसद ने अपने संसदीय क्षेत्र का जिक्र करते हुए कहा कि सिरोही और जालोर जिले के भी हजारों लोगों का करोड़ों रुपया इस सोसायटी में फंसा हुआ है। ये सभी निवेशक लंबे समय से अपनी जमा पूंजी वापस मिलने का इंतजार कर रहे हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि स्थानीय स्तर पर ऐसी शिकायतें मिल रही हैं कि सोसायटी के नाम पर खरीदी गई कुछ संपत्तियों को खुर्द-बुर्द किया जा रहा है, जिससे निवेशकों में अपनी राशि वापस मिलने की उम्मीद लगातार कमजोर पड़ती जा रही है।

सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग

लुम्बाराम चौधरी ने सरकार से पुरजोर मांग की कि परिसमापन की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। उन्होंने कहा कि वर्षों से अपने पैसे का इंतजार कर रहे लाखों लोगों को राहत देने के लिए यह आवश्यक है कि उनकी जमा राशि जल्द से जल्द वापस दिलाई जाए।

*Edit with Google AI Studio

शेयर करें: