मुंबई | \n\nसाल 2010 की वह दोपहर शायद ही कोई सिनेमा प्रेमी भूल पाया होगा, जब एक नन्हा सा बालक स्क्रीन पर आता है और अपनी मासूमियत से सबका दिल जीत लेता है।\n\nफिल्म थी 'आई एम कलाम' और उस नन्हे कलाकार का नाम था हर्ष मायर, जिसे आज पूरी दुनिया एक मंझे हुए अभिनेता के रूप में पहचानती है।\n\nहर्ष मायर की कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है, जहाँ एक साधारण बैकग्राउंड से आया बच्चा अपनी मेहनत के दम पर सफलता की ऊंचाइयों को छूता है।\n\n
I Am Kalam का छोटू अब OTT किंग: I Am Kalam के नन्हे 'छोटू' हर्ष मायर ने ऐसे बदली अपनी किस्मत, नेशनल अवॉर्ड से लेकर 9.1 रेटिंग वाली 'गुल्लक' तक का शानदार सफर
हर्ष मायर ने साल 2010 में 'आई एम कलाम' से अपनी पहचान बनाई। आज वे ओटीटी की दुनिया के बड़े सितारे हैं, जिनकी सीरीज 'गुल्लक' को 9.1 की रेटिंग मिली है।
HIGHLIGHTS
- हर्ष मायर ने साल 2010 में फिल्म 'आई एम कलाम' में 'छोटू' का यादगार किरदार निभाया था।
- अपनी पहली ही फिल्म के लिए हर्ष ने सर्वश्रेष्ठ बाल कलाकार का राष्ट्रीय पुरस्कार जीता था।
- सोनीलिव की सीरीज 'गुल्लक' में अमन मिश्रा बनकर हर्ष ओटीटी के सुपरस्टार बन चुके हैं।
- हर्ष जल्द ही 'स्कॉलरशिप' फिल्म में कल्कि कोचलिन और कोंकणा सेन शर्मा के साथ नजर आएंगे।
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एक यादगार शुरुआत: 'आई एम कलाम'
\n\nहर्ष मायर ने जब अभिनय की दुनिया में कदम रखा, तो उनकी उम्र बहुत कम थी, लेकिन उनके हौसले और उनकी कला की समझ बहुत गहरी थी।\n\nनीला माधव पांडा के निर्देशन में बनी फिल्म 'आई एम कलाम' में उन्होंने 'छोटू' नाम के एक ऐसे बच्चे का किरदार निभाया जो ढाबे पर काम करता है।\n\nछोटू का सपना था कि वह भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम जैसा बने और अपनी गरीबी की बेड़ियों को तोड़कर आगे बढ़े।\n\nहर्ष ने इस किरदार में ऐसी जान फूंकी कि दर्शकों के लिए यह यकीन करना मुश्किल हो गया कि यह उनकी पहली फिल्म है।\n\nउनकी आंखों की चमक और संवाद अदायगी ने फिल्म समीक्षकों को भी अपना मुरीद बना लिया और हर तरफ उनके नाम की चर्चा होने लगी।\n\n
राष्ट्रीय पुरस्कार का सम्मान
\n\nअभिनय की दुनिया में सबसे बड़ा सम्मान 'नेशनल फिल्म अवॉर्ड' माना जाता है, जिसे हासिल करने के लिए बड़े-बड़े दिग्गज सालों तक तपस्या करते हैं।\n\nहर्ष मायर ने अपनी पहली ही फिल्म के लिए सर्वश्रेष्ठ बाल कलाकार का राष्ट्रीय पुरस्कार जीतकर इतिहास रच दिया था।\n\nमहज 12-13 साल की उम्र में राष्ट्रपति के हाथों सम्मान पाना उनके करियर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ।\n\nइस पुरस्कार ने न केवल हर्ष को पहचान दिलाई, बल्कि बाल कलाकारों के प्रति इंडस्ट्री के नजरिए को भी बदलने का काम किया।\n\nगुलशन ग्रोवर जैसे अनुभवी अभिनेता के साथ स्क्रीन साझा करते हुए भी हर्ष की चमक कहीं से भी कम नहीं पड़ी।\n\n
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संघर्ष और बदलाव का दौर
\n\nअक्सर देखा जाता है कि बाल कलाकार बड़े होने के बाद इंडस्ट्री में अपनी जगह नहीं बना पाते, लेकिन हर्ष ने इस मिथक को पूरी तरह तोड़ दिया।\n\nनेशनल अवॉर्ड जीतने के बाद उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती थी कि वे खुद को एक मैच्योर एक्टर के रूप में कैसे स्थापित करें।\n\nउन्होंने कुछ समय का ब्रेक लिया, अपनी पढ़ाई पूरी की और थिएटर के जरिए अपनी एक्टिंग की स्किल को और ज्यादा निखारा।\n\nहर्ष जानते थे कि बचपन की छवि से बाहर निकलना आसान नहीं होगा, इसलिए उन्होंने बहुत ही सोच-समझकर अपने प्रोजेक्ट्स का चुनाव किया।\n\nउन्होंने छोटे पर्दे और फिल्मों में छोटी लेकिन प्रभावशाली भूमिकाएं करना शुरू किया ताकि वे दर्शकों की नजरों में बने रहें।\n\n
ओटीटी का उदय और हर्ष की वापसी
\n\nभारतीय मनोरंजन जगत में जब ओटीटी प्लेटफॉर्म्स का आगमन हुआ, तो हर्ष मायर जैसे प्रतिभाशाली कलाकारों के लिए नए दरवाजे खुल गए।\n\nडिजिटल प्लेटफॉर्म ने कहानी कहने के तरीके को बदल दिया और यहाँ केवल स्टार पावर नहीं, बल्कि शुद्ध अभिनय की मांग होने लगी।\n\nहर्ष ने इस मौके को हाथ से जाने नहीं दिया और वेब सीरीज की दुनिया में अपनी किस्मत आजमाने का फैसला किया।\n\nउनकी मेहनत रंग लाई और उन्हें एक ऐसा प्रोजेक्ट मिला जिसने उन्हें घर-घर में एक नया नाम और नई पहचान दे दी।\n\n
'गुल्लक' और अमन मिश्रा का जादू
\n\nसोनीलिव की लोकप्रिय वेब सीरीज 'गुल्लक' हर्ष मायर के करियर की दूसरी सबसे बड़ी उपलब्धि बनकर उभरी।\n\nइस सीरीज में उन्होंने मिश्रा परिवार के छोटे बेटे 'अमन मिश्रा' का किरदार निभाया, जो अपनी मासूमियत और शरारतों से सबको हंसाता है।\n\nअमन का किरदार इतना रिलेटेबल था कि मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों ने खुद को हर्ष के अभिनय में देखना शुरू कर दिया।\n\nसीरीज की कहानी जितनी सादगी भरी थी, हर्ष का अभिनय उतना ही गहरा और प्रभावशाली था, जिसने दर्शकों को इमोशनली जोड़ लिया।\n\n'गुल्लक' के अब तक कई सीजन आ चुके हैं और हर सीजन के साथ हर्ष की लोकप्रियता और उनकी एक्टिंग की रेंज बढ़ती गई है।\n\n
IMDb पर 9.1 की शानदार रेटिंग
\n\n'गुल्लक' की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसे IMDb पर 9.1 की जबरदस्त रेटिंग मिली हुई है।\n\nइतनी हाई रेटिंग वाली सीरीज का हिस्सा होना किसी भी अभिनेता के लिए गर्व की बात होती है, और हर्ष इसके मुख्य स्तंभों में से एक हैं।\n\nजमील खान, गीतांजलि कुलकर्णी और वैभव राज गुप्ता के साथ उनकी केमिस्ट्री ने इस सीरीज को एक मास्टरपीस बना दिया है।\n\nहर्ष ने अमन मिश्रा के जरिए यह दिखाया कि एक अभिनेता कैसे अपनी बॉडी लैंग्वेज और छोटी-छोटी हरकतों से किरदार को जीवंत कर सकता है।\n\nआज ओटीटी की दुनिया में हर्ष मायर को एक भरोसेमंद और टैलेंटेड सुपरस्टार के रूप में देखा जाता है।\n\n
विविधता और वर्सटैलिटी का प्रमाण
\n\nहर्ष केवल 'गुल्लक' तक ही सीमित नहीं रहे, बल्कि उन्होंने 'हिचकी' जैसी बड़ी फिल्मों में भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।\n\nरानी मुखर्जी के साथ फिल्म 'हिचकी' में उन्होंने एक जिद्दी लेकिन समझदार छात्र की भूमिका निभाई थी, जिसे काफी सराहा गया।\n\nइसके अलावा 'कनपुरिये' और 'आधा फुल' जैसे प्रोजेक्ट्स में भी उन्होंने अपनी बहुमुखी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है।\n\nहर्ष की सबसे बड़ी खूबी यह है कि वे पर्दे पर एक्टिंग करते हुए नहीं दिखते, बल्कि वे उस पल को जीते हुए नजर आते हैं।\n\nवे हर किरदार के साथ खुद को ढाल लेते हैं, चाहे वह एक गरीब बच्चा हो या फिर कानपुर का एक टिपिकल लड़का।\n\n
भविष्य की योजनाएं और 'स्कॉलरशिप'
\n\nहर्ष मायर का सफर अभी तो बस शुरू हुआ है और उनके पास आने वाले समय के लिए कई दिलचस्प प्रोजेक्ट्स लाइन में हैं।\n\nउनकी अगली बड़ी फिल्म 'स्कॉलरशिप' है, जिसका निर्देशन रमन भारद्वाज कर रहे हैं और यह फिल्म चर्चा का विषय बनी हुई है।\n\nइस फिल्म में हर्ष को कल्कि कोचलिन और कोंकणा सेन शर्मा जैसी दिग्गज अभिनेत्रियों के साथ काम करने का मौका मिला है।\n\nइतने बड़े कलाकारों के साथ काम करना हर्ष के बढ़ते कद और उनकी अभिनय क्षमता का सीधा प्रमाण है।\n\nफैंस को उम्मीद है कि इस फिल्म में भी हर्ष अपनी दमदार परफॉर्मेंस से एक बार फिर सबका दिल जीत लेंगे।\n\n
एक प्रेरणादायक सफर
\n\nहर्ष मायर की कहानी उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा है जो छोटे शहरों से आते हैं और बड़े सपने देखते हैं।\n\nउन्होंने साबित किया कि अगर आपके पास हुनर है और आप कड़ी मेहनत करने को तैयार हैं, तो सफलता आपको जरूर मिलेगी।\n\nनेशनल अवॉर्ड विनर होने के बावजूद उन्होंने कभी अहंकार नहीं किया और हमेशा अपनी कला को सीखने पर ध्यान दिया।\n\nआज वे न केवल एक सफल अभिनेता हैं, बल्कि डिजिटल स्पेस के एक ऐसे आइकन हैं जिनकी सादगी सबको पसंद आती है।\n\n'आई एम कलाम' का वह छोटा बच्चा आज अपनी सल्तनत खुद बना चुका है और मनोरंजन की दुनिया का चमकता सितारा है।\n\n
निष्कर्ष: कला की जीत
\n\nहर्ष मायर का अब तक का सफर यह बताता है कि अभिनय केवल डायलॉग बोलना नहीं, बल्कि भावनाओं को महसूस करना है।\n\nओटीटी प्लेटफॉर्म्स ने उन्हें वह मंच दिया जहाँ वे अपनी प्रतिभा का पूरा विस्तार कर सके और दर्शकों के दिलों में बस गए।\n\nआने वाले समय में हर्ष से और भी बेहतरीन किरदारों की उम्मीद की जा सकती है जो भारतीय सिनेमा को समृद्ध करेंगे।\n\nचाहे 'छोटू' हो या 'अमन मिश्रा', हर्ष ने हर रूप में अपनी एक अलग छाप छोड़ी है और यही एक सच्चे कलाकार की पहचान है।\n\nउनकी कहानी हमें सिखाती है कि सपने चाहे कितने भी बड़े हों, उन्हें सच करने का रास्ता मेहनत और ईमानदारी से होकर गुजरता है।
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