सिरोही। जिले में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने रोहिड़ा थाना क्षेत्र के वालोरिया गांव में बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने गांव की पगारा फली स्थित अलग-अलग खेतों में मक्का और सौंफ की फसल के बीच कथित रूप से उगाए जा रहे गांजे के पौधे जब्त किए हैं।
सिरोही में गांजे की अवैध खेती का खुलासा: मक्का-सौंफ की फसल के बीच उगा रहे थे गांजा, सिरोही पुलिस ने 2,950.84 किलो हरे पौधे जब्त किए
सिरोही जिले के रोहिड़ा थाना क्षेत्र स्थित वालोरिया गांव की पगारा फली में पुलिस ने मक्का और सौंफ की फसल की आड़ में कथित रूप से की जा रही गांजे की अवैध खेती का खुलासा किया है। रोहिड़ा, पिण्डवाड़ा, स्वरूपगंज और आबूरोड सदर थाना पुलिस की अलग-अलग कार्रवाइयों में पांच प्रकरण दर्ज किए गए। पुलिस ने कुल 2,950.84 किलोग्राम वजन के गांजे के हरे पौधे जब्त कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
HIGHLIGHTS
- वालोरिया गांव की पगारा फली में गांजे की कथित अवैध खेती का खुलासा।मक्का और सौंफ की फसल के बीच लगाए गए थे गांजे के पौधे।कुल 2,950.84 किलोग्राम वजन के हरे पौधे जब्त करने का पुलिस का दावा।अलग-अलग कार्रवाइयों में पांच प्रकरण दर्ज और चार आरोपी गिरफ्तार।रोहिड़ा, पिण्डवाड़ा, स्वरूपगंज और आबूरोड सदर थाना पुलिस ने की संयुक्त कार्रवाई।
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जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अजेय सिंह राठौड़ के अनुसार, कार्रवाई के दौरान कुल 2,950.84 किलोग्राम वजन के गांजे के हरे पौधे जब्त किए गए। अलग-अलग खेतों और खातेदारों से जुड़े इस मामले में पांच प्रकरण दर्ज कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
मुखबिर की सूचना पर खेतों में दी दबिश
पुलिस के अनुसार, वालोरिया गांव की पगारा फली में गांजे की अवैध खेती किए जाने की सूचना मुखबिर के माध्यम से मिली थी। सूचना की पुष्टि के बाद अलग-अलग पुलिस टीमों का गठन कर खेतों में दबिश दी गई। तलाशी के दौरान मक्का और सौंफ की फसल के बीच गांजे जैसे दिखाई देने वाले बड़ी संख्या में हरे पौधे मिले।
पुलिस ने नियमानुसार पौधों को खेतों से निकलवाकर उनका वजन कराया और जांच के लिए आवश्यक नमूने लिए। जब्त पौधों का कुल वजन 2,950.84 किलोग्राम बताया गया है।
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चार थानों की पुलिस ने दर्ज किए पांच मामले
कार्रवाई में रोहिड़ा, पिण्डवाड़ा, स्वरूपगंज और आबूरोड सदर थाना पुलिस की टीमों ने भाग लिया। अलग-अलग खेतों और खातेदारों की भूमिका सामने आने के बाद संबंधित थानों में कुल पांच प्रकरण दर्ज किए गए। पुलिस ने मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
अब आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि गांजे की खेती कब से की जा रही थी, इसके बीज या पौधे कहां से लाए गए और तैयार फसल की आपूर्ति किसे की जानी थी। पुलिस संभावित खरीदारों, स्थानीय संपर्कों और इस गतिविधि से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

रोहिड़ा थानाधिकारी के नेतृत्व में हुई कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, रोहिड़ा थानाधिकारी ओमकरण के नेतृत्व में गठित टीम ने कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अलग-अलग थानों के अधिकारियों और जवानों के बीच समन्वय के कारण एक साथ कई स्थानों पर दबिश दी जा सकी। कार्रवाई में सहायक उपनिरीक्षक छैलसिंह सहित अन्य पुलिसकर्मी भी शामिल रहे।
कार्रवाई में शामिल पुलिसकर्मियों का सम्मान
मादक पदार्थों की अवैध खेती के खिलाफ कार्रवाई में भूमिका निभाने वाले पुलिस अधिकारियों और जवानों को सम्मानित किया गया। पुलिस अधिकारियों ने इसे टीमवर्क, मुखबिर तंत्र की सक्रियता और पुलिसकर्मियों की सतर्कता का परिणाम बताया।
एसपी डॉ. अजेय सिंह राठौड़ ने कहा कि जिले में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार और खेती के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने पर जांच कर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
नशे के नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचने की चुनौती
इस कार्रवाई के बाद पुलिस के सामने अब यह पता लगाने की चुनौती है कि अवैध खेती के पीछे कोई संगठित नेटवर्क सक्रिय था या नहीं। जब्त पौधों, आरोपियों के संपर्कों और उपलब्ध तकनीकी एवं भौतिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की जांच की जा रही है।
नोट: यह समाचार सिरोही पुलिस की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी और अधिकारियों के बयान पर आधारित है। गिरफ्तार व्यक्तियों पर लगे आरोपों की न्यायिक प्रक्रिया में पुष्टि होना बाकी है। आरोप सिद्ध होने तक उन्हें दोषी नहीं माना जा सकता।