मुंबई | निवेश की दुनिया में अक्सर लोग इस उलझन में रहते हैं कि अपने पैसे को कहां लगाएं। क्या सारा पैसा एक ही जगह निवेश करना सही है या उसे अलग-अलग हिस्सों में बांटना चाहिए?
जादुई फॉर्मूला: निवेश का सुपरहिट फॉर्मूला: 70-15-15 से मिलेगा शानदार रिटर्न
FundsIndia की रिपोर्ट में खुलासा, सही एसेट मिक्स से मिलेगा बाजार में सबसे अधिक मुनाफा।
HIGHLIGHTS
- FundsIndia की 'Wealth Conversations' रिपोर्ट ने निवेश के नए और प्रभावी फॉर्मूले पेश किए हैं।
- 70-15-15 के अनुपात में निवेश करने पर पिछले 20 वर्षों में 12.6% का सालाना रिटर्न मिला है।
- केवल इक्विटी में निवेश करने पर पोर्टफोलियो में 60% तक की भारी गिरावट का जोखिम रहता है।
- 50-25-25 का सुरक्षित फॉर्मूला उन निवेशकों के लिए बेहतर है जो बाजार की अस्थिरता से डरते हैं।
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FundsIndia की हालिया रिपोर्ट 'Wealth Conversations' ने इन सभी सवालों के जवाब दिए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, निवेश की सफलता इस बात पर निर्भर नहीं करती कि कौन सा एसेट सबसे अच्छा है।
असली सफलता इस बात में है कि आप अपने निवेश को किस अनुपात में बांटते हैं। 20 साल के डेटा के आधार पर रिपोर्ट ने एसेट एलोकेशन के महत्व को समझाया है।
एक ही जगह निवेश करने के बड़े जोखिम
रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 20 वर्षों में केवल इक्विटी पोर्टफोलियो में पैसा लगाने पर 11.3 फीसदी का सालाना रिटर्न मिला। हालांकि यह सुनने में अच्छा लगता है, लेकिन जोखिम बहुत अधिक था।
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बाजार में बड़ी गिरावट के दौरान इस पोर्टफोलियो की वैल्यू 60 फीसदी तक गिर गई थी। इसका मतलब है कि 10 लाख रुपए का निवेश घटकर महज 4 लाख रुपए रह गया था।
वहीं, केवल डेट जैसे एफडी या बॉन्ड्स में निवेश करने पर जोखिम तो कम रहा, लेकिन रिटर्न भी सीमित था। इसमें अधिकतम गिरावट केवल 4.4 फीसदी रही, पर रिटर्न 7.5 फीसदी मिला।
7.5 फीसदी का यह रिटर्न महंगाई को मात देने के लिए पर्याप्त नहीं माना जाता है। इसलिए निवेशकों को एक संतुलित और आक्रामक रणनीति की आवश्यकता होती है जो बाजार को हरा सके।
70-15-15 का जादुई फॉर्मूला और इसके फायदे
रिपोर्ट में निवेश के लिए 70-15-15 का एक विशेष फॉर्मूला सुझाया गया है। इस फॉर्मूले के तहत 70 फीसदी इक्विटी, 15 फीसदी डेट और 15 फीसदी गोल्ड में निवेश करना होता है।
इस संतुलित मिश्रण ने पिछले 20 वर्षों में शानदार 12.6 फीसदी का सालाना रिटर्न दिया है। यह रिटर्न केवल इक्विटी में मिलने वाले रिटर्न से भी कहीं ज्यादा बेहतर और स्थिर रहा है।
इस स्ट्रैटेजी की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसमें गिरावट सीमित रही। बाजार के बुरे दौर में भी इस पोर्टफोलियो में अधिकतम गिरावट केवल 39 फीसदी तक ही दर्ज की गई।
छोटी अवधि के लिए भी यह फॉर्मूला बेहद कारगर साबित हुआ है। 5 साल की अवधि में इस स्ट्रैटेजी ने 85 फीसदी मामलों में निवेशकों को बहुत अच्छा रिटर्न प्रदान किया है।
सुरक्षित निवेश के लिए 50-25-25 का विकल्प
जो निवेशक बाजार की तेज उठापटक से घबराते हैं, उनके लिए 50-25-25 का विकल्प बेहतर है। इसमें 50% इक्विटी, 25% डेट और 25% गोल्ड का मिश्रण रखा जाता है।
इस एलोकेशन में रिटर्न लगभग 70-15-15 फॉर्मूले के बराबर ही रहा, लेकिन जोखिम और कम हो गया। इसमें अधिकतम गिरावट का स्तर घटकर मात्र 27.4 फीसदी तक ही रह गया।
यह उन लोगों के लिए एक आदर्श पोर्टफोलियो है जो कम समय के लिए निवेश करना चाहते हैं। यह रणनीति संपत्ति की सुरक्षा और विकास के बीच एक बेहतरीन संतुलन बनाती है।
असली सवाल यह नहीं है कि कौन सा एसेट सबसे अच्छा है, बल्कि असली सवाल यह है कि इन्हें किस अनुपात में मिलाया जाए।
रिपोर्ट यह भी बताती है कि 7 साल की अवधि में इस संतुलित स्ट्रैटेजी ने 92 फीसदी मामलों में सकारात्मक परिणाम दिए हैं। यह लंबी अवधि के वेल्थ क्रिएशन के लिए जरूरी है।
निष्कर्ष के रूप में, FundsIndia की रिपोर्ट निवेशकों को अनुशासन और विविधीकरण की सलाह देती है। सही अनुपात में किया गया निवेश ही आपको भविष्य में आर्थिक रूप से स्वतंत्र बना सकता है।
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