जयपुर | राजस्थान की राजधानी जयपुर में गुरुवार को अन्नपूर्णा रसोई योजना की व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया। जिला कलक्टर संदेश नायक के नेतृत्व में 83 अधिकारियों की एक विशाल टीम ने शहर भर में संचालित 83 अन्नपूर्णा रसोइयों का एक साथ औचक निरीक्षण किया। इस अचानक हुई कार्रवाई से पूरी व्यवस्था में हड़कंप मच गया।
जयपुर अन्नपूर्णा रसोई पर बड़ी रेड: जयपुर में 83 अन्नपूर्णा रसोइयों पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, दो जगहों पर लगा भारी जुर्माना
जयपुर जिला कलक्टर के नेतृत्व में 83 अन्नपूर्णा रसोइयों का औचक निरीक्षण किया गया। दो रसोइयों में गंभीर खामियां मिलने पर 11-11 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
HIGHLIGHTS
- जयपुर जिला कलक्टर के नेतृत्व में 83 अधिकारियों ने 83 अन्नपूर्णा रसोइयों का औचक निरीक्षण किया।
- भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और सुविधाओं से जुड़े कुल 27 बिंदुओं पर सघन जांच की गई।
- मानसरोवर और सुजस सेवा संस्थान की रसोइयों में गंभीर कमियां पाए जाने पर कार्रवाई हुई।
- नियमों की अनदेखी करने वाली दो रसोइयों पर 11-11 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
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प्रशासनिक अमले की बड़ी कार्रवाई
जिला कलक्टर ने स्वयं राजस्थान विश्वविद्यालय परिसर में स्थित अन्नपूर्णा रसोई का निरीक्षण किया। उन्होंने वहां भोजन की गुणवत्ता, पेयजल की उपलब्धता, और स्वच्छता के मानकों को परखा। कलक्टर ने मौके पर मौजूद कर्मचारियों को भोजन की गुणवत्ता बनाए रखने के कड़े निर्देश दिए। इस अभियान में अतिरिक्त जिला कलक्टरों, नगर निगम के अधिकारियों और विभिन्न प्रशासनिक अधिकारियों को शामिल किया गया था। मानसरोवर, सांगानेर, मालवीय नगर, लालकोठी, टोंक रोड और सीकर रोड जैसे प्रमुख इलाकों में एक साथ जांच की गई।
27 मानकों पर हुई कड़ी जांच
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने कुल 27 महत्वपूर्ण बिंदुओं पर व्यवस्थाओं को जांचा। इसमें मुख्य रूप से भोजन का मेन्यू, चपातियों का वजन, भोजन का तापमान और कर्मचारियों की ड्रेस कोड शामिल थे। अधिकारियों ने यह भी देखा कि खाना गर्म परोसा जा रहा है या नहीं। इसके अलावा, बैठने की व्यवस्था, पेयजल की सुविधा, बर्तन धोने का तरीका और रजिस्टर में एंट्री जैसे पहलुओं की भी गहराई से जांच की गई। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि आम जनता को स्वच्छ और पौष्टिक भोजन मिले।
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दो रसोइयों में मिलीं गंभीर खामियां
जांच के दौरान दो रसोइयों में भारी अनियमितताएं और गंभीर कमियां पाई गईं। इन रसोइयों में साफ-सफाई का पूर्ण अभाव था और भोजन की गुणवत्ता निर्धारित मेन्यू के अनुसार नहीं थी। साथ ही वहां पीने के पानी की भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं मिली। निरीक्षण में यह भी सामने आया कि वहां न तो हाथ धोने के लिए साबुन था और न ही कचरे के लिए डस्टबिन की सही व्यवस्था थी। रसोइयों में सूचना बोर्ड और ऑफलाइन प्रमाणित रजिस्टर भी गायब मिले, जो नियमों का सीधा उल्लंघन है।
भारी जुर्माना और सख्त चेतावनी
गंभीर लापरवाही बरतने वाली रसोई संख्या 515 (टचस्टोन फाउंडेशन, वीटी रोड मानसरोवर) और रसोई संख्या 1354 (सुजस सांस्कृतिक सेवा संस्थान) पर कलक्टर ने नाराजगी जताई। उन्होंने नगर निगम को इन दोनों रसोइयों पर 11-11 हजार रुपये का जुर्माना लगाने के निर्देश दिए। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अन्नपूर्णा रसोई योजना में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भविष्य में भी इस तरह के औचक निरीक्षण जारी रहेंगे ताकि गुणवत्ता और पारदर्शिता बनी रहे।
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