विधायक को जान से मारने की धमकी: सांचौर विधायक को धमकी, 2.43 करोड़ के लेनदेन का विवाद
सांचौर विधायक जीवाराम चौधरी को 2.43 करोड़ रुपये के लेनदेन को लेकर दो लोगों ने ठिकाने लगाने की धमकी दी है। विधायक ने मामला दर्ज कराया, दूसरे पक्ष ने जमीन पर कब्जे का आरोप लगाया।
HIGHLIGHTS
- सांचौर विधायक जीवाराम चौधरी को जान से मारने की धमकी मिली।
- विवाद 2.43 करोड़ रुपये के पुराने लेनदेन से जुड़ा है।
- विधायक ने सुरेश चौधरी और दजाराम चौधरी पर आरोप लगाए।
- दूसरे पक्ष ने विधायक पर जमीन पर कब्जा करने का आरोप लगाया।
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सांचौर | सांचौर से निर्दलीय विधायक जीवाराम चौधरी को दो लोगों द्वारा 'ठिकाने लगाने' की धमकी मिली है। इस संबंध में विधायक ने सांचौर थाने में सुरेश चौधरी और दजाराम चौधरी के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। यह पूरा विवाद करोड़ों रुपये के लेनदेन से जुड़ा हुआ है।
वहीं, इस मामले में दूसरे पक्ष ने भी विधायक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। दूसरे पक्ष का कहना है कि विधायक ने उनकी जमीन पर कब्जा कर लिया है।
क्या है पूरा मामला?
विधायक जीवाराम चौधरी ने पुलिस को दी अपनी रिपोर्ट में बताया कि साल 2018 में उन्होंने पादरडी तेतरोल निवासी सुरेश चौधरी और दजाराम चौधरी को व्यापार के लिए पैसे उधार दिए थे।
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उन्होंने बताया कि 'माइक्रो स्टील' के व्यापार के लिए एक करोड़ 20 लाख रुपए की रकम उधार दी गई थी। यह राशि एक साल के लिए एक प्रतिशत की मासिक ब्याज दर पर दी गई थी।
पैसे मांगने पर नहीं लौटाए
विधायक के अनुसार, एक साल पूरा होने के बाद जब उन्होंने दोनों से अपने पैसे वापस मांगे, तो उन्होंने न तो मूलधन लौटाया और न ही ब्याज का भुगतान किया।
इसके बाद, आरोपियों ने बकाया रकम के बदले होथीगांव राजस्व गांव में स्थित लगभग 60 बीघा खातेदारी कृषि भूमि विधायक के नाम करने का प्रस्ताव रखा, लेकिन विधायक ने इस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया।
समाज के लोगों के सामने हुआ इकरारनामा
विधायक ने बताया कि प्रस्ताव ठुकराने के बाद दोनों आरोपी समाज के चार सम्मानित लोगों को लेकर उनके पास आए। उन चार गवाहों की मौजूदगी में एक लिखित इकरारनामा भी तैयार किया गया था।
आरोप है कि इकरारनामा होने के बावजूद आज तक न तो जमीन की रजिस्ट्री की गई और न ही उधार दी गई रकम वापस लौटाई गई।
ब्याज समेत बकाया हुए 2.43 करोड़
जीवाराम चौधरी के अनुसार, 1 जनवरी 2018 से 23 जुलाई 2026 तक मूलधन 1 करोड़ 20 लाख रुपये और ब्याज 1 करोड़ 23 लाख 27 हजार 600 रुपये बनता है।
इस तरह कुल बकाया राशि 2 करोड़ 43 लाख 27 हजार 600 रुपये हो गई है। विधायक का कहना है कि जब भी वे रजिस्ट्री कराने के लिए कहते, आरोपी टालमटोल करते रहे।
व्हाट्सएप कॉल पर दी धमकी
विधायक ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने बार-बार रजिस्ट्री के लिए दबाव बनाया तो आरोपियों ने व्हाट्सएप कॉल पर उनके साथ गाली-गलौज की।
इतना ही नहीं, उन्हें 'ठिकाने लगाने' की धमकी भी दी गई। विधायक के मुताबिक, दजाराम ने कहा कि वह यह जमीन किसी बदमाश को बेच देगा।
दूसरे पक्ष ने आरोपों को नकारा
इस मामले में दूसरे पक्ष दजाराम चौधरी ने सभी आरोपों को गलत बताया है। उन्होंने कहा, 'मैंने 25 साल तक जीवाराम जी को घर बैठे कमा कर दिया है। अब मैं कुछ सालों से खुद का व्यापार कर रहा हूं।'
दजाराम ने यह भी कहा कि उनकी सात साल से विधायक से कोई बातचीत नहीं हुई है और उन पर लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं।