जयपुर | राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के विजनरी प्रयासों के परिणामस्वरूप प्रदेश के विकास को एक नई और ऐतिहासिक गति मिली है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जयपुर मेट्रो फेज-2 के निर्माण को अपनी आधिकारिक मंजूरी दे दी है।
इसके साथ ही, आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने पचपदरा स्थित एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी की संशोधित लागत को भी अपनी स्वीकृति प्रदान की है। मुख्यमंत्री शर्मा ने इन दोनों महत्वपूर्ण निर्णयों के लिए प्रधानमंत्री का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए इसे राजस्थान के लिए बड़ी उपलब्धि बताया है।
जयपुर मेट्रो फेज-2 को केंद्र की मंजूरी: जयपुर मेट्रो फेज-2 और पचपदरा रिफाइनरी को केंद्र की हरी झंडी: सीएम भजनलाल शर्मा ने जताया पीएम मोदी का आभार
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के प्रयासों से जयपुर मेट्रो फेज-2 और पचपदरा रिफाइनरी के लिए केंद्र सरकार ने बड़ी मंजूरी दी है। 41 किमी लंबा मेट्रो कॉरिडोर सीतापुरा से टोडी मोड़ तक बनेगा और रिफाइनरी प्रोजेक्ट को 79 हजार करोड़ से अधिक का बजट मिला है।
HIGHLIGHTS
- जयपुर मेट्रो फेज-2 के तहत प्रहलादपुरा से टोडी मोड़ तक 41 किमी लंबा उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर विकसित किया जाएगा।
- इस मेट्रो परियोजना की कुल लागत 13,037 करोड़ रुपये से अधिक है, जिसमें कुल 36 स्टेशन बनाए जाएंगे।
- पचपदरा स्थित एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी के लिए 79,459 करोड़ रुपये की संशोधित लागत को केंद्र ने मंजूरी दी।
- इन परियोजनाओं से राजस्थान में औद्योगिक विकास को गति मिलेगी और 25,000 से अधिक रोजगार सृजित होंगे।
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जयपुर मेट्रो फेज-2: उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर का विस्तार
जयपुर मेट्रो के दूसरे चरण के अंतर्गत प्रहलादपुरा से टोडी मोड़ तक 41 किलोमीटर लंबा उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। यह विशाल कॉरिडोर शहर के प्रमुख औद्योगिक और आवासीय क्षेत्रों को आपस में जोड़ने का काम करेगा, जो जयपुर की नई लाइफलाइन बनेगा।
यह परियोजना सीतापुरा से लेकर वीकेआईए (विश्वकर्मा औद्योगिक क्षेत्र) तक के इलाकों को कवर करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस ऐतिहासिक कदम से जयपुर के शहरी विकास को नई दिशा मिलेगी और आमजन को सुरक्षित, आधुनिक तथा सुगम परिवहन की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
स्टेशन और निवेश का विवरण
इस महत्वाकांक्षी मेट्रो परियोजना में कुल 36 स्टेशन प्रस्तावित किए गए हैं। परियोजना की कुल अनुमानित लागत 13 हजार 37 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है। यह निवेश जयपुर के बुनियादी ढांचे को वैश्विक स्तर पर मजबूती प्रदान करने के लिए किया जा रहा है।
परियोजना का क्रियान्वयन राजस्थान मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा किया जाएगा। यह केंद्र और राज्य सरकार की 50:50 की हिस्सेदारी वाली एक संयुक्त उद्यम कंपनी है। इससे परियोजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और तकनीकी उत्कृष्टता सुनिश्चित की जा सकेगी।
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प्रमुख क्षेत्रों को मिलेगी निर्बाध कनेक्टिविटी
फेज-2 कॉरिडोर सीतापुरा इंडस्ट्रियल एरिया, जयपुर एयरपोर्ट, टोंक रोड और एसएमएस अस्पताल जैसे महत्वपूर्ण स्थानों को जोड़ेगा। इसके अलावा, एसएमएस स्टेडियम, अंबाबाड़ी और विद्याधर नगर के निवासियों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा और यात्रा समय में भारी कमी आएगी।
विशेष रूप से, एयरपोर्ट क्षेत्र में भूमिगत मेट्रो स्टेशन बनाए जाएंगे ताकि यात्रियों को एयरपोर्ट के भीतर तक निर्बाध कनेक्टिविटी मिल सके। इससे शहर में एक एकीकृत और निरंतर मेट्रो नेटवर्क सुनिश्चित होगा, जो अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होगा।
ट्रैफिक जाम से मुक्ति और आधुनिक जयपुर
वर्तमान में जयपुर में फेज-1 के तहत मानसरोवर से बड़ी चौपड़ तक 11.64 किमी लंबी मेट्रो सेवा संचालित है। नया फेज-2 उत्तर-दक्षिण दिशा में इस नेटवर्क का विस्तार करेगा, जिससे पूरे गुलाबी नगर में व्यापक कनेक्टिविटी सुनिश्चित होगी और सड़कों पर वाहनों का दबाव कम होगा।
इस विस्तार से जयपुर में ट्रैफिक जाम की समस्या काफी हद तक समाप्त हो जाएगी। यह कदम जयपुर को एक आधुनिक और भविष्य के लिए तैयार शहर बनाने की दिशा में 'विकसित राजस्थान' के संकल्प को पूरा करने वाला एक अत्यंत महत्वपूर्ण पड़ाव साबित होगा।
पचपदरा रिफाइनरी: ऊर्जा क्षेत्र में नया कीर्तिमान
मंत्रिमंडलीय समिति ने बाड़मेर के पचपदरा में स्थित रिफाइनरी के लिए 79 हजार 459 करोड़ की संशोधित लागत को मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना न केवल राजस्थान बल्कि पूरे देश की ऊर्जा आवश्यकताओं को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
संशोधित बजट की मंजूरी से निर्माण कार्य में अब और अधिक तेजी आएगी। यह परियोजना राजस्थान के पश्चिमी हिस्से के आर्थिक परिदृश्य को पूरी तरह से बदल देगी। इससे मरुधरा में खुशहाली आएगी और राज्य एक बड़े पेट्रोकेमिकल हब के रूप में वैश्विक मानचित्र पर उभरेगा।
रोजगार के नए अवसरों का सृजन
पचपदरा रिफाइनरी परियोजना से राजस्थान के 25 हजार से अधिक युवाओं के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह युवाओं के आर्थिक सशक्तीकरण और प्रदेश की जीडीपी में सुधार के लिए एक बड़ा गेम-चेंजर साबित होने वाला है।
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार इन दोनों परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। ये निर्णय 'विकसित भारत' के लक्ष्य को प्राप्त करने में राजस्थान की भागीदारी को और अधिक सशक्त बनाएंगे और आने वाली पीढ़ियों के लिए समृद्धि के द्वार खोलेंगे।
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