जयपुर |
बच्चों का दूध, मावा माफिया की लूट!: बच्चों के दूध से बन रहा मावा, 3000 किलो पाउडर जब्त
जयपुर ग्रामीण पुलिस ने सामोद में बाल गोपाल योजना का 3 हजार किलो दूध पाउडर जब्त किया है। इसे स्कूलों की बजाय मावा फैक्ट्रियों में खपाने की आशंका है।
HIGHLIGHTS
- जयपुर ग्रामीण पुलिस ने 3 हजार किलो सरकारी दूध पाउडर जब्त किया।
- यह दूध पाउडर बाल गोपाल योजना के तहत बच्चों के लिए था।
- आशंका है कि इसे मावा बनाने वाली फैक्ट्रियों में बेचा जा रहा था।
- मामले में चालक समेत तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है।
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सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के स्वास्थ्य के साथ बड़ा खिलवाड़ सामने आया है। जिस दूध को पीकर बच्चों को सेहतमंद होना था, उस दूध पाउडर से मावा बनाकर बाजार में बेचा जा रहा था। जयपुर ग्रामीण पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए इस नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है।
पुलिस ने सामोद के चीथवाड़ी इलाके से लगभग 3 हजार किलोग्राम सरकारी दूध पाउडर से लदी एक पिकअप गाड़ी को जब्त किया है। यह दूध पाउडर 'पन्नाधाय बाल गोपाल योजना' के तहत स्कूलों में वितरित किया जाना था।
बाल गोपाल योजना में बड़ी सेंध
यह घटना सरकार की महत्वाकांक्षी बाल गोपाल योजना पर गंभीर सवाल खड़े करती है। एक तरफ सरकार राजस्थान कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन (आरसीडीएफ) को स्कूलों में दूध की तत्काल आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दे रही है, वहीं दूसरी ओर बच्चों के हिस्से का दूध मावा बनाने वाली भट्टियों तक पहुंच रहा है।
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चालक समेत तीन लोग हिरासत में
जयपुर ग्रामीण पुलिस और डीएसटी की संयुक्त टीम ने सामोद थाना क्षेत्र के चीथवाड़ी स्थित गोलाडा की ढाणी में यह कार्रवाई की। टीम ने दूध पाउडर से भरी पिकअप को जब्त कर लिया।
गाड़ी में करीब तीन हजार किलो दूध पाउडर के पैकेट मिले। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गाड़ी के चालक समेत तीन लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।
पूरे नेटवर्क की जांच शुरू
प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि यह दूध पाउडर सरकारी स्कूलों में बच्चों को बांटने के लिए था। सरकारी दूध पाउडर की बिक्री प्रतिबंधित है, लेकिन इसे अवैध रूप से मावा बनाने वाली भट्टियों में खपाया जा रहा था।
पुलिस को आशंका है कि पूछताछ में एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हो सकता है और इसमें शामिल कई अन्य लोगों के नाम भी सामने आ सकते हैं। जब्त किया गया दूध पाउडर श्रीगंगानगर, भीलवाड़ा और जयपुर डेयरी द्वारा निर्मित बताया जा रहा है।
कई जिलों में दूध की किल्लत
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब कई जिलों से मांग के अनुसार मिल्क पाउडर की आपूर्ति नहीं होने की शिकायतें मिल रही हैं। मिड-डे-मील योजना आयुक्तालय ने आरसीडीएफ को पत्र लिखकर सभी जिलों में तत्काल दूध पाउडर उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए हैं।
विभाग की ओर से आपूर्ति आदेश जारी होने के बावजूद कई स्कूलों तक दूध पाउडर नहीं पहुंचा है। क्षेत्र के कई सरकारी स्कूलों में अप्रैल के बाद से बच्चों को दूध नहीं मिलने की शिकायतें भी लगातार आ रही थीं।
क्या है बाल गोपाल योजना?
पन्नाधाय बाल गोपाल योजना के तहत प्रदेश के सरकारी स्कूलों में प्री-प्राइमरी से लेकर कक्षा 8 तक के लगभग 50 लाख बच्चों को पाउडर से बना दूध दिया जाता है।
- कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों के लिए 15 ग्राम पाउडर से 150 मिलीलीटर दूध तैयार किया जाता है।
- कक्षा 6 से 8 तक के बच्चों के लिए 20 ग्राम पाउडर से 200 मिलीलीटर दूध तैयार होता है।
इस योजना के तहत राजस्थान को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन (RCDF) के माध्यम से स्कूलों को दूध पाउडर की डोर-स्टेप डिलीवरी की जाती है। पुलिस ने संबंधित विभागों को मामले की जानकारी दे दी है और आगे की जांच जारी है।
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