जैसलमेर | जैसलमेर में भीषण गर्मी और लू का सितम अपने चरम पर है। विश्व प्रसिद्ध सोनार किले की बलुआ पत्थर की दीवारें इतनी तप रही हैं कि उन्हें छूना भी मुश्किल हो गया है। पर्यटकों की कमी और भयंकर तापमान के कारण पूरे जिले का पर्यटन क्षेत्र और व्यापार बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
जैसलमेर में गर्मी का कहर: जैसलमेर: तपता सोनार किला, टूरिज्म पर भारी छूट
जैसलमेर में भीषण गर्मी से सोनार किला तपा और टूरिज्म पैकेज पर भारी डिस्काउंट मिला।
HIGHLIGHTS
- सोनार किले की दीवारें इतनी गर्म हैं कि उन्हें छूना मुश्किल हो गया है।
- पर्यटकों को लुभाने के लिए टूरिज्म पैकेज पर 40% की भारी छूट दी गई।
- प्रसिद्ध घोटुआ मिठाई का उत्पादन घटकर अब 50 प्रतिशत ही रह गया है।
- जैसलमेर में गर्मी ने पिछले 10 सालों के कई पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।
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पर्यटकों के लिए 40% डिस्काउंट
शहर की प्रसिद्ध पटवा हवेलियां और गलियां इन दिनों पूरी तरह सूनी पड़ी हैं। इस मंदी से निपटने के लिए होटल संचालकों ने टूरिस्ट पैकेज पर 40% तक की भारी छूट देने का फैसला किया है।
जो पैकेज सर्दियों में 10 हजार रुपये का मिलता था, वह अब मात्र 5 से 6 हजार रुपये में मिल रहा है। इसमें होटल में रुकना और डेजर्ट सफारी शामिल है।
मिठाई कारोबार और व्यापार पर असर
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गर्मी का असर जैसलमेर की मशहूर घोटुआ मिठाई पर भी पड़ा है। मांग घटने और भयंकर तपिश के कारण इसका उत्पादन 50% तक गिर गया है। हलवाई अब भट्टी के पास काम करने से कतरा रहे हैं।
"भट्टी के पास बैठकर मिठाई बनाना इस मौसम में किसी कड़ी सजा से कम नहीं है। गर्मी के कारण हमने काम के घंटों में कटौती कर दी है।" - कारीगर सोनू कुमार
गर्मी का रिकॉर्ड और प्रशासन की तैयारी
जैसलमेर में साल 1999 में तापमान 49 डिग्री तक पहुंच गया था। इस साल भी गर्मी ने पिछले एक दशक के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। प्रशासन सड़कों को ठंडा करने के लिए पानी का छिड़काव कर रहा है।
लू का यह असर इस महीने के अंत तक जारी रह सकता है। हालांकि, शाम ढलते ही मौसम कुछ सुहावना होता है, जो बजट यात्रियों के लिए शांति से घूमने का अच्छा मौका हो सकता है।
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