thinQ360
thinQ360
🏠 टॉप 🔥 राजनीति 📰 लाइफ स्टाइल 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 👤 शख्सियत 💻 तकनीक ✍️ Blog ⭐ सफलता की कहानी 🚨 क्राइम 💡 मनचाही ▶️ YouTube
क्राइम

3 करोड़ की अफीम के साथ पिता-पुत्र गिरफ्तार: जालोर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 3 करोड़ के अफीम दूध के साथ पिता-पुत्र गिरफ्तार, टायर पंक्चर कर फिल्मी स्टाइल में पकड़ा

ललित पथमेड़ा ललित पथमेड़ा

जालोर एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने राजसमंद के देवगढ़ में बड़ी कार्रवाई करते हुए 58 किलो अफीम के दूध के साथ पिता-पुत्र को गिरफ्तार किया है। आरोपी फिल्मी अंदाज में पुलिस को चकमा देने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने टायर पंक्चर कर उन्हें दबोच लिया।

HIGHLIGHTS

  • 58 किलो अफीम का दूध जब्त, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 3 करोड़ रुपए है।
  • आरोपी भंवर सिंह और उसका बेटा जितेंद्र सिंह दो अलग-अलग गाड़ियों में तस्करी कर रहे थे।
  • पुलिस ने फिल्मी स्टाइल में गाड़ी का टायर पंक्चर कर तस्करों को रंगे हाथों पकड़ा।
  • आरोपी भंवर सिंह पहले भी अफीम तस्करी के मामले में 8 साल की जेल काट चुका है।
jalore police arrest father son opium smuggling case

जालोर |  राजस्थान के जालोर जिले की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने नशे के सौदागरों के खिलाफ एक बहुत बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने राजसमंद के देवगढ़ इलाके में घेराबंदी कर पिता और पुत्र को गिरफ्तार किया है।
इन तस्करों के पास से पुलिस ने भारी मात्रा में अफीम का दूध बरामद किया है। जब्त किए गए 58 किलो अफीम के दूध की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 3 करोड़ रुपए आंकी जा रही है।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान भंवर सिंह और उसके बेटे जितेंद्र सिंह के रूप में हुई है। ये दोनों मारवाड़ जंक्शन क्षेत्र के रहने वाले हैं और लंबे समय से पुलिस की रडार पर थे।

सांवरिया सेठ के मंदिर से शुरू हुआ पीछा

आईजी विकास कुमार ने बताया कि एएनटीएफ की टीम काफी समय से कुख्यात तस्करों की गतिविधियों पर नजर रख रही थी। भंवर सिंह के बारे में पुलिस को पुख्ता जानकारी मिली थी।
तस्कर भंवर सिंह की एक खास आदत थी कि वह हर तस्करी की ट्रिप के दौरान चित्तौड़गढ़ स्थित सांवरिया सेठ मंदिर जरूर जाता था। वह अक्सर रात के समय वहीं रुकता था।
पुलिस की टीम ने भी गुप्त रूप से मंदिर के पास डेरा डाल दिया था। टीम ने सादे कपड़ों में रहकर तस्करों की हर हरकत पर पैनी नजर रखी और उनकी योजना को समझा।

फिल्मी अंदाज में टायर पंक्चर कर पकड़ा

अगले दिन जब भंवर सिंह और उसका बेटा जितेंद्र दो अलग-अलग गाड़ियों में निकले, तो पुलिस ने उनका पीछा करना शुरू कर दिया। जितेंद्र बोलेरो गाड़ी में आगे चल रहा था।
जितेंद्र का काम रास्ते की रेकी करना और अपने पिता को पुलिस की मौजूदगी के बारे में जानकारी देना था। भंवर सिंह दूसरी कार में अफीम लेकर पीछे-पीछे आ रहा था।
देवगढ़ के पास टीम ने एक सोची-समझी रणनीति अपनाई। पुलिस ने पहले रेकी कर रहे बेटे की गाड़ी को निकलने दिया ताकि भंवर सिंह को कोई शक न हो और उसे घेरा जा सके।
जैसे ही भंवर सिंह की कार करीब आई, पुलिस ने सड़क पर जाल बिछाकर उसकी गाड़ी का टायर पंक्चर कर दिया। गाड़ी रुकते ही टीम ने उसे चारों तरफ से घेर लिया और दबोच लिया।

ढाबे का वेटर बना पुलिस का मुखबिर

इस पूरी कार्रवाई की सफलता के पीछे एक ढाबे के वेटर का भी बड़ा हाथ रहा। पुलिस को पता चला था कि भंवर सिंह रास्ते में एक ही ढाबे पर खाना खाता था।
एएनटीएफ टीम ने उस ढाबे के वेटर को अपना मुखबिर बनाया। वेटर ने पुलिस को सटीक सूचना दी कि भंवर सिंह किस समय माल लेकर वापस लौटने वाला है और उसका रूट क्या है।
इसी सटीक जानकारी के आधार पर पुलिस ने देवगढ़ कामली घाट के पास नाकाबंदी की थी। पुलिस की इस सतर्कता ने तस्करों के मंसूबों पर पूरी तरह से पानी फेर दिया और माल जब्त कर लिया।

जेल काट चुका है मुख्य आरोपी

पकड़ा गया मुख्य आरोपी भंवर सिंह कोई नया अपराधी नहीं है। वह साल 2013 में भी नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) द्वारा अफीम तस्करी के मामले में पकड़ा गया था।
उस समय उसे सजा हुई थी और वह करीब 8 साल तक जेल की सलाखों के पीछे रहा था। जेल से बाहर आने के बाद उसने फिर से तस्करी का काला कारोबार शुरू कर दिया था।
भंवर सिंह ने पूछताछ में पुलिस को कई बड़े ड्रग माफियाओं और सरगनाओं के नाम बताए हैं। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।

नेटवर्क को खंगाल रही है पुलिस

जालोर पुलिस और एएनटीएफ की यह कार्रवाई नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में एक मील का पत्थर साबित होगी। पुलिस अब उन लोगों की तलाश कर रही है जिन्हें यह माल सप्लाई होना था।
पूछताछ में यह भी सामने आया है कि आरोपी तस्करी के लिए लग्जरी गाड़ियों का इस्तेमाल करते थे ताकि किसी को शक न हो। पुलिस ने मौके से दोनों गाड़ियां भी जब्त कर ली हैं।
इस बड़ी कामयाबी के बाद पुलिस टीम को उच्चाधिकारियों द्वारा पुरस्कृत करने की घोषणा भी की गई है। राजस्थान में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ पुलिस की यह सख्ती आगे भी जारी रहेगी।

शेयर करें:

ताज़ा खबरें