टोक्यो | जापान में इन दिनों कुदरत का एक ऐसा करिश्मा देखने को मिल रहा है जिसे देखने के लिए पूरी दुनिया बेताब रहती है। वसंत ऋतु के आगमन के साथ ही जापान के लाखों चेरी ब्लॉसम के पेड़ गुलाबी और सफेद फूलों से लद गए हैं। यह नजारा इतना खूबसूरत है कि ऐसा लगता है जैसे पूरे देश ने फूलों की मखमली चादर ओढ़ ली हो।
जापान में चेरी ब्लॉसम को 'सकुरा' के नाम से जाना जाता है और यह वहां की संस्कृति का एक अभिन्न हिस्सा है। इन फूलों का खिलना केवल एक प्राकृतिक घटना नहीं है, बल्कि यह जापानियों के लिए एक बड़े उत्सव जैसा होता है। इस मौसम में जापान की सड़कें, पार्क और नदियों के किनारे गुलाबी रंग में रंगे हुए नजर आते हैं।
जापान में चेरी ब्लॉसम की बहार: जापान में गुलाबी हुआ आसमान: चेरी ब्लॉसम के 800 किस्मों के लाखों पेड़ों ने ओढ़ी फूलों की चादर, जानें घूमने का सबसे सही समय और खास बातें
जापान में वसंत ऋतु के आगमन के साथ ही चेरी ब्लॉसम का खूबसूरत सीजन शुरू हो गया है। लाखों पेड़ों पर खिले गुलाबी और सफेद फूल पूरे देश को एक जन्नत जैसा अहसास करा रहे हैं, जिसे देखने दुनिया भर से लोग पहुंच रहे हैं।
HIGHLIGHTS
- जापान में चेरी ब्लॉसम की 800 से अधिक किस्में पाई जाती हैं, जिनमें 80% 'सोमेई-योषिनो' प्रजाति के पेड़ हैं।
- इन खूबसूरत फूलों का जीवनकाल बहुत छोटा होता है, जो खिलने के बाद केवल 7 से 14 दिनों तक ही टिकते हैं।
- चेरी ब्लॉसम की पंखुड़ियों का उपयोग जापान में विशेष चाय और पारंपरिक स्वादिष्ट मिठाइयां बनाने में भी किया जाता है।
- पर्यटन के इस सीजन से जापान की अर्थव्यवस्था को हर साल अरबों रुपये का बड़ा फायदा होता है और विदेशी मुद्रा आती है।
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800 से ज्यादा किस्मों का अनूठा संसार
जापान में चेरी ब्लॉसम की विविधता आपको हैरान कर सकती है क्योंकि यहां इस फूल की 800 से भी ज्यादा अलग-अलग किस्में पाई जाती हैं। इन सभी किस्मों के फूलों का रंग, आकार और खिलने का समय थोड़ा अलग होता है। हालांकि, इनमें से सबसे लोकप्रिय और प्रसिद्ध 'सोमेई-योषिनो' प्रजाति के पेड़ हैं।
जापान के कुल चेरी के पेड़ों में से लगभग 80 फीसदी इसी एक प्रजाति के हैं, जो हल्के गुलाबी और सफेद रंग के होते हैं। इन फूलों की खूबसूरती जितनी बेमिसाल है, इनका जीवन उतना ही छोटा और नाजुक होता है। ये फूल पूरी तरह खिलने के बाद मात्र 7 से 14 दिनों तक ही पेड़ों पर टिक पाते हैं।
सकुरा का सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व
जापान के लोगों के लिए सकुरा केवल एक सुंदर फूल नहीं, बल्कि एक गहरा आध्यात्मिक संदेश भी है। यह जीवन की नश्वरता और नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। जैसे ये फूल अपनी पूरी सुंदरता के साथ खिलते हैं और जल्दी ही गिर जाते हैं, वैसे ही जीवन को भी भरपूर जीने की प्रेरणा देते हैं।
प्राचीन काल में समुराई योद्धा भी अपनी तुलना इन फूलों से करते थे, जो अपनी शान में कभी कमी नहीं आने देते थे। जब ये फूल खिलते हैं, तो पूरा देश 'हानामी' यानी फूल देखने की रस्म में डूब जाता है। लोग अपने परिवार और दोस्तों के साथ घंटों इन पेड़ों के नीचे बैठकर समय बिताते हैं।
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स्वाद में भी रसा है फूलों का जादू
इन फूलों का इस्तेमाल सिर्फ देखने और सजावट के लिए ही नहीं, बल्कि खान-पान में भी बड़े पैमाने पर होता है। चेरी ब्लॉसम की पंखुड़ियों को विशेष प्रक्रिया से सुखाकर उनसे 'सकुरा-यू' यानी चाय तैयार की जाती है। यह चाय जापानी शादियों और शुभ अवसरों पर विशेष रूप से परोसी जाती है।
जापान में इस सीजन में सकुरा फ्लेवर वाली मिठाइयां, आइसक्रीम और स्नैक्स की दुकानों पर बाढ़ आ जाती है। 'सकुरा मोची' नाम की पारंपरिक मिठाई इस दौरान सबसे ज्यादा पसंद की जाती है। पर्यटक इन अनोखे स्वादों का लुत्फ उठाने के लिए दूर-दूर से जापान के बाजारों में पहुंचते हैं।
अर्थव्यवस्था के लिए सोने का अंडा
चेरी ब्लॉसम का सीजन जापान की अर्थव्यवस्था के लिए किसी बड़े वरदान से कम साबित नहीं होता है। हर साल लाखों की संख्या में विदेशी पर्यटक इस अद्भुत नजारे को अपनी आंखों में कैद करने जापान पहुंचते हैं। इससे होटल इंडस्ट्री, एयरलाइंस और स्थानीय हस्तशिल्प बाजार में जबरदस्त उछाल आता है।
आंकड़ों के अनुसार, इस छोटे से सीजन से जापान को हर साल अरबों डॉलर का राजस्व प्राप्त होता है। अगले एक हफ्ते तक यह नजारा अपने चरम पर रहेगा, जो पर्यटकों के लिए सबसे अच्छा समय है। इसके बाद पंखुड़ियां गिरना शुरू हो जाएंगी, जिससे सड़कों पर गुलाबी कालीन जैसा दृश्य बन जाएगा।
शहरों के अनुसार खिलने का समय
अगर आप जापान जाने की योजना बना रहे हैं, तो यह जानना जरूरी है कि हर शहर में फूल अलग समय पर खिलते हैं। फुकुओका जैसे दक्षिणी क्षेत्रों में, पहला फूल आमतौर पर मार्च के मध्य से अंत तक खिलना शुरू हो जाता है। टोक्यो, क्योटो और ओसाका में, चेरी के पेड़ आमतौर पर मार्च के आखिरी सप्ताह में फूलना शुरू करते हैं।
अप्रैल के पहले सप्ताह तक इन प्रमुख शहरों में पेड़ पूरी तरह से फूलों से ढक जाते हैं। यदि आप अप्रैल की शुरुआत में नहीं जा पाते, तो आप उत्तरी क्षेत्रों का रुख कर सकते हैं। होक्काइडो जैसे ठंडे इलाकों में चेरी के फूल अप्रैल के अंत से लेकर मई के शुरुआती दिनों तक खिले रहते हैं।
मौसम का पूर्वानुमान है बेहद जरूरी
चेरी के फूल कब और कितने समय तक खिलेंगे, इसकी कोई सौ प्रतिशत गारंटी नहीं दी जा सकती है। फूलों का खिलना पूरी तरह से तापमान, वर्षा और हवा की गति जैसे कारकों पर निर्भर करता है। यदि अचानक तेज बारिश या हवा चलती है, तो ये नाजुक पंखुड़ियां समय से पहले ही गिर सकती हैं।
जापान का मौसम विभाग हर साल 'सकुरा फोरकास्ट' जारी करता है ताकि लोग अपनी यात्रा की योजना बना सकें। पर्यटकों को सलाह दी जाती है कि वे इस फोरकास्ट को देखकर ही अपने टिकट बुक करें। इस दौरान जापान के सभी प्रमुख पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा और सुविधाओं के विशेष इंतजाम किए जाते हैं।
सकुरा फुबुकी: एक जादुई अनुभव
जब चेरी ब्लॉसम का सीजन खत्म होने वाला होता है, तब एक और खूबसूरत घटना घटती है जिसे 'सकुरा फुबुकी' कहते हैं। इसका अर्थ है 'चेरी ब्लॉसम का हिमपात' या फूलों की बर्फबारी। जब हवा चलती है, तो लाखों पंखुड़ियां एक साथ हवा में तैरती हुई नीचे गिरती हैं।
यह दृश्य किसी फिल्म के सेट जैसा लगता है और फोटोग्राफर्स के लिए यह सबसे बेहतरीन समय होता है। नदियों के पानी पर तैरती गुलाबी पंखुड़ियां जलधारा को भी गुलाबी रंग में बदल देती हैं। जापान की सरकार इन पेड़ों के संरक्षण के लिए हर साल करोड़ों रुपये खर्च करती है ताकि यह विरासत बनी रहे।
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