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राजनीति

भैराणा धाम प्रकरण पर सियासत तेज: ज्योति मिर्धा ने हनुमान बेनीवाल पर साधा निशाना

बलजीत सिंह शेखावत

बेनीवाल अक्सर विवादित और अमर्यादित भाषा का प्रयोग कर सुर्खियों में बने रहने की कोशिश करते हैं।

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HIGHLIGHTS

  • 1.ज्योति मिर्धा ने हनुमान बेनीवाल की राजनीतिक शैली पर भी निशाना साधा 2. आरोप लगाया कि उनकी पार्टी ने धार्मिक और जन-आस्था से जुड़े इस संवेदनशील मुद्दे को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करने का प्रयास किया है।
jyoti mirdha takes aim at hanuman beniwal

कुचामन/नागौर: राजस्थान के भैराणा धाम प्रकरण को लेकर राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. ज्योति मिर्धा ने राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के प्रमुख और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि उनकी पार्टी ने धार्मिक और जन-आस्था से जुड़े इस संवेदनशील मुद्दे को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करने का प्रयास किया है।

कुचामन में आयोजित भाजपा के सांगठनिक प्रशिक्षण शिविर में भाग लेने पहुंचीं डॉ. मिर्धा ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि भैराणा धाम का मामला स्थानीय संत समाज, साधु-संतों की गरिमा और आम जनता की धार्मिक भावनाओं से जुड़ा हुआ है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा नेतृत्व और राज्य सरकार इस विषय को शुरू से गंभीरता से ले रही थी तथा संत समाज की मांगों और चिंताओं को मुख्यमंत्री और शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचाया जा चुका था।

मिर्धा के अनुसार, प्रशासन और संत समाज के बीच संवाद की प्रक्रिया भी लगातार जारी थी ताकि कानूनसम्मत और सर्वमान्य समाधान निकाला जा सके। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी दौरान आरएलपी और हनुमान बेनीवाल ने इस धार्मिक मुद्दे को राजनीतिक रंग देने की कोशिश की, जिससे माहौल प्रभावित हुआ।

बेनीवाल की कार्यशैली पर भी उठाए सवाल

डॉ. ज्योति मिर्धा ने हनुमान बेनीवाल की राजनीतिक शैली पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वर्तमान राजस्थान विधानसभा में आरएलपी का एक भी विधायक नहीं है, लेकिन इसके बावजूद बेनीवाल स्वयं को ऐसे प्रस्तुत करते हैं मानो प्रदेश की राजनीति और सरकार उन्हीं के इर्द-गिर्द घूमती हो।

उन्होंने आरोप लगाया कि बेनीवाल सामाजिक, धार्मिक और पारिवारिक आयोजनों में भी राजनीतिक भाषण देने से नहीं चूकते तथा हर मंच का उपयोग राजनीतिक संदेश देने के लिए करते हैं। मिर्धा ने यह भी कहा कि बेनीवाल अक्सर विवादित और अमर्यादित भाषा का प्रयोग कर सुर्खियों में बने रहने की कोशिश करते हैं।

राजनीतिक चर्चाएं हुईं तेज

मिर्धा के इन बयानों के बाद नागौर और मारवाड़ क्षेत्र के राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद केवल भैराणा धाम तक सीमित नहीं है, बल्कि क्षेत्र की लंबे समय से चली आ रही राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता को भी दर्शाता है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच बयानबाजी और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

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