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राजनीति

काकोली घोष का TMC से किनारा!: TMC में बगावत: सांसद काकोली घोष का इस्तीफा, I-PAC पर फोड़ा ठीकरा

जोगेन्द्र सिंह शेखावत

बंगाल की राजनीति में हलचल, काकोली घोष ने जिला अध्यक्ष पद छोड़ा, सांसदी पर संशय।

HIGHLIGHTS

  • काकोली घोष ने टीएमसी के जिला अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया।
  • सांसद ने चुनावी रणनीति बनाने वाली कंपनी I-PAC को पतन का जिम्मेदार बताया।
  • उनके बेटे ने संकेत दिए कि वह सांसद पद भी छोड़ सकती हैं।
  • भ्रष्टाचार और घोटालों को पार्टी की हार और छवि खराब होने की मुख्य वजह बताया।
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कोलकाता |

पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर बड़ा भूचाल आ गया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) की वरिष्ठ नेता और बारासात से सांसद काकोली घोष ने पार्टी के संगठनात्मक जिला अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है।

इस इस्तीफे के बाद अब अटकलें तेज हो गई हैं कि क्या वह पार्टी और सांसदी भी छोड़ देंगी। काकोली घोष ने अपने इस बड़े फैसले के पीछे चुनावी रणनीति बनाने वाली कंपनी I-PAC को मुख्य रूप से जिम्मेदार ठहराया है।

I-PAC पर लगाए गंभीर आरोप

सांसद घोष ने जिला अध्यक्ष पद छोड़ते हुए I-PAC पर तीखा हमला बोला। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि इस एजेंसी ने पार्टी को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है और कार्यकर्ताओं को भ्रमित किया है।

घोष के अनुसार, बाहरी सलाहकारों ने समर्पित कार्यकर्ताओं के बीच भारी अराजकता फैलाई। राजनीति में 40-45 साल बिताने के बाद भी उन्हें 22-23 साल के अनुभवहीन युवाओं के निर्देशों का पालन करना पड़ रहा था।

इससे न केवल वरिष्ठ नेता बल्कि जमीनी स्तर के कार्यकर्ता भी बेहद आहत हैं। उनका मानना है कि इस बाहरी हस्तक्षेप ने पार्टी की साख और सांगठनिक ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाया है।

क्या सांसदी भी छोड़ेंगी काकोली?

काकोली घोष के बेटे बैद्यनाथ घोष ने इस पूरे घटनाक्रम पर एक बड़ा बयान जारी किया है। उनके मुताबिक, उनकी मां ने टीएमसी महिला विंग के पद से भी पहले ही इस्तीफा दे दिया है।

अब वह लोकसभा सदस्यता छोड़ने पर भी गंभीरता से विचार कर रही हैं। बैद्यनाथ ने साफ तौर पर कहा कि राज्य में हुए भ्रष्टाचार ने उनके परिवार की साफ-सुथरी छवि पर बुरा असर डाला है।

भ्रष्टाचार और गिरता जनाधार

चुनाव परिणामों का जिक्र करते हुए बैद्यनाथ ने बताया कि बारासात लोकसभा क्षेत्र की सात विधानसभा सीटों में से टीएमसी को छह पर करारी हार का सामना करना पड़ा है। यह पार्टी के लिए एक बड़ा चेतावनी संकेत है।

उनके अनुसार, शिक्षक भर्ती घोटाला, राशन घोटाला और हालिया आरजी कर अस्पताल जैसी हृदयविदारक घटनाओं ने आम जनता का पार्टी से भरोसा पूरी तरह तोड़ दिया है। अब जनता बदलाव की मांग कर रही है।

"अगर पार्टी के पतन की जड़ में कोई है, तो वह I-PAC है। उन्होंने सब कुछ खत्म कर दिया। इन सलाहकारों ने कार्यकर्ताओं को बहुत परेशान किया है और पार्टी की परंपराओं को नष्ट कर दिया है।"

ममता बनर्जी से की भावुक अपील

काकोली घोष ने तृणमूल कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सुब्रत बख्शी को अपना औपचारिक इस्तीफा भेज दिया है। उन्होंने पत्र में बारासात लोकसभा क्षेत्र में पार्टी के खराब प्रदर्शन की पूरी नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार की है।

उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से एक भावुक अपील की है। उन्होंने कहा कि पार्टी को बाहरी सलाहकारों के बजाय अपने पुराने और समर्पित कार्यकर्ताओं पर फिर से भरोसा करना चाहिए, क्योंकि वे ही पार्टी की आत्मा हैं।

फिलहाल, काकोली घोष के अगले राजनीतिक कदम पर सबकी नजरें टिकी हैं। उनके बेटे ने कहा कि यह किसी अन्य पार्टी में जाने का मामला नहीं है, बल्कि भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने का एक नैतिक फैसला है।

*Edit with Google AI Studio

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