मुंबई | बॉलीवुड के सबसे चर्चित और प्रभावशाली फिल्ममेकर्स में गिने जाने वाले करण जौहर आज अपना 54वां जन्मदिन मना रहे हैं। उनकी फिल्में जितनी भव्य होती हैं, उनकी निजी जिंदगी भी उतनी ही सुर्खियों में रहती है।
करण जौहर: एक अनकहा संघर्ष: करण जौहर: मजाक से मेट गाला तक, 54 की उम्र में कायम जलवा
बॉलीवुड के चर्चित फिल्ममेकर करण जौहर के जन्मदिन पर जानें उनके संघर्ष और सफलता की पूरी कहानी।
HIGHLIGHTS
- करण जौहर आज अपना 54वां जन्मदिन मना रहे हैं और वह इंडस्ट्री के सबसे प्रभावशाली व्यक्ति हैं।
- बचपन में अपनी आवाज और चाल के लिए उन्हें स्कूल में काफी मजाक सहना पड़ा था।
- सरोगेसी के जरिए वह यश और रूही नाम के दो बच्चों के गर्वित सिंगल पिता हैं।
- मेट गाला के रेड कार्पेट पर चलने वाले वह पहले भारतीय फिल्म निर्देशक बनकर इतिहास रच चुके हैं।
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बचपन का संघर्ष और पहचान की लड़ाई
25 मई 1972 को मुंबई में जन्मे करण जौहर मशहूर निर्माता यश जौहर के बेटे हैं। फिल्मी परिवार से होने के बावजूद उनका शुरुआती जीवन काफी कठिन और असुरक्षाओं से भरा रहा था।
करण जौहर बचपन में बेहद शर्मीले और अंतर्मुखी स्वभाव के थे। स्कूल और खेल के मैदान में अक्सर दूसरे बच्चे उनके बोलने के तरीके और चाल का मजाक उड़ाया करते थे।
उन्हें अक्सर 'लड़कियों जैसा' कहकर चिढ़ाया जाता था। इस वजह से करण धीरे-धीरे लोगों से दूर रहने लगे थे। उन्होंने खुद बताया कि वह उस दौर में काफी अकेला महसूस करते थे।
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उन्हें अपनी आवाज और बॉडी लैंग्वेज को लेकर गहरी असुरक्षा महसूस होती थी। यही कारण था कि उन्होंने खुद को समाज से काटने की कोशिश की और अपनी दुनिया में सिमट गए।
आवाज बदलने के लिए ली कड़ी ट्रेनिंग
अपनी आवाज के प्रति हीन भावना इतनी बढ़ गई थी कि करण ने इसे बदलने का फैसला किया। उन्होंने अपने माता-पिता से झूठ बोलकर आवाज भारी करने की ट्रेनिंग ली।
करण ने घर पर कहा कि वह कंप्यूटर क्लास जा रहे हैं। जबकि असल में वह एक वॉइस ट्रेनर के पास जाकर अपनी आवाज को ज्यादा 'मर्दाना' और आत्मविश्वासी बनाने का अभ्यास करते थे।
बाद में जब उनके घर में पहला कंप्यूटर आया, तो करण को उसे चालू करना तक नहीं आता था। तब उनके पिता को पता चला कि वह कंप्यूटर क्लास कभी गए ही नहीं थे।
असिस्टेंट डायरेक्टर से करियर का आगाज
करण जौहर की जिंदगी में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब उन्होंने 'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे' में काम किया। उन्होंने आदित्य चोपड़ा के साथ बतौर असिस्टेंट डायरेक्टर शुरुआत की थी।
इसी फिल्म में उन्होंने शाहरुख खान के दोस्त का एक छोटा सा किरदार भी निभाया था। शूटिंग के दौरान ही शाहरुख ने करण के भीतर छिपे एक निर्देशक को पहचान लिया था।
शाहरुख खान ने मुझसे कहा था कि करण, तुम्हें फिल्में डायरेक्ट करनी चाहिए। तुम इसी के लिए बने हो।
शुरुआत में करण को लगा कि शाहरुख सिर्फ मजाक कर रहे हैं। लेकिन शाहरुख की उस एक बात ने करण के मन में फिल्म निर्देशन का बीज बो दिया जो बाद में वटवृक्ष बना।
'कुछ कुछ होता है' ने रच दिया नया इतिहास
साल 1998 में करण जौहर ने फिल्म 'कुछ कुछ होता है' के साथ निर्देशन की दुनिया में कदम रखा। इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस के सारे पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए थे।
पहली ही फिल्म सुपरहिट होने के बाद करण बॉलीवुड के ए-लिस्ट डायरेक्टर्स में शामिल हो गए। इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और सफलता की सीढ़ियां चढ़ते गए।
उन्होंने 'कभी खुशी कभी गम', 'कल हो ना हो' और 'माई नेम इज खान' जैसी यादगार फिल्में दीं। उनकी फिल्मों में भव्यता, पारिवारिक भावनाएं और रोमांस का अनोखा संगम होता है।
करण की फिल्मों ने भारतीय सिनेमा को एक नई दिशा दी। उन्होंने दिखाया कि कैसे इमोशनल कहानियों को बड़े पर्दे पर लार्जर दैन लाइफ अंदाज में पेश किया जा सकता है।
विवादों और नेपोटिज्म से रहा गहरा नाता
सफलता के साथ-साथ करण जौहर का नाम हमेशा विवादों से भी घिरा रहा है। उन पर अक्सर बॉलीवुड में नेपोटिज्म यानी भाई-भतीजावाद को बढ़ावा देने के गंभीर आरोप लगते रहे हैं।
कंगना रनौत ने उनके ही शो 'कॉफी विद करण' में उन्हें 'नेपोटिज्म का ध्वजवाहक' कहा था। इसके बाद सोशल मीडिया पर करण को काफी ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा था।
हालांकि करण ने हमेशा इन आरोपों का गरिमा के साथ जवाब दिया। उनका कहना है कि उन्होंने केवल टैलेंट को मौका दिया है, चाहे वह फिल्मी परिवार से हो या बाहर से।
उन्होंने आलिया भट्ट, वरुण धवन और सिद्धार्थ मल्होत्रा जैसे आज के सुपरस्टार्स को लॉन्च किया। करण का मानना है कि अंततः दर्शक ही तय करते हैं कि कौन सुपरस्टार बनेगा।
निजी जिंदगी और बेबाक खुलासे
करण जौहर अपनी निजी जिंदगी को लेकर भी काफी पारदर्शी रहे हैं। उन्होंने एक टॉक शो के दौरान खुलासा किया था कि उन्होंने 26 साल की उम्र में अपनी वर्जिनिटी खोई थी।
उनके इस बेबाक बयान ने पूरी इंडस्ट्री और फैंस को चौंका दिया था। करण ने अपनी ऑटोबायोग्राफी 'एन अनसूटेबल बॉय' में भी अपनी जिंदगी के कई गहरे राज खोले हैं।
उन्होंने कभी शादी नहीं की, लेकिन साल 2017 में वह सरोगेसी के जरिए दो बच्चों के पिता बने। उनके बेटे का नाम यश और बेटी का नाम रूही है।
करण खुद को एक गर्वित सिंगल पैरेंट कहते हैं। वह अक्सर अपने बच्चों के साथ क्यूट वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर करते हैं, जिन्हें फैंस काफी पसंद करते हैं।
इंटरनेशनल फैशन आइकन बने करण
हाल के वर्षों में करण जौहर का एक नया अवतार दुनिया के सामने आया है। उन्होंने न केवल अपना वजन कम किया, बल्कि अपने फैशन सेंस से सबको हैरान कर दिया।
करण को उनके लग्जरी और महंगे कपड़ों के लिए जाना जाता है। वह इंटरनेशनल फैशन इवेंट 'मेट गाला' में रेड कार्पेट पर चलने वाले पहले भारतीय फिल्म डायरेक्टर बने।
आज 54 साल की उम्र में भी करण जौहर का जलवा बरकरार है। वह धर्मा प्रोडक्शंस के जरिए कई बड़ी फिल्मों का निर्माण कर रहे हैं और नए टैलेंट को मौका दे रहे हैं।
करण जौहर की कहानी उन सभी के लिए प्रेरणा है जो अपनी कमियों की वजह से डरते हैं। उन्होंने साबित किया कि मेहनत और जुनून से दुनिया को बदला जा सकता है।
एक लड़का जिसका कभी मजाक उड़ाया जाता था, आज वह पूरे बॉलीवुड की दिशा तय करता है। करण जौहर का नाम भारतीय सिनेमा के इतिहास में हमेशा स्वर्ण अक्षरों में रहेगा।
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