कुवैत सिटी | पश्चिम एशिया में तनाव अब एक खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी जंग का आज 26वां दिन है और इसकी आंच अब पड़ोसी देशों तक फैलने लगी है। मंगलवार रात ईरान ने कुवैत के इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भीषण ड्रोन हमला किया, जिससे वहां मौजूद मुख्य फ्यूल टैंक में आग लग गई। इस हमले के बाद पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल है। कुवैत की सिविल एविएशन अथॉरिटी ने पुष्टि की है कि आग बुझाने के लिए इमरजेंसी प्रोटोकॉल लागू कर दिए गए हैं। कुवैत की सेना ने जवाबी कार्रवाई करते हुए आकाश में ही कई दुश्मन मिसाइलों और ड्रोनों को नष्ट किया है। सेना ने नागरिकों से अपील की है कि वे सरकार के सुरक्षा निर्देशों का सख्ती से पालन करें।
कुवैत एयरपोर्ट पर भीषण ड्रोन हमला: कुवैत एयरपोर्ट पर ईरान का ड्रोन हमला, फ्यूल टैंक में लगी आग; इराक में अमेरिकी ठिकानों पर 23 स्ट्राइक, ट्रंप ने दिया सीजफायर का प्रस्ताव
पश्चिम एशिया में जारी महायुद्ध के 26वें दिन कुवैत के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भीषण ड्रोन हमला हुआ है। इराक में उग्रवादी समूहों ने अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया है, जबकि राष्ट्रपति ट्रंप ने शांति के लिए 15 सूत्री प्रस्ताव भेजा है।
HIGHLIGHTS
- कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट के फ्यूल टैंक पर ड्रोन हमला, सेना ने 5 दुश्मन ड्रोन मार गिराए।इराक के 'इस्लामिक रेजिस्टेंस' समूह ने पिछले 24 घंटों में 23 अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल दागे।ईरान में अब तक 1,500 लोगों की मौत, फिलीपींस ने तेल संकट के चलते ऊर्जा आपातकाल घोषित किया।डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान के जरिए ईरान को 15 सूत्री सीजफायर प्लान भेजा, बातचीत का दावा।
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इराक में अमेरिकी ठिकानों पर चौतरफा हमला
जंग का असर सिर्फ कुवैत तक सीमित नहीं है। इराक के एक शक्तिशाली उग्रवादी समूह 'इस्लामिक रेजिस्टेंस इन इराक' ने दावा किया है कि उसने पिछले 24 घंटों के भीतर अमेरिका से जुड़े 23 अलग-अलग ठिकानों पर घातक हमले किए हैं। इन हमलों में उन्नत किस्म के ड्रोन और कम दूरी की मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इराक के एक होटल को भी निशाना बनाया गया जहां अमेरिकी कर्मचारी ठहरे हुए थे। हालांकि, इन हमलों में हुए सटीक नुकसान का विवरण अभी साझा नहीं किया गया है, लेकिन अमेरिका ने इस क्षेत्र में अपनी सैन्य उपस्थिति और सतर्कता बढ़ा दी है।
ईरान में मानवीय संकट और तबाही के आंकड़े
युद्ध की विभीषिका ईरान के भीतर साफ देखी जा सकती है। अब तक प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, इस जंग में करीब 1,500 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 18,551 से अधिक लोग घायल हैं। मरने वालों में 8 महीने के मासूमों से लेकर 88 साल के बुजुर्ग तक शामिल हैं। ईरान के तेहरान स्थित रिहायशी इलाकों पर हुई एयरस्ट्राइक में भी भारी तबाही हुई है। मंगलवार रात वरामिन इलाके में हुए हमले में 12 लोगों की मौत हो गई। स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति भी चिंताजनक है; अब तक 55 हेल्थ वर्कर्स घायल हुए हैं और 11 की मौत हो चुकी है।
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ट्रंप का 15 सूत्री सीजफायर प्लान और कूटनीति
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका ने यह युद्ध व्यावहारिक रूप से जीत लिया है और ईरान अब पूरी तरह कमजोर हो चुका है। ट्रंप ने पाकिस्तान के माध्यम से ईरान को एक 15 सूत्री सीजफायर प्रस्ताव भेजा है। ट्रंप का कहना है कि उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और विदेश मंत्री मार्को रुबियो इस बातचीत को आगे बढ़ा रहे हैं। ट्रंप ने व्हाइट हाउस में मीडिया से कहा कि ईरान अब समझौता करना चाहता है क्योंकि उसकी सैन्य ताकत ध्वस्त हो चुकी है। हालांकि, ईरान की सेना ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा है कि अमेरिका के साथ कोई आधिकारिक बातचीत नहीं हो रही है और वे अपनी शर्तों पर ही पीछे हटेंगे।
विशेषज्ञों की चेतावनी: एस्केलेशन ट्रैप का खतरा
शिकागो यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर और डिफेंस एक्सपर्ट रॉबर्ट पेप ने चेतावनी दी है कि राष्ट्रपति ट्रंप एक 'एस्केलेशन ट्रैप' में फंस सकते हैं। पेप के अनुसार, युद्ध जब धीरे-धीरे बढ़ता है, तो वह एक ऐसे जाल का रूप ले लेता है जहां से निकलना मुश्किल होता है। उन्होंने आगाह किया कि अगर यह तनाव और बढ़ा, तो होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) बंद हो सकता है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति ठप हो जाएगी। इसका सीधा असर दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ेगा और तेल की कीमतें आसमान छूने लगेंगी। पेप का मानना है कि जब तक अमेरिका अपने सैनिकों को वापस नहीं बुलाता, तब तक शांति की उम्मीद करना बेमानी है।
वैश्विक प्रतिक्रिया और ऊर्जा संकट
ईरान युद्ध का असर अब दक्षिण-पूर्व एशिया तक महसूस किया जा रहा है। फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर ने देश में 'एनर्जी इमरजेंसी' की घोषणा कर दी है। तेल की कीमतों में भारी उछाल और सप्लाई चेन बाधित होने के कारण वहां बिजली संकट पैदा हो गया है। सरकार ने ट्रांसपोर्ट वर्कर्स को आर्थिक मदद देने की घोषणा की है। वहीं, नॉर्थ कोरिया के नेता किम जोंग उन ने इस युद्ध का हवाला देते हुए अपने परमाणु हथियारों के भंडार को सही ठहराया है। सऊदी अरब ने भी अपनी सीमाओं की सुरक्षा बढ़ाते हुए मंगलवार रात एक बैलिस्टिक मिसाइल और छह ड्रोनों को मार गिराने का दावा किया है।
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