डीग | राजस्थान के डीग जिले में मंगलवार शाम गैस सिलेंडर फटने से एक हृदय विदारक घटना सामने आई है। कामां इलाके में हुए इस हादसे में एक ही परिवार के सात सदस्य आग की चपेट में आ गए।
डीग: सिलेंडर ब्लास्ट में 2 की मौत: डीग में LPG सिलेंडर ब्लास्ट, भाई-बहन की मौत और 5 गंभीर
डीग जिले में गैस रिफिलिंग के दौरान सिलेंडर फटने से भीषण आग लगी, जिसमें दो बच्चों की जान चली गई।
HIGHLIGHTS
- डीग जिले के कामां में सिलेंडर फटने से भाई-बहन की दर्दनाक मौत हो गई।
- हादसा ईको वैन में अवैध रूप से गैस रिफिलिंग करने के दौरान हुआ।
- आग की लपटों ने गोदाम के ऊपर बने घर में मौजूद 7 लोगों को अपनी चपेट में लिया।
- गंभीर रूप से झुलसे घायलों का जयपुर के एसएमएस अस्पताल में इलाज जारी है।
संबंधित खबरें
डीग में LPG सिलेंडर ब्लास्ट: दो बच्चों की मौत
यह घटना कामां बस स्टैंड के पास स्थित एक कोल्ड ड्रिंक गोदाम में हुई। गैस भरते समय अचानक सिलेंडर में जोरदार धमाका हुआ। इस धमाके ने पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया।
हादसे में घायल हुए सात लोगों में से दो बच्चों, लक्ष्य (8) और अक्षरा (11), की मौत हो गई है। अक्षरा ने भरतपुर के अस्पताल में और लक्ष्य ने जयपुर ले जाते समय दम तोड़ा।
अवैध गैस रिफिलिंग बनी हादसे की वजह
संबंधित खबरें
प्रारंभिक जांच के अनुसार, गोदाम मालिक मनमोहन रसोई गैस सिलेंडर से अपनी ईको वैन की गैस किट में अवैध रूप से गैस भर रहा था। इसी दौरान एक सिलेंडर अचानक फट गया।
धमाका इतना शक्तिशाली था कि आग की लपटें सीधे गोदाम के ऊपर बने रिहायशी मकान तक पहुंच गईं। वहां मौजूद परिवार के अन्य सदस्य भी इसकी भीषण आग की चपेट में आ गए।
कामां अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दिनेश यादव ने बताया कि "प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि रसोई गैस सिलेंडर से गाड़ी में गैस भरी जा रही थी, तभी यह हादसा हुआ।"
धमाके से मची अफरा-तफरी
सिलेंडर फटने की आवाज सुनकर आसपास के लोग बड़ी संख्या में इकट्ठा हो गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और दमकल विभाग को सूचित किया। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग बुझाई।
हादसे के समय गोदाम में दो ईको वैन खड़ी थीं। आग इतनी भीषण थी कि दोनों गाड़ियां जलकर खाक हो गईं। घर के अंदर रखा काफी कीमती सामान भी जलकर राख हो गया है।
घायलों की हालत गंभीर
हादसे में झुलसे मनमोहन, उनकी पत्नी सरिता, भगवान सिंह, उनकी पत्नी नीरज और साक्षी का इलाज चल रहा है। इनमें से दो लोगों की हालत अब भी बहुत नाजुक बताई जा रही है।
भरतपुर के आरबीएम अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार, अक्षरा 50 प्रतिशत तक झुलस चुकी थी। उसके चेहरे और हाथ-पैर पर गहरे जख्म थे। अन्य सभी घायलों को जयपुर रेफर किया गया है।
निष्कर्ष और पुलिस कार्रवाई
पुलिस ने घटनास्थल पर एफएसएल (FSL) की टीम को भी बुलाया है। साक्ष्य जुटाने के बाद मामले की गहन जांच की जा रही है। यह घटना अवैध गैस रिफिलिंग के खतरों को उजागर करती है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सुरक्षा मानकों का पालन करें। लापरवाही के कारण दो मासूमों की जान चली गई और पूरा परिवार बिखर गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
*Edit with Google AI Studio