जयपुर | अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो की हालिया जयपुर यात्रा ने राजस्थान की सांस्कृतिक चमक को वैश्विक पटल पर एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है। उनकी यह यात्रा कूटनीति से ज्यादा सांस्कृतिक जुड़ाव वाली रही।
मार्को रूबियो की जयपुर यात्रा: जयपुर में मार्को रूबियो की पत्नी ने की जमकर खरीदारी
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो और उनकी पत्नी ने जयपुर की विरासत और हस्तशिल्प का आनंद लिया।
HIGHLIGHTS
- मार्को रूबियो की पत्नी जेनेट डी. रूबियो ने जयपुर में पारंपरिक राजस्थानी हस्तशिल्प और कारपेट की खरीदारी की।
- अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल ने विश्व प्रसिद्ध आमेर महल का भ्रमण किया और राजपूती वास्तुकला की सराहना की।
- जयपुर एयरपोर्ट पर मार्को रूबियो ने सुरक्षाकर्मियों और स्टाफ के साथ तस्वीरें खिंचवाकर उनका आभार जताया।
- एक दिवसीय यात्रा के दौरान राजस्थानी लोक कलाकारों ने मेहमानों का भव्य और पारंपरिक स्वागत किया।
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मंगलवार की सुबह जब वे जयपुर से दिल्ली के लिए रवाना हुए, तो उनके चेहरे पर गुलाबी नगरी की यादों की मुस्कान साफ झलक रही थी। उन्होंने यहां के वैभव को करीब से महसूस किया।
हस्तशिल्प और कला का आकर्षण
मार्को रूबियो की पत्नी जेनेट डी. रूबियो के लिए जयपुर का दौरा खरीदारी के लिहाज से भी खास रहा। वे अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के साथ रामगढ़ मोड़ स्थित हैंडीक्राफ्ट स्टोर पहुंचीं।
स्टोर में रखे गए राजस्थानी कारपेट और हाथ से बुने हुए कपड़ों ने जेनेट का ध्यान खींचा। उन्होंने वहां मौजूद कारीगरों के काम की बारीकियों को समझा और उनकी कला की काफी प्रशंसा की।
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बताया जा रहा है कि जेनेट ने कुछ चुनिंदा हस्तशिल्प वस्तुओं की खरीदारी भी की। हालांकि सुरक्षा प्रोटोकॉल के चलते यह जानकारी गोपनीय रखी गई है कि उन्होंने वास्तव में क्या खरीदा।
स्टोर के कर्मचारियों ने बताया कि अमेरिकी मेहमानों का व्यवहार बहुत ही विनम्र था। उन्होंने हर उत्पाद के पीछे की कहानी और उसके निर्माण की प्रक्रिया में गहरी रुचि दिखाई।
आमेर की भव्यता ने मोहा मन
सोमवार को जब यह प्रतिनिधिमंडल आमेर महल पहुंचा, तो वहां का नजारा देखने लायक था। लोक कलाकारों ने ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक गीतों के साथ उनका स्वागत किया।
रूबियो ने आमेर महल की दीवारों पर की गई नक्काशी और शीश महल की खूबसूरती को बड़े ध्यान से देखा। उन्होंने गाइड से महल के गौरवशाली इतिहास के बारे में कई सवाल भी पूछे।
"राजस्थान की मिट्टी में एक अलग ही जादू है। यहां की विरासत और लोगों का प्रेम वास्तव में दिल जीतने वाला है।"
एयरपोर्ट पर यादगार विदाई
जयपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर रूबियो का एक बहुत ही मानवीय पक्ष देखने को मिला। दिल्ली रवाना होने से पहले वे खुद चलकर सुरक्षाकर्मियों और एयरपोर्ट स्टाफ के पास गए।
उन्होंने न केवल उनका धन्यवाद किया, बल्कि उनके साथ सेल्फी और तस्वीरें भी खिंचवाईं। रूबियो के इस सहज व्यवहार ने वहां मौजूद हर कर्मचारी को प्रभावित किया और माहौल खुशनुमा हो गया।
सुरक्षा के लिहाज से पूरी यात्रा के दौरान कड़े प्रबंध थे। सांगानेर एयरपोर्ट से लेकर आमेर महल तक चप्पे-चप्पे पर पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां तैनात रहीं ताकि कोई चूक न हो।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के दौरों से राजस्थान के पर्यटन और हस्तशिल्प उद्योग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ा बढ़ावा मिलता है। अमेरिकी मेहमानों की यह यात्रा काफी सफल रही।
अंततः, जयपुर की मेहमाननवाजी और यहां की ऐतिहासिक धरोहरों ने अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल पर एक अमिट छाप छोड़ी है। यह दौरा भारत-अमेरिका संबंधों के मानवीय और सांस्कृतिक पक्ष को और भी गहरा कर गया।
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