जंतर-मंतर | नीट-यूजी (NEET-UG) पेपर लीक मामले को लेकर महीने भर से जारी विरोध प्रदर्शन ने कई युवा चेहरों को राष्ट्रीय पहचान दिलाई है। इस आंदोलन में अखिल भारतीय छात्र संघ (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और जेएनयू की शोधार्थी नेहा बोरा एक प्रमुख और असरदार आवाज बनकर उभरी हैं।
कौन हैं नेहा बोरा?: अनशन, डांस और डार्क ह्यूमर से छाईं नेहा बोरा
NEET-UG पेपर लीक विरोध में AISA अध्यक्ष नेहा बोरा एक प्रमुख चेहरा बनकर उभरीं। 23 दिनों के अनशन और सोशल मीडिया पर अपने अनोखे अंदाज से उन्होंने राष्ट्रीय पहचान बनाई।
HIGHLIGHTS
- NEET-UG पेपर लीक विरोध ने अखिल भारतीय छात्र संघ (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा को राष्ट्रीय पहचान दी।
- नेहा ने 23 दिनों तक भूख हड़ताल की, जिससे उनका वजन लगभग 7.5 किलो घट गया और ब्लड शुगर का स्तर खतरनाक रूप से नीचे गिर गया।
- शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर के बाद उन्होंने जंतर-मंतर पर 'दिल से' फिल्म के गानों पर डांस कर जश्न मनाया।
- आंदोलन के समापन से कुछ घंटे पहले वह विपक्ष के नेता राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी मंच पर मौजूद थीं।
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आंदोलन का चेहरा बनीं नेहा बोरा
'कॉकरोच जनता पार्टी' के नेतृत्व में चले इस आंदोलन में नेहा बोरा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वह जंतर-मंतर पर AISA के बैनर तले अनशन पर बैठीं और अपनी मांगों को लेकर अडिग रहीं।
23 दिनों की भूख हड़ताल
नेहा ने 23 दिनों तक भूख हड़ताल की, जो उनके दृढ़ संकल्प को दर्शाता है। इस लंबी भूख हड़ताल के दौरान उनके स्वास्थ्य पर भी असर पड़ा।
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जानकारी के अनुसार, इस दौरान उनका वजन लगभग 7.5 किलो घट गया और उनका ब्लड शुगर का स्तर भी खतरनाक रूप से नीचे गिर गया था।
जश्न का अनोखा अंदाज
25 जुलाई को जैसे ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर आई, जंतर-मंतर पर जश्न का माहौल बन गया।
इस दौरान नेहा बोरा और उनके साथी छात्र 'दिल से' फिल्म के गानों पर झूमते नजर आए। नेहा ने इसका वीडियो सोशल मीडिया पर भी साझा किया।
उन्होंने मशहूर क्रांतिकारी कार्यकर्ता एम्मा गोल्डमैन को उद्धृत करते हुए लिखा, 'अगर मैं नाच नहीं सकती, तो यह मेरी क्रांति नहीं होगी!'
सोशल मीडिया पर 'डार्क ह्यूमर'
इस कठिन अनशन के बीच भी नेहा ने जेन-ज़ी (Gen-Z) अंदाज में अपने इंस्टाग्राम रील्स के जरिए तीखा 'डार्क ह्यूमर' जारी रखा।
एक चर्चित रील में उन्होंने अपनी भोजन की भूख की तुलना केंद्र सरकार की 'सत्ता की भूख' से की थी, जिसने काफी ध्यान आकर्षित किया।
नेहा बोरा की पृष्ठभूमि
उत्तराखंड में पली-बढ़ीं नेहा बोरा एक रंगकर्मी भी हैं। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक और अंबेडकर विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर की पढ़ाई की है।
वर्तमान में वह जेएनयू के 'स्कूल ऑफ आर्ट्स एंड एस्थेटिक्स' से पीएचडी स्कॉलर हैं।
राहुल गांधी के साथ मंच पर
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और आंदोलन के समापन से ठीक कुछ घंटे पहले, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी।
इस दौरान राहुल गांधी के साथ मंच पर तीन युवा महिला कार्यकर्ता मौजूद थीं, जिनमें नेहा बोरा, दानिश अली और अंजलि शामिल थीं।
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