thinQ360
🏠 टॉप 🔥 राजनीति 📍 राज्य 📰 लाइफ स्टाइल 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 📰 जालोर 👤 शख्सियत 💻 तकनीक ✍️ Blog ⭐ सफलता की कहानी 🚨 क्राइम 📰 मनचाही ▶️ YouTube
राजनीति

राजस्थान में आयुष क्रांति का आगाज: मोदी सरकार का बड़ा फैसला: राजस्थान में 1019 नए आयुष केंद्रों को मिली मंजूरी, गांव-गांव तक पहुचेंगी स्वास्थ्य सेवाएं

Pradeep Beedawat

राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ ने बताया कि मोदी सरकार राजस्थान में आयुष सेवाओं का विस्तार कर रही है। पिछले 3 वर्षों में 1019 नए आयुष स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्रों को मंजूरी दी गई है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधाएं मजबूत होंगी।

+Follow us
thinQ360 को गूगल पर फेवरेट बनाएँ

HIGHLIGHTS

  • राजस्थान में पिछले तीन वर्षों में 1019 नए आयुष स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्रों को केंद्र ने मंजूरी दी।
  • इन केंद्रों को अब 'आयुष्मान आरोग्य मंदिर' के रूप में विकसित कर प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं दी जाएंगी।
  • आयुष निर्यात संवर्धन परिषद के माध्यम से भारतीय पारंपरिक दवाओं की वैश्विक पहुंच बढ़ाने पर जोर।
  • गुणवत्ता प्रमाणन योजना के जरिए आयुष उत्पादों की सुरक्षा और प्रभावशीलता सुनिश्चित की जाएगी।
modi govt ayush health centers rajasthan madan rathore update

जयपुर | राज्यसभा सांसद और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने मोदी सरकार की दूरदर्शी स्वास्थ्य नीतियों की जमकर सराहना की है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार देश की समृद्ध और पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों को वैश्विक स्तर पर सशक्त बनाने के लिए निरंतर समर्पित भाव से कार्य कर रही है। आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी जैसी पद्धतियां अब भारतीय स्वास्थ्य ढांचे का मुख्य स्तंभ बन चुकी हैं। मदन राठौड़ ने स्पष्ट किया कि इन प्रणालियों को न केवल शहरों बल्कि सुदूर गांवों तक पहुंचाने के लिए ठोस रणनीति अपनाई गई है।

राजस्थान में आयुष सेवाओं का महाविस्तार

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने राजस्थान के संदर्भ में महत्वपूर्ण आंकड़े साझा किए। उन्होंने बताया कि पिछले तीन वर्षों के संक्षिप्त कार्यकाल में ही राज्य के लिए 1019 नए आयुष स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्रों को केंद्र द्वारा मंजूरी प्रदान की गई है। वर्तमान में राजस्थान में कुल 2019 आयुष केंद्रों के संचालन की आधिकारिक स्वीकृति दी जा चुकी है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि मोदी सरकार राजस्थान की जनता के बेहतर स्वास्थ्य और पारंपरिक उपचार के प्रति कितनी गंभीर और संवेदनशील है। इन केंद्रों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को अब लंबी दूरी तय किए बिना अपने क्षेत्र में ही उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाएं मिल सकेंगी। यह राज्य के स्वास्थ्य ढांचे में एक बड़े बदलाव का संकेत है।

आयुष्मान आरोग्य मंदिर: स्वास्थ्य का नया केंद्र

राष्ट्रीय आयुष मिशन (एनएएम) के तहत इन केंद्रों का कायाकल्प किया जा रहा है। सरकार ने इन्हें 'आयुष्मान आरोग्य मंदिर (आयुष)' का नया नाम और स्वरूप दिया है, जो समग्र स्वास्थ्य की दिशा में एक बड़ा कदम है। इन आरोग्य मंदिरों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं के साथ पारंपरिक पद्धतियों का अद्भुत समन्वय देखने को मिलता है। यहां न केवल रोगों का उपचार होता है, बल्कि योग और जीवनशैली में बदलाव के माध्यम से स्वस्थ रहने के गुर भी सिखाए जाते हैं। राज्यसभा में पूछे गए एक सवाल के जवाब में आयुष मंत्रालय के राज्यमंत्री प्रतापराव जाधव ने इन उपलब्धियों की पुष्टि की है। सरकार का विजन स्पष्ट है कि स्वास्थ्य सेवाएं सस्ती, सुलभ और वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित होनी चाहिए।

वैश्विक मंच पर भारतीय आयुष की गूंज

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत अपनी पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों का लोहा पूरी दुनिया में मनवा रहा है। इसके लिए आयुष दवाओं के गहन अनुसंधान और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण और कड़े कदम उठाए गए हैं। विभिन्न अनुसंधान परिषदों के माध्यम से दवाओं के वैज्ञानिक अध्ययन और उनकी प्रमाणिकता पर निरंतर कार्य हो रहा है। इससे भारतीय दवाओं के प्रति अंतरराष्ट्रीय समुदायों का विश्वास पहले के मुकाबले कई गुना बढ़ गया है। 'आयुष निर्यात संवर्धन परिषद' के माध्यम से भारतीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में नई पहचान मिल रही है। साथ ही, 'आयुष गुणवत्ता प्रमाणन योजना' उत्पादों की सुरक्षा और उच्च गुणवत्ता को सुनिश्चित करने का काम कर रही है।

स्वस्थ और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण

मदन राठौड़ ने जोर देकर कहा कि ग्रामीण भारत का विकास तभी संभव है जब वहां के लोग स्वस्थ हों। केंद्र सरकार राज्यों के साथ मिलकर कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रही है ताकि आयुष सेवाओं का लाभ अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को मिले। प्रधानमंत्री के विजन के अनुसार, भारत अपनी प्राचीन चिकित्सा विरासत को आधुनिक विज्ञान की कसौटी पर परखकर आगे बढ़ रहा है। यह "स्वस्थ भारत" के संकल्प को सिद्ध करने की दिशा में एक ऐतिहासिक यात्रा है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में आयुष पद्धतियां वैश्विक स्वास्थ्य क्षेत्र में भारत का नेतृत्व सुनिश्चित करेंगी। सरकार का मुख्य लक्ष्य हर नागरिक को एक रोगमुक्त और सुखी जीवन प्रदान करना है।

शेयर करें: