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भारत

मोजतबा खामेनेई की इज़रायल पर भविष्यवाणी: 15 साल में मिटेगा इज़रायल

जोगेन्द्र सिंह शेखावत

ईरानी नेता मोजतबा खामेनेई ने इज़रायल के अंत की भविष्यवाणी करते हुए मुस्लिम देशों से एकजुट होने को कहा।

HIGHLIGHTS

  • ईरानी सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने कहा कि अगले 15 सालों में इज़रायल का अस्तित्व पूरी तरह से खत्म हो जाएगा।
  • मोजतबा ने इज़रायल को एक 'कैंसर' बताया और इसे अपने अस्तित्व के अंतिम चरण में होने का दावा किया।
  • यह भविष्यवाणी उनके पिता अली खामेनेई की 2015 की चेतावनी का विस्तार है जिसमें उन्होंने 25 साल की बात कही थी।
  • उन्होंने मुस्लिम देशों से अमेरिका और इज़रायल के खिलाफ एकजुट होने और अमेरिकी सैन्य ठिकानों को हटाने की अपील की।
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तेहरान | ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने ईद-उल-अज़हा से पहले एक सनसनीखेज संदेश जारी किया है। उन्होंने दावा किया है कि इज़रायल का वजूद अगले 15 सालों में पूरी तरह समाप्त हो जाएगा।

मोजतबा खामेनेई का यह बयान टेलीग्राम के जरिए सामने आया है। इस संदेश ने मिडिल ईस्ट की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है। ईरानी नेता ने इज़रायल को लेकर अपना रुख कड़ा कर दिया है।

मोजतबा खामेनेई की बड़ी भविष्यवाणी

मोजतबा ने अपने संदेश में कहा कि इज़रायल एक अस्थिर शासन है। उन्होंने इसे एक 'कैंसर' की तरह बताया जो अब अपने अंतिम चरण में है। उनके अनुसार इज़रायल का अंत अब बहुत करीब आ चुका है।

ईरानी नेता का मानना है कि ज़ियोनिस्ट शासन अब और अधिक समय तक अस्तित्व में नहीं रह पाएगा। उन्होंने इसे एक 'श्रापित अस्तित्व' करार दिया है। यह बयान ईरान की पुरानी विदेश नीति का ही हिस्सा है।

पिता की भविष्यवाणी का दिया हवाला

मोजतबा के पिता और ईरान के दिवंगत नेता अली खामेनेई ने भी 2015 में ऐसी ही चेतावनी दी थी। उस समय उन्होंने कहा था कि इज़रायल अगले 25 सालों तक नहीं बचेगा।

अब मोजतबा ने उसी समय सीमा को अपडेट किया है। उन्होंने 2015 से अब तक के 10 साल घटाकर नई चेतावनी जारी की है। यह भविष्यवाणी उनके समर्थकों के बीच काफी चर्चा का विषय बनी हुई है।

मुस्लिम देशों से एकजुट होने की अपील

मोजतबा ने अपने संदेश में मुस्लिम देशों से एक खास अपील की है। उन्होंने कहा कि सभी इस्लामी देशों को अमेरिका और इज़रायल के खिलाफ एकजुट हो जाना चाहिए। यह समय की मांग है।

उन्होंने हालिया ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों को 'विजयी' बताया। मोजतबा के अनुसार, इन हमलों ने इज़रायल की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। उन्होंने इसे ईरान की एक बड़ी रणनीतिक जीत करार दिया है।

"मिडिल ईस्ट की शक्तियाँ अब अमेरिकी सैन्य ठिकानों के लिए ढाल नहीं बनेंगी। अमेरिका को अब इस क्षेत्र में कोई सुरक्षित पनाहगाह नहीं मिलने वाली है। समय अब पीछे नहीं मुड़ेगा।"

अमेरिका के लिए कड़ी चेतावनी

मोजतबा ने मिडिल ईस्ट के अन्य देशों को भी आगाह किया है। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय देशों को अपने यहाँ स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को तुरंत बंद कर देना चाहिए। यह क्षेत्र की शांति के लिए जरूरी है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका अब इस क्षेत्र में अपनी मनमानी नहीं कर पाएगा। मोजतबा के अनुसार, मिडिल ईस्ट के देश अब जाग चुके हैं और वे अपनी सुरक्षा खुद करने में पूरी तरह सक्षम हैं।

तनाव के बीच बातचीत का दौर

ईरान और अमेरिका के बीच भले ही जुबानी जंग जारी हो, लेकिन कूटनीतिक रास्ते पूरी तरह बंद नहीं हुए हैं। दोनों देशों के बीच सीज़फायर को लेकर पर्दे के पीछे बातचीत की खबरें आ रही हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में ईरान के साथ एक बड़ी डील हो सकती है। हालांकि, मोजतबा के ताजा बयान ने इन उम्मीदों पर फिलहाल सवाल खड़े कर दिए हैं।

निष्कर्ष के तौर पर, मोजतबा खामेनेई का यह बयान क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा सकता है। इज़रायल और ईरान के बीच की यह दुश्मनी आने वाले दिनों में क्या नया मोड़ लेगी, यह देखना दिलचस्प होगा।

*Edit with Google AI Studio

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