माउंट आबू | राजस्थान के प्रसिद्ध हिल स्टेशन माउंट आबू में सोमवार को "गौ माता की सेवा अभियान" के तहत जनभावनाओं का एक विशाल ज्वार उमड़ पड़ा। साधु-संतों और सामाजिक संगठनों के नेतृत्व में निकली इस भव्य रैली ने पूरे शहर को गोभक्ति की गहरी लहर में पूरी तरह डुबो दिया।
इस ऐतिहासिक अभियान में इनर व्हील क्लब और लायंस क्लब जैसे संगठनों के साथ-साथ भारी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। रैली के दौरान गूंजते "गौ माता की जय" के नारों ने प्रशासन का ध्यान इस गंभीर विषय की ओर मजबूती से आकर्षित किया।
माउंट आबू में गौसेवा का सैलाब: माउंट आबू: गौसेवा अभियान में उमड़ा सैलाब, भावुक हुईं गीता अग्रवाल
माउंट आबू में गौ माता की सेवा के लिए विशाल रैली, प्रशासन को सौंपा गया ज्ञापन।
HIGHLIGHTS
- माउंट आबू में साधु-संतों और सामाजिक संगठनों द्वारा भव्य गौसेवा रैली का आयोजन किया गया।
- समाजसेविका गीता अग्रवाल अभियान के दौरान गौमाता के प्रति अपनी भावनाओं को लेकर भावुक हुईं।
- प्रशासन को सौंपे ज्ञापन में गौशाला अनुदान बढ़ाने और अवैध गोवध पर कड़ी कार्रवाई की मांग की गई।
- प्रत्येक गांव में गौसंरक्षण समितियों के गठन का प्रस्ताव प्रशासन के समक्ष रखा गया है।
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गीता अग्रवाल की भावुक अपील
कार्यक्रम की प्रमुख प्रेरणास्रोत और समाजसेविका गीता अग्रवाल अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए मंच पर ही भावुक हो गईं और उनकी आंखें भर आईं। उन्होंने नम आंखों से कहा कि गौमाता केवल एक पशु नहीं बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत का आधार हैं।
उन्होंने भारी मन से कहा कि गौमाता की रक्षा करना हमारा परम कर्तव्य है और देशभर से आए लोगों का यह सैलाब देखकर उनका मन अत्यंत अभिभूत है। गीता अग्रवाल वर्षों से गौसेवा और बालिकाओं के अध्ययन जैसे पुनीत कार्यों के लिए समर्पित रही हैं।
"गौमाता हमारी मां समान हैं। यह अभियान न केवल उनकी सेवा का माध्यम है, बल्कि हमारी सांस्कृतिक धरोहर को बचाने का संकल्प भी है।"
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प्रशासन को सौंपा महत्वपूर्ण ज्ञापन
सुबह पोलो ग्राउंड से शुरू हुई इस रैली में भाजपा कार्यकर्ताओं सहित विभिन्न संगठनों के लोग उत्साहपूर्वक शामिल हुए। रैली के समापन पर एक प्रतिनिधिमंडल ने उपखण्ड अधिकारी के प्रतिनिधि गोपी परमार को ज्ञापन सौंपकर गौवंश के संरक्षण हेतु तत्काल कदम उठाने की मांग की।
ज्ञापन में प्रमुख रूप से गौशालाओं के लिए सरकारी अनुदान बढ़ाने, चारे-पानी की व्यवस्था सुधारने और अवैध गोवध पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की बात कही गई। इसके अलावा, प्रत्येक गांव में गौसंरक्षण समितियों के गठन का प्रस्ताव भी रखा गया ताकि जमीनी सुरक्षा सुनिश्चित हो।
इस अभियान ने माउंट आबू में सेवा और समर्पण की एक नई मिसाल पेश की है। देशभर से जुटे लोगों के इस सैलाब ने यह साबित कर दिया कि गौमाता का सम्मान और सुरक्षा आज के समय की सबसे बड़ी सामाजिक आवश्यकता बन चुकी है।
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