दिल्ली | भारतीय क्रिकेट जगत के लिए यह एक अनोखी और गर्व की बात है। दिल्ली में जन्मे 30 वर्षीय ऑलराउंडर निखिल चौधरी इतिहास रचने की दहलीज पर हैं। उन्हें ऑस्ट्रेलिया की राष्ट्रीय टी20 टीम में बांग्लादेश के खिलाफ होने वाली सीरीज के लिए चुना गया है। यह एक असाधारण उपलब्धि है।
Cricket: 60 साल बाद इतिहास! भारतीय निखिल चौधरी ऑस्ट्रेलियाई टीम में
दिल्ली में जन्मे निखिल चौधरी को ऑस्ट्रेलिया की टी20 टीम में जगह मिली है। वह 60 साल में ऐसा करने वाले पहले भारतीय मूल के खिलाड़ी बन सकते हैं।
HIGHLIGHTS
- 60 साल बाद किसी भारतीय मूल के पुरुष क्रिकेटर को ऑस्ट्रेलियाई टीम में मौका मिला है।
- निखिल चौधरी दिल्ली में जन्मे हैं और भारत में पंजाब के लिए खेल चुके हैं।
- बिग बैश लीग (BBL) में होबार्ट हरीकेन्स के लिए शानदार प्रदर्शन किया।
- उन्हें स्टार बल्लेबाज ट्रैविस हेड की जगह टीम में शामिल किया गया है।
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कौन हैं निखिल चौधरी?
निखिल चौधरी का जन्म भारत की राजधानी दिल्ली में हुआ था। उन्होंने अपने क्रिकेट करियर की शुरुआत पंजाब से की, जहाँ उन्होंने हरभजन सिंह, शुभमन गिल और अभिषेक शर्मा जैसे बड़े खिलाड़ियों के साथ ड्रेसिंग रूम साझा किया।
उन्होंने पंजाब के लिए 14 व्हाइट-बॉल मैच खेले और अपनी प्रतिभा की झलक दिखाई। यहाँ तक कि उन्होंने आईपीएल की सबसे सफल टीमों में से एक, मुंबई इंडियंस (MI) के लिए ट्रायल भी दिया था।
पंजाब से ऑस्ट्रेलिया तक का सफर
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निखिल की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है। साल 2020 में, जब पूरी दुनिया कोरोना महामारी से जूझ रही थी, निखिल अपने अंकल से मिलने ऑस्ट्रेलिया के क्वींसलैंड गए थे।
उसी दौरान अंतरराष्ट्रीय यात्रा पर प्रतिबंध लग गया और वह वहीं फंस गए। इस मजबूरी ने अनजाने में उनके लिए एक नया रास्ता खोल दिया। उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट में शून्य से शुरुआत करने का फैसला किया।
उनकी कड़ी मेहनत और लगन रंग लाई। जल्द ही वह तस्मानिया की घरेलू टीम और बिग बैश लीग (BBL) में होबार्ट हरीकेन्स के एक महत्वपूर्ण सदस्य बन गए।
BBL में दिखाया दम, ऐसे खुली किस्मत
निखिल ने बिग बैश लीग में अपने प्रदर्शन से सबका ध्यान खींचा। पिछले सीजन में, उन्होंने होबार्ट हरीकेन्स के लिए खेलते हुए 153 के शानदार स्ट्राइक रेट से 307 रन बनाए।
सबसे दिलचस्प बात यह है कि भारत की स्पिन-फ्रेंडली पिचों पर खेलने के बावजूद, उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की तेज पिचों पर तेज गेंदबाजों के खिलाफ 180 के तूफानी स्ट्राइक रेट से रन बनाए।
यही नहीं, उन्होंने तस्मानिया के लिए न्यू साउथ वेल्स के खिलाफ एक बेहतरीन शतक भी जड़ा और क्वींसलैंड के खिलाफ 5 विकेट लेकर अपने ऑलराउंड प्रदर्शन का सबूत दिया।
उनके इसी शानदार फॉर्म ने ऑस्ट्रेलियाई चयनकर्ताओं को प्रभावित किया। उन्हें स्टार बल्लेबाज ट्रैविस हेड की जगह टीम में शामिल किया गया है, जो निजी कारणों से सीरीज से बाहर हैं।
क्या कहते हैं नियम?
एक सवाल यह उठता है कि क्या भारतीय नागरिक ऑस्ट्रेलिया के लिए खेल सकता है? भले ही निखिल के पास अभी ऑस्ट्रेलियाई नागरिकता नहीं है, लेकिन उनके पास वहां की परमानेंट रेजीडेंसी (PR) है।
आईसीसी (ICC) के नियमों के अनुसार, यह उन्हें ऑस्ट्रेलिया का प्रतिनिधित्व करने के योग्य बनाता है। अगर उन्हें प्लेइंग इलेवन में मौका मिलता है, तो वह 1964 के बाद ऑस्ट्रेलिया के लिए खेलने वाले पहले भारतीय मूल के पुरुष क्रिकेटर बन जाएंगे।
ऑस्ट्रेलियाई चयनकर्ता टोनी डोडेमाइड ने कहा, "निखिल काफी समय से हमारी नजरों में थे और उन्होंने अपनी BBL फॉर्म से सबको प्रभावित किया है।"
यह चयन भारतीय प्रतिभा की वैश्विक पहचान का एक और प्रमाण है। निखिल की कहानी उन हजारों युवा क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा है जो बड़े सपने देखते हैं। अब देखना यह होगा कि वह इस मौके का कितना फायदा उठाते हैं। ऑस्ट्रेलियाई टीम 17, 19 और 21 जून को बांग्लादेश से चटोग्राम में भिड़ेगी।
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