माउंट आबू | पर्यटन स्थल माउंट आबू में स्वच्छ भारत मिशन के दावों की पोल खुलती नजर आ रही है। यहां राजस्थान सरकार द्वारा नियुक्त मिशन के ब्रांड एंबेसडर के. गुप्ता के पोस्टर के ठीक नीचे गंदगी और कचरे का अंबार लगा हुआ है, जो व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
स्वच्छता के दावों की खुली पोल
पिछले 5 महीनों में ब्रांड एंबेसडर के. गुप्ता ने अधिकारियों के साथ बैठकें की थीं। उन्होंने साफ-सफाई पर विशेष निगरानी रखने और मुख्य मार्गों को गंदगी मुक्त रखने के कड़े निर्देश दिए थे।
गली-मोहल्लों में भी निरंतर सफाई के निर्देश दिए गए थे। लेकिन, ये सभी निर्देश हवा-हवाई साबित हो रहे हैं।
तस्वीरें बयां कर रही हकीकत
जो तस्वीरें सामने आई हैं, वे चौंकाने वाली हैं। ब्रांड एंबेसडर के पोस्टर के नीचे ही कूड़ा-करकट फैला हुआ है।
इस कचरे के ढेर पर दर्जनों गायें बैठी हैं और प्लास्टिक के साथ-साथ अन्य गंदगी खा रही हैं।
गौवंश के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार, प्लास्टिक और गंदगी खाने से इन गायों के पेट में ट्यूमर और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं, जिससे उनकी जान भी जा सकती है।
इस तरह बड़े-बड़े पोस्टर लगाकर गौ माता की सेवा और संरक्षण का संदेश भी धूल में मिलता नजर आ रहा है।
पूरे शहर का भ्रमण करने पर भी विभिन्न स्थानों पर कचरा पाया गया और पालतू पशु भी इस गंदगी को खाते हुए नजर आए।
प्रशासन ने दिया कार्रवाई का आश्वासन
इस मामले पर जब नगर पालिका आयुक्त रामकिशोर मेहता से जानकारी ली गई, तो उन्होंने बताया कि वे आज ही जमादार को पाबंद कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जमादार को पूरे शहर का निरीक्षण करने के लिए भेजा जा रहा है।
आयुक्त ने यह भी कहा कि वे लंच के बाद खुद भी शहर का चक्कर लगाकर गंदगी का निरीक्षण करेंगे और जहां भी सफाई नहीं मिली, वहां कड़ी कार्रवाई की जाएगी।