thinQ360
thinQ360
🏠 टॉप 🔥 राजनीति 📍 राज्य 📰 लाइफ स्टाइल 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 👤 शख्सियत 💻 तकनीक ✍️ Blog ⭐ सफलता की कहानी 🚨 क्राइम 📰 मनचाही ▶️ YouTube
राज्य

राजस्थान में नारी शक्ति बिल पर घमासान: नारी शक्ति वंदन विधेयक गिरने पर राजस्थान में सियासी संग्राम: भजनलाल, गहलोत और वसुंधरा राजे के बीच जुबानी जंग

बलजीत सिंह शेखावत

दिल्ली में नारी शक्ति वंदन विधेयक के पारित न होने से राजस्थान की राजनीति गरमा गई है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और वसुंधरा राजे ने विपक्ष को महिला विरोधी बताया, वहीं अशोक गहलोत ने इसे परिसीमन की साजिश करार दिया।

HIGHLIGHTS

  • संसद में 131वां संविधान संशोधन विधेयक पारित न होने पर राजस्थान के नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी।
  • मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विपक्षी दलों को महिला सशक्तिकरण के मार्ग में सबसे बड़ा बाधक बताया।
  • अशोक गहलोत ने केंद्र पर आरोप लगाया कि बिल के पीछे परिसीमन के जरिए विपक्ष को फंसाने की साजिश थी।
  • वसुंधरा राजे ने इसे करोड़ों महिलाओं के सपनों पर आघात बताते हुए इंडी गठबंधन की आलोचना की।
nari shakti bill row rajasthan politics bhajanlal gehlot raje

जयपुर | दिल्ली की संसद में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक-2026 के पारित न होने की गूंज अब राजस्थान के सियासी गलियारों में साफ सुनाई दे रही है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर मचे इस घमासान ने राज्य में एक नया मोर्चा खोल दिया है। भाजपा इसे महिला सशक्तिकरण के खिलाफ साजिश बता रही है, जबकि कांग्रेस इसे राजनीतिक जाल करार दे रही है। इस मुद्दे पर राजस्थान के दिग्गजों के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का कड़ा प्रहार

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोशल मीडिया पर इस घटनाक्रम को 'लोकतंत्र को शर्मसार करने वाला' बताया। उन्होंने कांग्रेस, सपा, टीएमसी और डीएमके जैसे दलों को जमकर घेरा।

उन्होंने कहा कि इन परिवारवादी पार्टियों ने सत्ता के लालच में नारी शक्ति का अपमान किया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह आक्रोश अब थमेगा नहीं और महिलाएं इसका जवाब देंगी।

शर्मा ने कहा कि 2029 तो क्या, आने वाले हर चुनाव में देश की महिलाएं इस विश्वासघात का बदला लेंगी। उन्होंने इसे सीधे तौर पर महिलाओं के संवैधानिक अधिकारों पर प्रहार करार दिया है।

अशोक गहलोत ने मंशा पर उठाए सवाल

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केंद्र सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल खड़े किए। गहलोत ने कहा कि मोदी और शाह को पता था कि विपक्ष के बिना यह बिल पास नहीं होगा।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने जानबूझकर सर्वदलीय बैठक नहीं बुलाई। गहलोत ने इस बिल को एक 'खतरनाक जाल' बताया क्योंकि इसके पीछे परिसीमन का डर छिपा था।

उन्होंने असम और जम्मू-कश्मीर का उदाहरण देते हुए कहा कि भाजपा ने ऐसी परिस्थितियां बनाईं ताकि बिल गिर जाए। गहलोत के अनुसार सारा ठीकरा विपक्ष पर फोड़ने की यह एक सोची-समझी चाल थी।

वसुंधरा राजे: महिलाओं के सपनों पर आघात

वरिष्ठ भाजपा नेता वसुंधरा राजे ने भी विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि नारी राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है और आज जो हुआ वह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।

राजे ने इंडी गठबंधन को 'महिला विरोधी' करार दिया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में भागीदार बना रहे थे, लेकिन विपक्षी दलों ने इसे रोक दिया।

उन्होंने जोर देकर कहा कि देश की नारी अब जागरूक है। वह अपने वोट की शक्ति से उन ताकतों को जवाब देगी जिन्होंने उनके सपनों और अधिकारों को रोकने का प्रयास किया है।

शेयर करें:

ताज़ा खबरें