नरसिंहपुर | मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर जिले में हाल ही में एक डराने वाली घटना सामने आई है। यहाँ के खैरीनाका इलाके में एक घर के अंदर खाना बनाते समय अचानक इंडक्शन कुकटॉप में जोरदार धमाका हो गया।
इस घटना के समय रसोई में महिला और बच्चे मौजूद थे। जानकारी के अनुसार, जब खाना बन गया और महिला ने इंडक्शन से बर्तन को नीचे उतारा, तभी मशीन के अंदर ब्लास्ट हो गया।
राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी को गंभीर चोट नहीं आई। हालांकि, इस घटना ने उन हजारों परिवारों को चिंता में डाल दिया है जो आजकल गैस के विकल्प के रूप में इंडक्शन का उपयोग कर रहे हैं।
इंडक्शन ब्लास्ट: क्या रसोई में बिजली से कुकिंग सुरक्षित है? जानें बचाव के जरूरी नियम
मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर में इंडक्शन कुकटॉप फटने की घटना ने सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानें इस हादसे के पीछे के कारण और सुरक्षित कुकिंग के लिए अपनाए जाने वाले जरूरी उपाय।
HIGHLIGHTS
- नरसिंहपुर के खैरीनाका में खाना बनाते समय इंडक्शन कुकटॉप में हुआ जोरदार धमाका।
- एलपीजी गैस की बढ़ती कीमतों के कारण लोग तेजी से इलेक्ट्रिक कुकिंग विकल्पों को अपना रहे हैं।
- इंडक्शन पर कभी भी खाली बर्तन न रखें और हमेशा सही प्रीसेट मोड का ही चुनाव करें।
- बर्तनों की जांच के लिए चुम्बक का प्रयोग करें; केवल चुंबकीय आधार वाले बर्तन ही उपयोग करें।
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महंगाई और इंडक्शन का बढ़ता चलन
एलपीजी गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों और किल्लत के बीच लोग तेजी से इलेक्ट्रिक इंडक्शन कुकटॉप की ओर रुख कर रहे हैं। यह उपयोग में आसान और किफायती माना जाता है।
बाजार में बढ़ती मांग के कारण कई कंपनियां सस्ते इंडक्शन बेच रही हैं। लेकिन तकनीक का सही ज्ञान न होना और घटिया क्वालिटी के उपकरण कभी-कभी जानलेवा साबित हो सकते हैं।
इंडक्शन कुकिंग: सुरक्षा के लिए अपनाएं ये नियम
इंडक्शन का सही तरीके से इस्तेमाल करना बेहद जरूरी है। सबसे बुनियादी नियम यह है कि कभी भी खाली बर्तन को इंडक्शन पर रखकर मशीन चालू न करें।
खाली बर्तन बहुत तेजी से गर्म होता है, जिससे इंडक्शन की ऊपरी सतह (ग्लास) और आंतरिक सर्किट पर अत्यधिक दबाव पड़ता है। हमेशा बर्तन में सामग्री डालने के बाद ही हीट बढ़ाएं।
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प्रीसेट मोड और टाइमर का सही उपयोग
इंडक्शन में अलग-अलग व्यंजनों के लिए प्रीसेट मोड दिए जाते हैं। यदि आपको तापमान की सही जानकारी नहीं है, तो हमेशा प्रीसेट मोड पर ही कुकिंग करें ताकि ओवरहीटिंग न हो।
टाइमर फीचर का उपयोग करना एक समझदारी भरा कदम है। इससे तय समय के बाद इंडक्शन खुद बंद हो जाता है। खाना बनाते समय मशीन को कभी भी बिना निगरानी के न छोड़ें।
बर्तनों का चुनाव और रखरखाव
इंडक्शन पर केवल वही बर्तन काम करते हैं जिनका आधार चुंबकीय होता है। इसकी जांच के लिए आप बर्तन के नीचे चुम्बक चिपका कर देख सकते हैं।
स्टील और आयरन के बर्तन आमतौर पर सुरक्षित रहते हैं। एल्युमिनियम, तांबे या कांच के बर्तनों का उपयोग इंडक्शन पर भूलकर भी न करें, क्योंकि ये मशीन को नुकसान पहुँचा सकते हैं।
बिजली और वायरिंग की सावधानी
इंडक्शन को हमेशा एक समतल और सूखी जगह पर रखें। गीले हाथों से स्विच बोर्ड या मशीन को छूने से बचें। ओवरलोडेड बिजली सॉकेट का उपयोग करने से शॉर्ट सर्किट का खतरा बढ़ जाता है।
उपयोग से पहले कंपनी द्वारा दिए गए यूजर्स मैन्युअल को ध्यान से पढ़ें। इंडक्शन कुकटॉप गैस की तुलना में एक सुरक्षित विकल्प है, बशर्ते आप सावधानी और नियमों का पूरी तरह पालन करें।
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